बारिश के इस मौसम में कई तरह के वायरस एक्टिव हो जाते है. इस वजह से फ्लू और वायरल बुखार के मामले भी बढ़ रहे हैं. बुखार होने पर कई लोग खुद से ही पैरासिटामोल दवा लेकर खा लेते हैं, लेकिन यह दवा क्या हल्के फीवर में भी खा लेनी चाहिए. कितना बुखार होने पर पैरासिटामोल लेनी चाहिए. इसकी क्या डोज सही है और कब लेना फायदेमंद है यह जानना आपके लिए जरूरी है.
इस बारे में आजतक.इन को दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. एल. एच घोटेकर ने बताया है.
डॉ घोटेकर बताते हैं कि पैरासिटामोल का इस्तेमाल बेचैनी और बुखार को कम करने के लिए किया जाता है. यह बुखार की असली वजह का इलाज नहीं करती है. ऐसा नहीं है कि थर्मामीटर पर आपको 100 डिग्री बुखार दिख गया तो पैरासिटामोल लेना जरूरी है. दवा कब लेनी चाहिए यह इस बात पर निर्भर करता है कि व्यक्ति कैसा महसूस कर रहा है. जब तक कि बुखार बहुत तेज न हो या कोई गंभीर लक्षण न हों तो पैरासिटामोल लेने से बचना चाहिए.
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पैरासिटामोल कब लेनी चाहिए?
डॉ. घोटेकर बताते हैं कि सिर्फ़ इसलिए पैरासिटामोल लेने की ज़रूरत नहीं है कि आपका तापमान 100°F (37.8°C) तक पहुंच गया है. अगर बुखार 100.4°F (37.8–38°C) से कम है और आप ठीक महसूस कर रहे हैं, तो आम तौर पर दवा की जरूरत नहीं होती है. इस दौरान यह जरूरी है कि आप अपने शरीर में पानी की कमी न होने दें. आराम करें और अपने बुखार पर ध्यान दें की कहीं वह बढ़ तो नहीं रहा है. पैरासिटामोल लेने के बारे में तब सोचें जब आपका बुखार 100.4–101°F (38–38.3°C) हो और आप बेचैनी महसूस कर रहे हों या शरीर में दर्द शुरू हो गया हो
पैरासिटामोल की कितनी डोज लेना सही
दिन में एक बार 500 से 1000 mg की एक दवा ले सकते हैं. अगर फिर भी बुखार नहीं उतर रहा है तो 4 से 6 घंटे में फिर ले सकते हैं, लेकिन डॉक्टर की देखरेख के बिना प्रति दिन 3,000 mg से ज़्यादा न लें. कुछ गाइडलाइंस स्वस्थ वयस्कों में प्रतिदिन 4,000 mg तक लेने की इजाज़त देती हैं, लेकिन 3,000 mg/दिन या उससे कम मात्रा लेने से लिवर को नुकसान होने का खतरा कम हो जाता है, खासकर अगर इसे कई दिनों तक इस्तेमाल किया जाए.
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इस बात का ध्यान रखें कि पैरासिटामोल की दो डोज के बीच कम से कम 4 घंटे का अंतर रखें.अगर आपका बुखार कम हो जाता है और आप ठीक महसूस करते हैं, तोइसे तय समय पर लेते रहने की कोई ज़रूरत नहीं है. दूसरी डोज़ तभी लें जब बुखार वापस आ जाए या लक्षण फिर से दिखने लगें और कम से कम 4 घंटे बीत चुके हों.