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अस्पतालों में सिंगल-यूज मेडिकल डिवाइस दोबारा इस्तेमाल करने पर रोक, केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को दिया निर्देश

स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने देश भर के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को सिंगल यूज मेडिकल डिवाइस के दोबारा इस्तेमाल पर बैन लगाने का आदेश दिया है. आदेश के अनुसार, सिंगल यूज डिवाइस को स्टेरलाइज करके दोबारा यूज नहीं किया जा सकता क्योंकि इससे मरीजों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है.

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सिंगल यूज मेडिकल डिवाइस
सिंगल यूज मेडिकल डिवाइस

देश के सभी अस्पतालों में सिंगल यूज मेडिकल डिवाइस और डिस्पोजेबल का दोबारा इस्तेमाल करने पर रोक लगाई गई है. केंद्र सरकार के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने इस बाबत एक ऑर्डर जारी किया है. इसमें  'सिंगल-यूज़' (एक बार इस्तेमाल होने वाले) मेडिकल डिवाइस को दोबारा स्टेरलाइज करके यूज न करने की हिदायत दी गई है. स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि ऐसा करना मरीजों की जान जोखिम में डालता है और संक्रमण के खतरे को बहुत अधिक बढ़ा देता है.

स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय को ऐसी शिकायतें मिली थीं कि कई अस्पतालों में सिंगल यूज मेडिकल डिवाइस का कई बार अलग- अलग मरीजों पर इस्तेमाल किया जा रहा है, जो बीमारी के खतरे को बढ़ा देता है. ऐसे में ये आदेश जारी किया गया है जो देश के सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के लिए है. 

नियम न मानने पर सख्त कार्रवाई

सिंगल-यूज डिवाइस केवल एक ही मरीज पर एक ही बार इस्तेमाल के लिए बनाए जाते हैं. इन्हें दोबारा उपयोग के लिए साफ या स्टेरलाइज नहीं किया जा सकता. ऐसे में सभी राज्यों के स्वास्थ्य विभागों और अस्पतालों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि वे इस नियम का कड़ाई से पालन करें. उल्लंघन करने वाले स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है.

आदेश में कहा गया है कि सभी अस्पतालों में इन मेडिकल डिवाइस पर लिखे गए नियमों के हिसाब से ही उनका यूज करना चाहिए. भारत सरकार के Medical Devices Rules, 2017 के तहत सिंगल-यूज़ डिवाइस के दोबारा इस्तेमाल पर रोक है.

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क्या होते हैं सिंगल-यूज मेडिकल डिवाइस?

सिंगल यूज मेडिकल डिवाइस यानी ऐसे मेडिकल डिवाइस हैं जिन्हें केवल एक मरीज या एक प्रोसीजर में इस्तेमाल करने के लिए बनाया जाता है. इनमें सुई, सिरिंज और कुछ डिस्पोजेबल डिवाइस होते हैं. इन्हें इस्तेमाल के बाद साफ करके दोबारा चलाने के लिए डिजाइन नहीं किया जाता. ये एक बार यूज के लिए ही बने होते हैं.

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दोबारा इस्तेमाल से कौन-सी बीमारियों का खतरा?

अगर इस्तेमाल की गई सुई या सिरिंज को दूसरे मरीज पर इस्तेमाल किया जाए, तो संक्रमित खून के जरिए बीमारियां फैल सकती हैं. इनमें HIV, हेपेटाइटिस-B और हेपेटाइटिस-C प्रमुख हैं. 

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