सुभाष घई बॉलीवुड के मशहूर निर्माता-निर्देशक हैं, जिन्हें शोमैन ऑफ द मिलेनियम के रूप में भी जाना जाता है. उन्होंने हिंदी सिनेमा को कई ब्लॉकबस्टर और सुपरहिट फिल्में दी हैं, जिसमें 'खलनायक', 'हीरो', 'परदेश' जैसै सुपरहिट फिल्में शामिल है. पांच दशकों से फिल्मी इंडस्ट्री में काम करने वाले सुभाष घई ने अब आज के एक्टर्स की सोच पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि आज के एक्टर्स के लिए अपनी कला से ज्यादा कमाई मायने रखती है.
हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान सुभाष घई ने बताया कि उनके समय और आज के समय में बहुत बदलाव आया है. उन्होंने कहा, 'आज के दौर को बिजनेस ने टेकओवर कर लिया है. आज के बच्चे ज्यादा पैसा कमाना चाहते हैं, जबकि कला को उनके लिए उतनी इंपोर्टेंट नही रही. हमारे समय में एक्टर बनने की इच्छा सबसे ऊपर रहती थी. हम सोचते थे कि पैसा तो बाद में भी आ ही जाएगा. कोई भी पैसे का इंतजार नहीं करता था. एक्टर्स कहानी और किरदार के आधार पर फिल्म साइन करते थे. मेरी फिल्मों के ज्यादातर स्टार ने अच्छी किरदार और कहानी के कारण अपनी फीस का केवल 40 प्रतिशत ही लिया था.'
सुभाष ने आज के दौर के एक्टर्स के बारे में क्या कहा?
सुभाष घई का कहना है कि पहले के एक्टर्स पैसे के बजाय कला को महत्व देते थे, जबकि अब ऐसा नहीं रहा. कला को पहले के जैसा महत्व नहीं दिया जाता है. उन्होंने कहा, 'अगर आज किसी एक्टर को उसकी फीस से 40 प्रतिशत लेने को कहा जाए तो उसके चार मैनेजर बीच में आ जाएंगे और तीन पीआर उस एक्टर को सेलिब्रिटी के तौर पर पेश करने लगेंगे.
घई ने कहा कि आज के समय में एक्टर्स के पास फिल्मों के अलावा कमाई के कई और भी जरिए हैं. हालांकि ये सब कुछ समय तक ही रहता है और तीन-चार साल बाद यह क्रेज खत्म हो जाता है. उसके बाद उस एक्टर की चर्चा कम होने लगती है और उनकी जगह कोई और ले लेता है.'
हाल ही में कॉफी विद करण के सीजन 9 में सलमान खान भी फिल्म इंडस्ट्री में काम करने के तरीके और एक्टर्स की प्राथमिकताओं को लेकर अपनी बात रख चुके हैं. शो में करण जौहर ने पुराने दौर के सुपस्टार की पॉपुलैरिटी का जिक्र किया था. उन्होंने अक्षय कुमार, अजय देवगन, शाहरुख खान और सलमान खान जैसे स्टार्स का उदाहरण देते हुए कहा था कि आज के दौर में भी पुराने एक्टर्स दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में कामयाब रहे हैं. दर्शकों को आज भी पुराने एक्टर्स की फिल्म पहले के जैसी ही पसंद आती हैं. करण के इस बात पर सलमान ने कहा, 'हमारी पीढ़ी अपने काम में दिलचस्पी रखती है. हम घर से बाहर निकलकर अच्छा काम करना चाहते हैं. कभी हमारा काम अच्छा हो जाता है और कभी नहीं.'