छत्तीसगढ़ के दुर्ग रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक रेल हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया. राजधानी रायपुर में पदस्थ ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक संदीप कुमार सिन्हा की चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश के दौरान दर्दनाक मौत हो गई. हादसा इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई. पूरी घटना रेलवे स्टेशन पर लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई.
जानकारी के मुताबिक, 58 वर्षीय संदीप कुमार सिन्हा दुर्ग के कर्मचारी नगर स्थित साईं मंदिर के पास वार्ड-58 में रहते थे. वे ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी में क्षेत्रीय प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे और उनका कार्यालय रायपुर में था. रोज की तरह शुक्रवार सुबह भी वे ट्रेन के जरिए रायपुर जाने के लिए दुर्ग रेलवे स्टेशन पहुंचे थे.
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बताया गया कि वे ट्रेन संख्या 22845 पुणे-हटिया एक्सप्रेस में सवार होने की कोशिश कर रहे थे. ट्रेन प्लेटफॉर्म नंबर-3 से गुजर रही थी. इसी दौरान ट्रेन में चढ़ते समय उनका संतुलन बिगड़ गया और पैर फिसलने से वे प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच पटरी पर जा गिरे. हादसे में उनका दाहिना पैर ट्रेन की चपेट में आ गया और कट गया.
CCTV में कैद हुआ दर्दनाक हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के तुरंत बाद स्टेशन परिसर में चीख-पुकार मच गई. यात्रियों ने तत्काल रेलवे अधिकारियों और जीआरपी को सूचना दी. कुछ ही देर में रेलवे पुलिस और स्टेशन प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल संदीप कुमार सिन्हा को तत्काल दुर्ग अस्पताल पहुंचाया गया.
हालांकि, अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके और अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. इस दर्दनाक हादसे का CCTV वीडियो भी सामने आया है, जिसमें ट्रेन में चढ़ने के दौरान उनका पैर फिसलते और पटरी पर गिरते देखा जा सकता है.
देखें वीडियो...
घटना के बाद रेलवे स्टेशन पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा. यात्रियों की भीड़ मौके पर जमा हो गई, जबकि रेलवे कर्मचारियों और पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए आवश्यक कार्रवाई शुरू की.
जीआरपी ने पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव
जीआरपी चौकी प्रभारी राजेश मिश्रा ने बताया कि संदीप कुमार सिन्हा, उम्र 58 वर्ष, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी रायपुर में मैनेजर के पद पर कार्यरत थे. वे पुणे-हटिया एक्सप्रेस से रायपुर जाने के लिए प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास कर रहे थे.
इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वे ट्रेन के नीचे आ गए, जिससे उनका पैर कट गया. जीआरपी की टीम उन्हें तत्काल दुर्ग अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इसके बाद पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर शव का पोस्टमार्टम कराया और शव परिजनों को सौंप दिया. पूरे मामले की जांच जारी है.
रेलवे पुलिस हादसे के सभी पहलुओं की जांच कर रही है. प्रारंभिक जांच में इसे दुर्घटनावश हुई मौत माना जा रहा है.
फिर सामने आया बड़ा सबक, चलती ट्रेन में चढ़ना कितना खतरनाक
दुर्ग रेलवे स्टेशन पर हुआ यह हादसा एक बार फिर यह संदेश देता है कि चलती या छूटती ट्रेन में चढ़ने और उतरने की कोशिश जानलेवा साबित हो सकती है. कुछ सेकंड बचाने की जल्दबाजी जिंदगी पर भारी पड़ सकती है.
रेलवे लगातार यात्रियों से अपील करता रहा है कि ट्रेन पूरी तरह रुकने के बाद ही उसमें चढ़ें या उतरें. इसके बावजूद ऐसे हादसे लगातार सामने आ रहे हैं. दुर्ग की यह घटना भी लापरवाही और जोखिम भरे प्रयास के खतरनाक अंजाम की एक दर्दनाक मिसाल बन गई.