मलयालम सुपरस्टार ममूटी को गुजरात में एक स्वागत समारोह के दौरान माथे पर पारंपरिक तिलक लगवाने के बाद ऑनलाइन आलोचना का सामना करना पड़ा. वे वहां 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में 'बेस्ट एक्टर' की ट्रॉफी लेने पहुंचे थे. अब्बास नाम के एक सोशल मीडिया यूज़र ने इस हरकत को धार्मिक अपराध बताया, जिसके बाद एक्टर-कॉमेडियन हरिश्री यूसुफ ने इस आलोचना का जवाब दिया और दिग्गज स्टार का बचाव किया.
धार्मिक भेदभाव से ऊपर उठने की जरूरत पर जोर देते हुए, यूसुफ ने इस संकीर्ण सोच वाली प्रतिक्रिया की निंदा की और भारत में सांस्कृतिक मेहमाननवाजी के धर्मनिरपेक्ष स्वरूप को उजागर किया.
तिलक लगवाने के लिए ममूटी को निशाना बनाने वाले आलोचक की आलोचना करते हुए, यूसुफ ने कमेंट करने वाले को 'कुएं का मेंढक' कहा क्योंकि उसने स्वागत के एक पारंपरिक तरीके को सांप्रदायिक मुद्दा बना दिया.
हरिश्री यूसुफ ने जमकर सुनाया
यूसुफ ने एक वीडियो संदेश में कहा, 'ममूटी एक कलाकार हैं. मैं भी एक छोटा-मोटा कलाकार हूं. हम कलाकारों की सोच संकीर्ण नहीं होती. हम थोड़ा व्यापक सोचते हैं.' 'इस व्यक्ति को लगा कि यह बहुत बड़ा अपराध है... आप जैसे लोग, जिनके दिमाग में सिर्फ 'धर्म' होता है, वे ही ऐसा सोचेंगे.'
यह बताते हुए कि बड़े कार्यक्रमों और होटलों में मेहमानों का तिलक लगाकर स्वागत करना एक आम बात है, कॉमेडियन ने मशहूर हस्तियों का अपमान करने के लिए आस्था का सहारा लेने की प्रथा पर सवाल उठाया. उन्होंने सिनेमा और समाज में ममूटी के बड़े योगदान का जिक्र किया, जिसमें बच्चों की मुफ्त हार्ट सर्जरी के लिए फंडिंग करना और केरल को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना शामिल है.
यूसुफ ने कहा, 'आपने उस व्यक्ति का अपमान किया है जिसका दुनिया भर के मलयाली लोग सम्मान और प्रशंसा करते हैं... जरा देखिए कि वह व्यक्ति हमारे समाज के लिए कितने अच्छे काम करता है.'
आस्था के अलग-अलग कामों — जैसे तिलक लगाना, क्रॉस का निशान बनाना या प्रार्थना में सिर झुकाना — के बीच समानता बताते हुए यूसुफ ने कहा कि भक्ति के सभी रूप एक ही ईश्वर के प्रति होते हैं. सांप्रदायिक सोच की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी दकियानूसी सोच भारत जैसे धर्मनिरपेक्ष देश के बजाय 'तालिबान' शासन में ही हो सकती है.
उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, 'धर्म जरूरी है, लेकिन धर्म का मकसद क्या है? इसका मकसद इंसानों का आपस में लड़ना नहीं है. धर्म का मकसद इंसानों को बेहतर बनाना है.' साथ ही, उन्होंने सोशल मीडिया यूजर्स से सांप्रदायिक तनाव न बढ़ाने की अपील की.
हरिश्री यूसुफ मलयालम सिनेमा और स्टेज परफॉर्मेंस की जानी-मानी हस्ती हैं. उन्होंने 'म्यो' (Meow), 'इनी उथारम' (Ini Utharam) और 'अमर अकबर एंथनी' (Amar Akbar Anthony) जैसी फिल्मों में अहम भूमिकाएं निभाई हैं.
ममूटी को मिला नेशनल अवॉर्ड
72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में ममूटी ने बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड जीता. उन्होंने यह सम्मान हिंदी फिल्म एक्टर कार्तिक आर्यन के साथ शेयर किया. ममूटी को यह सम्मान मलयालम ड्रामा 'ब्रमायुगम' (Bramayugam) में शानदार एक्टिंग के लिए मिला, जबकि आर्यन ने स्पोर्ट्स ड्रामा 'चंदू चैंपियन' (Chandu Champion) में पैरालंपिक गोल्ड मेडलिस्ट का किरदार निभाकर अपना पहला नेशनल अवॉर्ड हासिल किया. यह ममूटी का बेस्ट एक्टर के तौर पर चौथा नेशनल फिल्म अवॉर्ड था, जिसने भारतीय सिनेमा के सबसे मशहूर दिग्गजों में से एक के तौर पर उनकी पहचान को और मज़बूत किया.