बॉलीवुड में इन दिनों दो फिल्मों की कहानी एक-दूसरे से बिल्कुल उलट नजर आ रही है. एक तरफ है रणबीर कपूर, यश और साई पल्लवी जैसे बड़े सितारों से सजी ‘रामायण’, जिसे भारतीय सिनेमा के सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स में गिना जा रहा है. दूसरी तरफ है महज करीब 2 करोड़ में बनी ‘हनुमान अंश’, जिसके पास न कोई सुपरस्टार है, न हजारों करोड़ का बजट और न ही हॉलीवुड जैसी ग्लोबल मशीनरी.
फिर भी बॉक्स ऑफिस पर छोटी फिल्म ने ऐसा खेल दिखाया है कि अब उसकी चर्चा बड़े बजट वाली फिल्मों के संदर्भ में होने लगी है.
2 करोड़ की फिल्म और कमाई 190 करोड़ के पार!
नीम करोली बाबा के जीवन से प्रेरित ‘हनुमान अंश’ ने शुरुआत में बॉक्स ऑफिस पर बहुत धीमी चाल चली थी. फिल्म की ओपनिंग करीब 10 लाख बताई गई. लेकिन धीरे-धीरे दर्शकों के बीच इसकी चर्चा बढ़ी और फिर कमाई ने ऐसी रफ्तार पकड़ी कि फिल्म ने पीछे मुड़कर नहीं देखा.
35 दिनों में फिल्म की कमाई करीब 193 करोड़ तक पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई है. यानी करीब 2 करोड़ के बजट के मुकाबले यह फिल्म लगभग 96 गुना कारोबार कर चुकी है. और यही वह नंबर है जिसने फिल्म इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है. क्योंकि आम तौर पर बड़े स्टार, बड़ा बजट और बड़ा प्रमोशन फिल्म की ताकत माने जाते हैं. ‘हनुमान अंश’ ने इन तीनों धारणाओं को ही उलट दिया.
न यश, न रणबीर... फिर भी जनता ने पकड़ लिया हाथ
‘हनुमान अंश’ की सबसे बड़ी खासियत यही है कि इसके पास किसी बड़े बॉलीवुड या साउथ सुपरस्टार का सहारा नहीं था. फिल्म नीम करोली बाबा की आध्यात्मिक यात्रा पर आधारित है और इसकी ताकत बनी इसकी कहानी, श्रद्धा और दर्शकों का वर्ड ऑफ माउथ.
फिल्म को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी इतनी बढ़ी कि चौथे हफ्ते में ही इसने करीब 61 करोड़ की कमाई कर ली. पांचवें हफ्ते में भी फिल्म की पकड़ बनी रही. यानी फिल्म ने पहले दिन भीड़ जुटाने के लिए स्टार पावर का इस्तेमाल नहीं किया. उसने धीरे-धीरे दर्शकों का भरोसा जीता. और यहीं से ‘हनुमान अंश’ बनाम ‘रामायण’ वाली बहस दिलचस्प हो जाती है.
सामने है 4,000 करोड़ की ‘रामायण’
दूसरी तरफ नितेश तिवारी की ‘रामायण’ है. रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी सीता और यश रावण के किरदार में हैं. फिल्म को दो हिस्सों में रिलीज किया जाना है और इसे ग्लोबल ऑडियंस को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. सबसे ज्यादा चर्चा इसके 4,000 करोड़ के बजट की रही है.
लेकिन यहां भी कहानी थोड़ी अलग है. यश ने साफ किया है कि 4,000 करोड़ सिर्फ पहली फिल्म को बनाने का खर्च नहीं है. इसमें दोनों पार्ट्स के साथ रिलीज और प्रमोशन, खासकर ग्लोबल/हॉलीवुड प्रमोशन से जुड़े खर्च भी शामिल हैं. इस आंकड़े को सीधे ‘एक फिल्म का 4,000 करोड़ प्रोडक्शन बजट’ कहना सही नहीं होगा. फिर भी इतना साफ है कि ‘रामायण’ पर दांव बेहद बड़ा है.
असली चुनौती बॉक्स ऑफिस नहीं, उम्मीदों की है- और यही इस पूरे मामले का सबसे दिलचस्प हिस्सा है. ‘रामायण’ अभी सिनेमाघरों में आई ही नहीं है. इसलिए यह कहना कि फिल्म अपने बजट को जस्टिफाई नहीं कर पाई, अभी जल्दबाजी होगी. फिल्म का पहला पार्ट नवंबर 2026 में रिलीज होने वाला है.
