बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ पर रविवार की शाम जानलेवा हमला हुआ. उनपर कई राउंड्स गोलियां फायर की गई थीं. इस मामले में कल तीनों आरोपियों को कोटा से गिरफ्तार कर लिया गया था. अब एक और गिरफ्तारी हरियाणा पुलिस की तरफ से हुई है. इस बार उनके हाथ इस हमले के मास्टरमाइंड अनिल पंडित का साथी पकड़ा गया है, जिसने तीनों आरोपियों को इस हमले के लिए चुना था.
कौन है नया आरोपी, जिसकी हुई गिरफ्तारी?
टाइगर श्रॉफ हमले के मामले में हरियाणा पुलिस की मदद से समीर नाम के युवक को पकड़ा गया है, जिसने लॉरेंस गैंग के कैलिफोर्निया में बैठे अनिल पंडित से बात कराई थी. इसने तीनों आरोपियों में से रेहान उर्फ सुक्का को 35 हजार रूपए और विदेश में सेटल होने का लालच दिया था.
रेहान पर इससे पहले आर्म्स एक्ट और चोरी का मामला दर्ज है. रेहान और फूल सिंह ने इससे पहले अमृतसर के एक व्यापारी पर भी फायरिंग की कोशिश की थी लेकिन पिस्टल नहीं चली. करीब एक महीने से ये मुंबई में थे जहां इनकी मुलाकात रितिक कुमार से कराई गई जो मुंबई के रास्तों को जानता था.
रितिक को भी विदेश में अच्छी नौकरी दे कर सेटल करने का लालच दिया था. तीनों की मौज-मस्ती के लिए पैसे अनिल पंडित विदेश से ऑनलाइन भेजता था. ये तीनों किसी दुकान पर ऑनलाइन पैसे मंगवाकर उससे कैश ले लेते थे. अनिल पंडित उनसे जग्गी ऐप पर बात करता था जिसके लिए व्यक्ति की पहचान की जरूरत नहीं है. उनको हथियार देने भी कोई नहीं आया था. इनके पास मैसेज आया था कि हथियार एक जगह कचरा पात्र के पास रखा है, जहां से उन्हें लेना है. पुलिस को शक है मुंबई में इनके संपर्क में कुछ लोग हैं जिनके बारे में जानकारी जुटाई जाएगी.
तीनों आरोपियों को मिली 48 घंटों की ट्रांजिट रिमांड
टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में कोटा से गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मिल गई है. अब महाराष्ट्र पुलिस तीनों आरोपियों को अपने साथ मुंबई लेकर जा रही है. रेलवे कॉलोनी थाने के SHO रामस्वरूप मीणा ने बताया कि महाराष्ट्र पुलिस आरोपियों को अपनी कस्टडी में लेने के लिए कोटा पहुंच चुकी है.
उन्होंने कहा- महाराष्ट्र पुलिस उन्हें (आरोपियों को) अपनी कस्टडी में लेने के लिए आ रही है. उनके कुछ अधिकारी यहां पहुंच चुके हैं और बाकी अधिकारी भी आरोपियों को औपचारिक रूप से हैंडओवर करने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए पहुंच रहे हैं. SHO ने आगे बताया कि आरोपियों से महाराष्ट्र पुलिस और कोटा पुलिस दोनों ने पूछताछ की है.
उन्होंने कहा- मैंने कल ही पूरी जानकारी दी थी. उन्हें हिरासत में लिया गया था. महाराष्ट्र पुलिस और हमने उनसे पूछताछ की. अब उन्हें महाराष्ट्र पुलिस को सौंप दिया गया है. आरोपियों के पास से हथियार या पैसे मिलने के सवाल पर SHO रामस्वरूप मीणा ने साफ किया- ऐसा कुछ भी (हथियार या पैसे) बरामद नहीं हुआ है.
वहीं, जब उनसे पूछा गया कि महाराष्ट्र पुलिस आरोपियों को मुंबई किस तरह लेकर जाएगी, तो उन्होंने कहा- ये उनके सफर के तरीके पर निर्भर करता है. वो ट्रेन से जाएं, सड़क के रास्ते जाएं या किसी और तरीके से, इसका फैसला महाराष्ट्र पुलिस करेगी.
कैसे पकड़े गए टाइगर पर हमला करने वाले आरोपी?
18 अक्टूबर को टाइगर की गाड़ी पर हमला करने के बाद, तीनों आरोपी- रेहान, फूल सिंह और रितिक मुंबई के अंधेरी रेलवे स्टेशन पहुंचे थे. वहां के सीसीटीवी कैमरा में उनकी तस्वीर भी नजर आई थी. उनका प्लान पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन पकड़कर भागने का था. वो नेपाल भागने की प्लानिंग में थे. लेकिन कोटा में ही उन तीनों को धर-दबोच लिया गया. मात्र 24 घंटों के अंदर-अंदर पुलिस द्वारा इस पूरे एक्शन को अंजाम दिया गया. फिलहाल तीनों आरोपी कोटा में हैं, और उन्हें जल्द ही मुंबई लाया जाएगा जहां उनसे आगे की पूछताछ होगी.
रैपिडो ड्राइवर था टाइगर का हमलावर?
रैपिडो ने टाइगर श्रॉफ और उनकी टीम के साथ हुई घटना पर चिंता जताई है. कंपनी ने कहा कि उन्हें राहत है कि टाइगर श्रॉफ सुरक्षित हैं और वे उनके जल्द ठीक होने की कामना करते हैं. मीडिया में ऐसी खबरें सामने आई हैं कि इस मामले से जुड़ा एक शख्स रैपिडो प्लेटफॉर्म पर कैप्टन यानी ड्राइवर के तौर पर रजिस्टर्ड था. इस पर कंपनी ने सफाई देते हुए कहा कि वो शख्स 14 अक्टूबर से रैपिडो पर कैप्टन के तौर पर एक्टिव नहीं था. घटना वाले दिन उसने रैपिडो की सेवा का इस्तेमाल एक ग्राहक के तौर पर किया था.
रैपिडो के मुताबिक, भारत की गिग इकोनॉमी में अक्सर लोग एक साथ कई ऐप्स और प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर रहते हैं. कंपनी ने बताया कि घटना वाले दिन भी उस व्यक्ति ने रैपिडो की सर्विस का इस्तेमाल किया था, लेकिन बतौर ग्राहक. कंपनी ने कहा कि वो इस मामले की जांच में पुलिस और अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और जांच में पूरा सहयोग कर रही है. रैपिडो का कहना है कि अधिकारियों ने जो भी जानकारी मांगी, उसे तुरंत उपलब्ध कराया गया है. रैपिडो ने साफ शब्दों में कहा कि हिंसा या किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि को लेकर उसकी जीरो टॉलरेंस पॉलिसी है और आगे भी जांच में अधिकारियों को हर संभव मदद दी जाएगी.