
पंजाबी रॉकस्टार और बेहतरीन एक्टर दिलजीत दोसांझ की मच-अवेटेड फिल्म 'Satluj' आखिरकार दर्शकों के बीच आ चुकी है. भारत के सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) यानी सेंसर बोर्ड के साथ करीब तीन साल तक चली लंबी कानूनी जद्दोजहद के बाद, यह फिल्म 3 जुलाई को ZEE5 ग्लोबल पर रिलीज कर दी गई है. सबसे बड़ी और राहत की बात यह है कि इस सोशल ड्रामा फिल्म को बिना किसी कट के, पूरी तरह से उसी रूप में स्ट्रीम किया गया है जैसा इसे बनाया गया था.
फिल्म के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आते ही दिलजीत दोसांझ ने सोशल मीडिया पर एक बेहद इमोशनल नोट शेयर कर अपना रिएक्शन दिया है और फैंस का शुक्रिया अदा किया है.
दिलजीत दोसांझ ने शेयर किया पोस्ट
एक्टर दिलजीत दोसांझ ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक स्टोरी शेयर की. जिसमें उन्होंने लिखा, 'वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह. आखिरकार आज, जब हमारी फिल्म 'सतलुज' रिलीज हो रही है, मैं अपने सभी शुभचिंतकों का दिल से धन्यवाद करना चाहता हूं जिन्होंने अपनी अरदासों (प्रार्थनाओं) और प्यार से हमारा अब तक साथ दिया. यह फिल्म जितनी हमारी है, उतनी ही आपकी भी है.'
एक्टर ने आगे लिखा, 'एक टीम के रूप में हम वाहेगुरु के बेहद शुक्रगुजार हैं कि उन्होंने हमें अपने सिद्धांतों और मूल्यों पर टिके रहने की ताकत दी, और इस सफर को अंत तक ले जाने का हौसला व सब्र बख्शा. शहीद जसवंत सिंह खालरा जी का जीवन हमेशा ही निस्वार्थ सेवा और प्रेरणा का स्रोत रहा है. उनकी असीसों (आशीर्वाद) का इस फिल्म के बनने से लेकर अब तक के सफर में अमूल्य सहारा रहा है. यह उनकी कहानी है. यह उनकी इंसानियत के लिए लड़ी गई लड़ाई की कहानी है. हमें फिल्म का पहले वाला टाइटल नहीं मिल सका. अब इस फिल्म का नाम 'सतलुज' है.'

'यह वही पूरी फिल्म है, बिना किसी कट या समझौते के, जिसे हम हमेशा से दर्शकों तक पहुंचाना चाहते थे. यह हमारे मेकर्स और उनकी फिल्म के असली रूप को कायम रखने की दृढ़ इच्छाशक्ति के बिना संभव नहीं हो सकता था. जैसा कि मैंने आपके सामने वादा किया था कि हम फिल्म को वैसे ही रिलीज करवाएंगे जैसी हमने बनाई थी, कोई समझौता नहीं करेंगे. वाहेगुरु की मेहर से ऐसा कुछ (समझौता) करने की जरूरत नहीं पड़ी.'
जसवंत सिंह खालरा के संघर्ष की कहानी
हनी त्रेहान के निर्देशन में बनी यह फिल्म जाने-माने मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की जिंदगी और उनके संघर्षों पर आधारित है. RSVP और मैकगफिन पिक्चर्स द्वारा प्रोड्यूस की गई इस फिल्म में दिलजीत दोसांझ के साथ अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओह्ल्यान जैसे उम्दा कलाकारों ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं.
यह सोशल ड्रामा पंजाब में उग्रवाद के उस दौर की कहानी बयां करता है, जब कार्रवाई के दौरान गायब हुए 25,000 से ज्यादा लोगों को न्याय दिलाने के लिए खालरा ने दशकों लंबी लड़ाई लड़ी थी. फिल्म में सच को दबाने पर आमादा पूरे सिस्टम के खिलाफ उनके इसी संघर्ष और उसकी चुकाई गई निजी कीमत को बेहद संजीदगी से दिखाया गया है.