बिहार में बाढ़ का कहर जारी है. बागमती और कमला-बलान में आई हाहाकारी बाढ़ से दरंभगा के कई हिस्से बाढ़ की चपेट में हैं. बाढ़ में फंसे ज्यादातर लोगों के पास खाने तक के लिए कुछ नहीं है. जुगाड़ के सहारे किसी तरह जिंदगी कट रही है. बाढ़ में बेघर हो चुके लोगों की शिकायत है कि अब तक कोई सरकारी मदद नहीं पहुंची.
बिहार के करीब 55 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बाढ़ से बेहाल इलाकों का हवाई दौरा कर लोगों को हर तरह की मदद का भरोसा दिया, लेकिन पानी का प्रकोप झेल रहे लोगों की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं. सिर्फ दरभंगा ही नहीं सूबे के 12 जिले भयंकर बाढ़ की चपेट में हैं.
Bihar: Locals of a village in Darbhanga are facing hardships due to flooding in the area following rainfall, say,"it's been more than a week now our homes have been flooded. We are bound to stay near the railway track. We are yet to receive any help from the govt."(21.7)
— ANI (@ANI)
बाढ़ में बेघर हो चुके लोगों की शिकायत है कि अब तक कोई सरकारी मदद नहीं पहुंची. इन्हें भूखे पेट जीना पड़ रहा है. दरभंगा समेत बिहार के 12 जिलों के सैकड़ों गांवों की हालत बद से बदतर है. बाढ़ में आने-जाने के लिए लोगों ने बांस-बल्लियों को जोड़कर एक अस्थाई पुल बना लिया है, जिसकी मदद से आ-जा रहे हैं.
: Ruckus broke out in community kitchen after locals allege non-availability of food, in Kadwa area of Katihar. (21/7/2019)
— ANI (@ANI)
सैकड़ों गांवों के ज्यादातर घरों में कमर से कंधे तक बाढ़ का पानी भरा हुआ है. ऐसे में लोगों की नजरें हमेशा आसमान की ओर हैं. शायद कोई हेलीकॉप्टर आए और कुछ खाने-पीने के लिए राहत साम्रगी गिरा जाए. बच्चे भूख से परेशान है. गांव के लोग कुछ खाने-पीने के सामान का इंतजाम करने में जुटे हैं.
बाढ़ में बेघर कुछ लोगों ने नेशनल हाईवे पर शरण ली है. पानी के कब्जे से बची जमीन पर अस्थाई घर बनाया जा रहा है, जिससे हालात सामान्य होने तक वक्त काटा जा सके. बागमती और कमला-बलान में आई हाहाकारी बाढ़ से दरंभगा समेत 12 जिले भयंकर बाढ़ की चपेट में है.