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Spider-Man का Kiss Scene कटा, इन फिल्मों पर भी चली थी सेंसर की कैंची

CBFC ने 'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' के मेकर्स से 8 सेकंड का लिप-लॉक सीन हटाने को कहा है. हालांकि ये पहली बार नहीं है, जब सेंसर ने ऐसा कहा हो. आइए ऐसी ही दूसरी हॉलीवुड फिल्मों पर भी नजर डालते हैं.

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हॉलीवुड पर चली सेंसर की कैंची (Photo: ITG)
हॉलीवुड पर चली सेंसर की कैंची (Photo: ITG)

हाल ही में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने अपकमिंग फिल्म 'स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे' के मेकर्स को एक 8 सेकंड लंबा किसिंग सीन हटाने का निर्देश दिया है. जिसके बाद से ही सेंसरशिप को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है. हालांकि, यह पहला मौका नहीं है जब किसी हॉलीवुड फिल्म के सीन पर भारतीय सेंसर बोर्ड ने अपनी कैंची चलाई हो. 

भारत में रिलीज होने से पहले विदेशी फिल्मों को यहां के सांस्कृतिक मानकों और नियमों के दायरे से गुजरना ही पड़ता है. चाहे बात जेम्स बॉन्ड की सुपरहिट फ्रेंचाइजी की हो, ऑस्कर विजेता 'ओपेनहाइमर' की या फिर सुपरहीरो कहानियों की, CBFC अक्सर बोल्ड, इंटीमेट और किसिंग सीन्स पर कड़े फैसले लेता आया है. आइए नजर डालते हैं ऐसी ही कुछ चर्चित और बड़ी हॉलीवुड फिल्मों पर, जिन्हें भारतीय सिनेमाघरों तक पहुंचने से पहले सेंसर बोर्ड के कड़े छांट-काट का सामना करना पड़ा.

स्पेक्टर (2015)
डैनियल क्रेग की मशहूर जेम्स बॉन्ड फिल्म 'स्पेक्टर' सेंसरशिप के इतिहास में सबसे विवादित मामलों में से एक रही है. फिल्म में जेम्स बॉन्ड और मैडलिन स्वान (लेआ सेडौक्स) के बीच के किसिंग सीन को काफी छोटा करने का आदेश दिया गया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 40 सेकंड लंबे इस रोमांटिक सीन को घटाकर केवल 22 सेकंड का कर दिया गया था. CBFC की एक अनौपचारिक गाइडलाइन है कि फिल्मों में किसिंग सीन तय सीमा से ज्यादा लंबे नहीं होने चाहिए.

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सुपरमैन (2025)
फिल्म 'सुपरमैन' में सुपरमैन (डेविड कोरेनस्वेट) और लोइस लेन (राचेल ब्रोसनाहन) के बीच के दो बड़े किसिंग सीन्स पर CBFC ने कैंची चलाई थी. इसमें हवा में शूट किया गया लगभग 33 सेकंड का एक लंबा किसिंग सीन भी शामिल था, जिसे हटाने या काफी छोटा करने का निर्देश दिया गया. बोर्ड ने फिल्म को UA 13+ सर्टिफिकेट देने से पहले इन दृश्यों को अत्यधिक कामुक करार दिया था.

ओपेनहाइमर (2023)
क्रिस्टोफर नोलन की मास्टरपीस 'ओपेनहाइमर' में CBFC ने किसिंग सीन्स को तो रहने दिया, लेकिन कई इंटीमेट सीन्स में बदलाव किए. जे रॉबर्ट ओपेनहाइमर (सिलियन मर्फी) और जीन टैटलॉक (फ्लोरेंस प्यू) के एक सीन में न्यूडिटी को छुपाने के लिए CGI तकनीक का इस्तेमाल किया गया और काले कपड़ों का विजुअल इफेक्ट जोड़ा गया. हालांकि, फिल्म के किसिंग सीन्स में ज्यादा बदलाव नहीं किए गए थे.

डेडपूल (2016)
अत्यधिक बोल्ड ह्यूमर, हिंसा और अभद्र भाषा से भरपूर 'डेडपूल' को भारत में रिलीज करने से पहले कई बड़े कट्स से गुजरना पड़ा. CBFC के निर्देश पर बहुत ज्यादा बोल्ड माने जाने वाले इंटीमेट और किसिंग सीन्स को छोटा किया गया, जबकि कई गालियों और ग्राफिक दृश्यों को म्यूट या पूरी तरह से हटा दिया गया. इन सारे बदलावों के बाद फिल्म को भारत में A-सर्टिफिकेट दिया गया था.

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द गर्ल विद द ड्रैगन टैटू (2011)
डेविड फिन्चर के निर्देशन में बनी फिल्म 'द गर्ल विद द ड्रैगन टैटू' को इसमें मौजूद डार्क कंटेंट, न्यूडिटी और हिंसा के कारण भारी सेंसरशिप झेलनी पड़ी थी. भारतीय सर्टिफिकेशन के नियमों के मुताबिक ढालने के लिए किसिंग और सेक्सुअल एनकाउंटर वाले कई इंटीमेट दृश्यों को या तो पूरी तरह हटा दिया गया या फिर काफी छोटा कर दिया गया.

फिफ्टी शेड्स ऑफ ग्रे (2015)
हॉलीवुड फिल्मों के मामले में CBFC का सबसे सख्त रवैया 'फिफ्टी शेड्स ऑफ़ ग्रे' पर देखने को मिला था. बेहद बोल्ड सीन्स, लंबे किसिंग मोमेंट्स, न्यूडिटी और BDSM कंटेंट होने के कारण बोर्ड ने फिल्म में बहुत बड़े कट्स की मांग की थी. हालांकि, इतने कट्स के साथ फिल्म को दिखाने के बजाय प्रोडक्शन हाउस यूनिवर्सल पिक्चर्स ने इसे भारत के थिएटर्स में रिलीज ही न करने का फैसला किया.

लव एंड अदर ड्रग्स (2010)
जेक गिलेनहाल और ऐनी हैथवे स्टारर इस रोमांटिक ड्रामा फिल्म में कई बोल्ड और बेडरूम सीन्स शामिल थे. भारत में रिलीज की मंजूरी पाने के लिए CBFC ने मेकर्स को कई रोमांटिक कट्स लगाने का आदेश दिया. इसके तहत कुछ किसिंग सीन्स को छोटा किया गया, जबकि ज्यादा बोल्ड सीन्स को पूरी तरह से एडिट कर हटा दिया गया.

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द वुल्फ ऑफ़ वॉल स्ट्रीट (2014)
मार्टिन स्कॉर्सेसे की चर्चित फिल्म 'द वुल्फ ऑफ वॉल स्ट्रीट' दर्जनों बदलावों के बाद ही भारतीय दर्शकों तक पहुंच पाई थी. फिल्म में से कई किसिंग, इंटीमेट और बोल्ड सीन्स हटा दिए गए थे. इसके अलावा न्यूडिटी, ड्रग्स के इस्तेमाल और गाली-गलौज वाले दृश्यों पर भी बड़े पैमाने पर कैंची चलाई गई थी.

ब्लैक स्वान (2010)
डैरेन एरोनोफ़्स्की की साइकोलॉजिकल थ्रिलर 'ब्लैक स्वान' अपने बोल्ड कंटेंट और न्यूडिटी के चलते सेंसर बोर्ड के रडार पर आ गई थी. थिएटर रिलीज की इजाजत देने से पहले बोर्ड ने नीना (नताली पोर्टमैन) और लिली (मिला कुनिस) के बीच के काफी चर्चित किस और इंटीमेट सीन में बड़ी कटौती करने का आदेश दिया था.

ब्लू वैलेंटाइन (2010)
'ब्लू वैलेंटाइन' में मुख्य कलाकार रयान गोसलिंग और मिशेल विलियम्स के बीच एडल्ट इंटीमेसी को बेहद खुलकर दिखाया गया था. CBFC ने इस फिल्म के ओरिजिनल सीन्स को भारतीय थिएटर्स के लिहाज से बहुत ज्यादा बोल्ड माना, जिसके चलते रिलीज से पहले लंबे किसिंग सीन्स और अन्य इंटीमेट पलों को काफी छोटा करना पड़ा था.
 

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