सेरेब्रल पाल्सी एक ऐसी बीमारी है जिसमें किसी व्यक्ति को बोलने, देखने या सुनने में कठिनाई होने लगती है. हाथ कांपते हैं और मांसपेशियों में भी जकड़न होती है. फिलहाल इस बीमारी का कोई पक्का इलाज मेडिकल साइंज में मौजूद नहीं है, लेकिन हाल में हुई एक रिसर्च ने उम्मीद जगाई है. करंट रिसर्च इन ट्रांसलेशनल मेडिसिन नाम की मेडिकल जर्नल में एक रिसर्च प्रकाशित हुई है. इसमें बताया गया है कि कॉर्ड ब्लड यानी बच्चे के जन्म के बाद उसकी गर्भनाल और प्लेसेंटा में बचा हुए खून से इस बीमारी को कुछ हद तक काबू में किया जा सकता गै.
इस रिसर्च में इस खून से मिलने वाली सेल्स के इस्तेमाल को लेकर कुछ अच्छे नतीजे सामने आए है. हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि इससे सेरेब्रल पाल्सी पूरी तरह ठीक हो सकती है. माता-पिता के लिए यह समझना जरूरी है कि रिसर्च में क्या सामने आया है और अभी किन बातों की पुष्टि होना बाकी है.
नई रिसर्च में क्या सामने आया?
इस रिसर्च में सेरेब्रल पाल्सी के इलाज में कॉर्ड ब्लड और उससे मिलने वाली सेल्स के इस्तेमाल से जुड़े 10 क्लिनिकल ट्रायल के नतीजों का विश्लेषण किया गया. इन ट्रायल में कुल 621 मरीज शामिल थे. रिसर्च में पाया गया कि इलाज पाने वाले बच्चों की शारीरिक गतिविधियों में 12 महीने तक, तुलना वाले समूह के मुकाबले ज्यादा सुधार हुआ. इसके लिए जीएमएफएम नाम के एक स्कोर का इस्तेमाल किया गया. इससे पता चलता है कि बच्चा बैठने, खड़े होने, चलने और शरीर की दूसरी एक्टिविटी को कितनी अच्छी तरह कर पा रहा है.
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क्या हर बच्चे के लिए इलाज है असरदार
रिसर्च में पाया गया कि दोनों तरह की सेल्स पर हुए नतीजे एक जैसे नहीं थे. इसलिए अभी यह साबित नहीं हुआ है कि यह इलाज हर बच्चे के लिए असरदार होगा. इसकी पुष्टि के लिए ज्यादा बच्चों पर और बड़े स्तर पर रिसर्च करने की जरूरत है. लेकिन इस रिसर्च ने सेरेब्रल पाल्सी के मरीजों के लिए उम्मीद की किरण जगा दी है.
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क्या कहते हैं एक्सपर्ट
क्रायोविवा लाइफ साइंसेज़ की मेडिकल प्रवक्ता डॉ. गीतिका जस्सल बताती हैं कि कॉर्ड ब्लड से जुड़ा यह इलाज अभी रिसर्च के दौर में है. इसे सेरेब्रल पाल्सी का पक्का इलाज नहीं माना जा सकता. इससे यह गारंटी भी नहीं मिलती कि हर बच्चे की हालत में सुधार होगा या वह पूरी तरह ठीक हो जाएगाय अगर माता-पिता अपने बच्चे के लिए स्टेम सेल ट्रीटमेंट के बारे में सोच रहे हैं, तो उन्हें डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिम.