गुजरात सरकार की ओर से अपने दिव्यांग कर्मयोगियों को पदोन्नति में आरक्षण का लाभ देने के संबंध में उचित नीति निर्धारित करने के लिए 5 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया. राज्य सरकार द्वारा गठित इस समिति के अध्यक्ष के रूप में मुख्य सचिव को जिम्मेदारी सौंपी गई है. सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी), सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग तथा कानून विभाग के उच्च अधिकारियों के अलावा दिव्यांग व्यक्तियों के लिए कार्यालय के आयुक्त को इस समिति में सदस्य के रूप में स्थान दिया गया है. यह समिति विभिन्न पहलुओं का व्यापक अध्ययन करके सरकार को सिफारिश देगी.
कोर्ट के दिए फैसलों का करेगी अध्यन
गुजरात सरकार द्वारा गठित समिति राज्य सरकार की सेवाओं और पदों में दिव्यांग व्यक्तियों को पदोन्नति में आरक्षण देने के संबंध में प्रचलित कानूनी प्रावधानों, भारत सरकार के निर्देशों तथा माननीय सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट द्वारा दिए गए संबंधित फैसलों का गहन अध्ययन करेगी. इसके अलावा समिति देश के अन्य राज्य सरकारों की दिव्यांग कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण देने संबंधी नीति और प्रावधानों का भी तुलनात्मक अध्ययन करेगी.
पदोन्नति में आरक्षण के लिए आवश्यक नीति
विशेष रूप से दिव्यांग अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण देने के लिए उचित नीति क्या हो सकती है और इसके पूरा करने के लिए कौन से कदम आवश्यक होंगे, इस संबंध में समिति विस्तृत सिफारिशें सरकार को प्रस्तुत करेगी. अन्य राज्यों की नीतियों, कानूनी प्रावधानों और न्यायालय के फैसलों के आधार पर पदोन्नति में आरक्षण के प्रतिशत सहित महत्वपूर्ण मुद्दों के संबंध में अध्ययन किया जाएगा.
किसी भी विभाग से मिल सकती है जानकारी
समिति को आवश्यक लगने पर किसी भी विभाग या कार्यालय से आवश्यक जानकारी और राय प्राप्त करने का अधिकार भी दिया गया है. समिति की कार्यवाही राज्य सरकार की ओर से निर्धारित समय-सीमा के अनुसार आगे बढ़ेगी.