लेकिन क्या फिल्म पर दबाव है? बिल्कुल है. जब किसी फिल्म के साथ 4,000 करोड़ का आंकड़ा जुड़ जाता है, रणबीर कपूर और यश जैसे सितारे सामने होते हैं, हॉलीवुड स्तर के VFX और ग्लोबल रिलीज की बात होती है, तो दर्शकों की उम्मीदें भी उसी अनुपात में बढ़ जाती हैं. अब फिल्म का सिर्फ अच्छी होना काफी नहीं होगा.
दर्शक पूछेंगे- इतना बड़ा बजट स्क्रीन पर दिखा भी या नहीं?
टीजर और ट्रेलर पर उठे सवालों ने बढ़ाई बेचैनी
‘रामायण’ के टीजर और ट्रेलर को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रही हैं. कुछ दर्शकों ने इसके स्केल और विजुअल्स की तारीफ की, तो कुछ ने VFX और किरदारों को लेकर सवाल उठाए. ट्रेलर आने के बाद भी यश का रावण वाला लुक और रणबीर का राम वाला किरदार चर्चा में रहा.
फिल्म को लेकर उत्सुकता जबरदस्त है, लेकिन इसके साथ एक और चीज चल रही है-उम्मीदों का पहाड़. और यही वह जगह है जहां ‘हनुमान अंश’ अनजाने में ‘रामायण’ के लिए एक मुश्किल सवाल खड़ा करती है.
क्या महंगा सिनेमा ही बड़ा सिनेमा है?
‘हनुमान अंश’ का बॉक्स ऑफिस एक सीधा संदेश देता है- दर्शक हमेशा बजट नहीं खरीदता, वह कहानी और भाव खरीदता है. 2 करोड़ की फिल्म अगर 190 करोड़ के आसपास पहुंच सकती है, तो यह सिर्फ कम बजट वाली फिल्म की जीत नहीं है. यह उस सोच के लिए भी बड़ा सवाल है जिसमें माना जाता है कि जितना बड़ा बजट, उतनी बड़ी सफलता.
हाल के वर्षों में कम बजट की फिल्मों की ऐसी कई मिसालें सामने आई हैं. लेकिन ‘हनुमान अंश’ का मामला इसलिए खास है क्योंकि फिल्म ने शुरुआत में कोई बड़ा शोर भी नहीं मचाया था. वह धीरे-धीरे दर्शकों के बीच पहुंची और फिर बॉक्स ऑफिस पर अपनी जगह बना ली.
‘रामायण’ के सामने अब सिर्फ बॉक्स ऑफिस का सवाल नहीं
यही वजह है कि ‘हनुमान अंश’ को ‘रामायण’ की सीधी बॉक्स ऑफिस प्रतिद्वंद्वी कहना शायद सही नहीं होगा. दोनों फिल्मों का स्केल, बजट, स्टारकास्ट और विजन पूरी तरह अलग है. लेकिन विचार के स्तर पर दोनों के बीच एक दिलचस्प मुकाबला जरूर बन गया है. एक फिल्म कहती है- हमारे पास हजारों करोड़ का स्केल है.
दूसरी फिल्म कह रही है- हमारे पास सिर्फ कहानी, श्रद्धा और दर्शकों का भरोसा था, और देखिए हम कहां पहुंच गए. अब असली परीक्षा ‘रामायण’ की रिलीज के बाद होगी. अगर रणबीर-यश की फिल्म अपने विशाल स्केल को दर्शकों की भावनाओं से जोड़ पाती है, तो₹4,000 करोड़ का आंकड़ा भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी महत्वाकांक्षाओं में से एक साबित होगा.
लेकिन अगर इतना बड़ा विजुअल तमाशा दर्शकों के दिल तक नहीं पहुंच पाया, तो ‘हनुमान अंश’ जैसी छोटी फिल्म का 2 करोड़ से 190 करोड़ तक का सफर सिर्फ एक बॉक्स ऑफिस कहानी नहीं रहेगा- वह पूरी इंडस्ट्री के लिए एक सबक बन जाएगा. क्योंकि सिनेमा में बजट पर्दा बड़ा कर सकता है, लेकिन फिल्म को बड़ा बनाने का असली काम आखिरकार कहानी और दर्शकों का प्यार ही करता है.