दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए सोनम वांगचुक की 30 जून को अचानक तबीयत बिगड़ गई. वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल पर बैठे हैं, और ये प्रदर्शन अब भी जारी है.
इसी बीच CJP के प्रदर्शन का बताकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. वीडियो रात के वक्त का है. इसमें कुछ युवा लड़कियां और लड़के आपस में किसिंग करते हुए देखे जा सकते हैं. वहीं बाकी लोग इन्हें चीयर करते हुए दिखाई दे रहे हैं.
वीडियो को एक्स पर शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, “रात 2 बजे जंतर मंतर. कॉकरोच प्रोटेस्ट अपने पीक पर होता है. ये प्रोटेस्ट नहीं रुकेगा..युहीं चलेगा..बढ़ेगा.” पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो 2014 में हुए ‘किस ऑफ लव’ कैंपेन के दौरान का है. इसका जंतर-मंतर पर हो रहे CJP के प्रोटेस्ट से कोई लेना-देना नहीं है.
कैसे पता की सच्चाई?
वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें ये 12 नवंबर, 2014 के एक यूट्यूब वीडियो में मिला. इतनी बात तो यहीं साफ हो गई कि ये वीडियो 10 साल से भी ज्यादा पुराना है, और CJP के विरोध प्रदर्शन से संबंधित नहीं हो सकता है. इस यूट्यूब वीडियो के कैप्शन के मुताबिक ये वीडियो JNU (जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय) का है और ‘किस ऑफ लव’ कैंपेन के वक्त का है.
‘किस ऑफ लव’ नाम के फेसबुक पेज ने 9 नवंबर, 2014 को एक पोस्ट किया था, जिसमें वायरल वीडियो वाली लड़कियां देखी जा सकती हैं. पोस्ट के मुताबिक ये प्रोटेस्ट JNU के गंगा ढाबा के पास हुआ था. न्यूज एजेंसी PTI की 9 नवंबर, 2014 की खबर भी यही कहती है.
‘किस ऑफ लव’ 2014 में मॉरल पुलिसिंग के खिलाफ हुआ एक अनोखा और अहिंसक विरोध प्रदर्शन था. इस कैंपेन के जरिए युवा लड़के और लड़कियां सार्वजनिक रूप से गले मिलकर, और एक-दूसरे को किस करके अपनी आजादी जाहिर करते थे.
इसकी शुरुआत केरल से हुई थी, जब अक्टूबर 2014 में कोच्चि के एक कैफे कुछ यंग कपल्स के गले मिलने और किस करने का वीडियो सामने आने के बाद कुछ लोगों ने इसे भारतीय संस्कृति के खिलाफ बताकर कैफे में तोड़फोड़ की. इसके विरोध में ‘किस ऑफ लव’ कैंपेन की शुरूआत हुई.
साफ है कि 2014 के पुराने वीडियो को जंतर-मंतर पर CJP के प्रोटेस्ट का बताकर झूठ फैलाया जा रहा है.