scorecardresearch
 

'विजय ने कहा पीछे मत हटना,' जन नायगन के टलने से टूट गए थे डायरेक्टर, अब बॉक्स ऑफिस पर छाई

थलपति विजय की फिल्म जन नायगन कई महीनों तक सेंसर बोर्ड में अटकने के बाद रिलीज हुई है. ऐसे में इसके डायरेक्टर एच.विनोथ ने बताया कि कैसे इस मुश्किल समय में तमिलनाडु के सीएम उनके साथ खड़े रहे.

Advertisement
X
कैसे अटकी थी विजय की जन नायगन? (Photo: A still from Jana Nayagan)
कैसे अटकी थी विजय की जन नायगन? (Photo: A still from Jana Nayagan)

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय की सिनेमा में आखिरी पारी जन नायगन से समाप्त होती है. इस फिल्म का उनके फैंस को काफी समय से इंतजार था. एक वक्त पिक्चर की रिलीज पर सस्पेंस बरकरार था. मगर सेंसर बोर्ड से पास हो जाने के बाद, वो चीज भी दूर हो गई. 23 जुलाई को ये फिल्म रिलीज हुई और आते ही बॉक्स ऑफिस पर भी छा गई. 

रिलीज होते ही छाई विजय की फिल्म

सीएम विजय की फिल्म जन नायगन पूरे इंडिया में करीब 13000 स्क्रीन्स पर रिलीज हुई है. इसका फर्स्ट डे बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 40 करोड़ रुपये नेट गया है. तमिलनाडु में फिल्म किसी एटम बम की तरह फटी है. थलपति की फिल्म ने रिलीज से पहले कई मुश्किलों का सामना किया था, जिसके बाद अब इसकी सफलता कई लोगों के चेहरे पर मुस्कान छोड़ने वाली है. 

थलपति विजय की फिल्म जन नायगन करीब 6 महीने तक सेंसर बोर्ड में अटकी थी. इसकी पहली रिलीज डेट जनवरी 2026 में पोंगल के मौके पर तय की गई थी. मगर फिल्म को सेंसर बोर्ड से हरी झंडी नहीं मिली, जिसके बाद ये रिलीज ही नहीं हो पाई. कई महीनों तक इसे अटकाए रखा गया. इसी बीच फिल्म ऑनलाइन लीक भी हो गई थी, जिससे मेकर्स को भारी नुकसान भी हुआ. हाल ही में फिल्म के डायरेक्टर एच.विनोथ ने जन नायगन के साथ हुए पूरे सेंसर बोर्ड के खेल का खुलासा किया. 

Advertisement

कैसे सेंसर में अटकी जन नायगन?

रंगाराज पांडे के शो पर एच विनोथ ने बताया कि उन्हें अपनी फिल्म को लेकर थोड़ा डर था. इसलिए उन्होंने रिलीज से पहले एडवांस में 20 दिन पहले ही सेंसर सर्टिफिकेट के लिए आवेदन भर दिया. डायरेक्टर का दावा है कि सेंसर बोर्ड को शुरुआत में फिल्म से कोई आपत्ति नहीं थी. उन्हें एक मारधाड़ वाले सीन से परेशानी थी, जिसके लिए वो फिल्म को U/A 16+ सर्टिफिकेट देने के बारे में सोच रहे थे. इसके बाद डायरेक्टर ने अपनी फिल्म में थोड़े कट्स पर काम करना शुरू किया. 

एच विनोथ आगे बताते हैं कि जब वो फाइनल कट वाली जन नायगन सर्टिफिकेशन के लिए सेंसर बोर्ड के पास भेज रहे थे, तब सर्वर में दिक्कत आने लगी जिसके बाद परिस्थिति गड़बड़ होने लगी. सेंसर बोर्ड की तरफ से अचानक सर्टिफिकेशन प्रोसेस रोका गया. डायरेक्टर का कहना है कि उस वक्त एक और फिल्म परसक्ति भी रिलीज होने वाली थी, जो सेंसर बोर्ड में अटकी हुई थी. मगर उस फिल्म को बाद में सर्टिफिकेट मिल गया, जबकि थलपति की फिल्म रोकी गई.

थलपति ने दिया साथ

एच विनोथ ने इस पूरी प्रक्रिया में थलपति विजय का क्या रिएक्शन था, इसका भी खुलासा किया. उन्होंने कहा- मुझे याद है विजय ने कहा था कि चाहे कुछ भी हो जाए, मैं अंत तक तुम्हारे साथ खड़ा रहूंगा. पीछे मत हटना. डायरेक्टर ने बताया कि इस सेंसर बोर्ड विवाद में विजय या फिल्म के प्रोड्यूसर का हौंसला नहीं टूटा था. बल्कि वो बेशक टूट गए थे. वो उदास थे और रोते भी रहे थे. मगर विजय और प्रोड्यूसर के साहस ने उन्हें हिम्मत दी.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement