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'परिवार और रिश्ते पीछे छूट गए', इमोशनल हुए आमिर खान, सिंगापुर फिल्म फेस्टिवल में छलका दर्द

सिंगापुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में आमिर खान भावुक हो गए. उन्होंने याद किया कि कैसे तीन दशकों तक काम में पूरी तरह डूबे रहने की वजह से उन्हें अपने परिवार के साथ बिताने के लिए कीमती समय नहीं मिल पाया.

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आमिर खान का छलका दर्द (Photo: Screengrab)
आमिर खान का छलका दर्द (Photo: Screengrab)

गुरुवार को सिंगापुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के मंच पर बॉलीवुड एक्टर आमिर खान इमोशनल हो गए. उन्होंने अपने एक्टिंग करियर के सबसे मुश्किल दौर को याद किया और बताया कि कैसे लगातार तीन दशकों तक काम करने की वजह से उन्हें अपने परिवार के साथ बिताने के लिए समय नहीं मिल पाया.

सुपरस्टार आमिर खान को को हांगकांग के मशहूर फिल्म डायरेक्टर पीटर चान हो-सन ने फेस्टिवल का 'स्क्रीन आइकन अवार्ड' दिया. यह इमोशनल पल देर शाम को आया, जब सिंगापुर के कॉमेडियन ऋषि बुधरानी के साथ बातचीत के दौरान आमिर से उनके करियर के सबसे मुश्किल दौर के बारे में पूछा गया.

आमिर खान ने क्या कहा?
'वैरायटी' के अनुसार, आमिर खान ने कहा, 'कोविड के दौरान जब मैं बैठा हुआ सोच रहा था, तो मुझे एहसास हुआ कि मेरी जिंदगी के लगभग 30 साल बीत चुके हैं. एक-दो या पांच साल तक किसी काम में पूरी तरह पागलपन की हद तक डूबकर काम करना तो ठीक है, लेकिन अगर ऐसा 30 साल तक चलता रहे, तो इसका मतलब है कि आपने अपने रिश्ते खो दिए हैं. आपके बच्चे बड़े हो गए हैं; अब वे बालिग हो चुके हैं. इसलिए मुझे बहुत कुछ खोने का गहरा एहसास हुआ.'

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आमिर खान, वे कुछ पल के लिए रुके और इमोशनल होकर रो पड़े, माफी मांगी और खुद को संभाला, जबकि दर्शक तालियां बजाने लगे. अपने आंसू पोंछते हुए खान ने कहा कि इस एहसास ने उन्हें एक बड़ा बदलाव करने के लिए प्रेरित किया. पिछले चार सालों से वे जानबूझकर अपने परिवार और करीबी दोस्तों के लिए समय निकाल रहे हैं.

'वैरायटी' के अनुसार, उन्होंने कहा, 'मुझे खुशी है कि यह ख्याल मुझे 56 साल की उम्र में आया, न कि 86 साल की उम्र में, जब कुछ भी करने के लिए बहुत देर हो चुकी होती.'

बातचीत के दौरान, खान से यह भी पूछा गया कि क्या राजकुमार हिरानी द्वारा निर्देशित 2009 की कैंपस कॉमेडी फिल्म '3 इडियट्स' का सीक्वल बन रहा है. आमिर खान ने कहा, 'मैं बहुत कुछ तो नहीं बता सकता, लेकिन इतना जरूर कह सकता हूं कि हां, राजू स्क्रिप्ट पर काम कर रहे हैं. असल में, उम्मीद है कि अगले कुछ हफ्तों में जब मैं वापस आऊंगा, तो वे मुझे फाइनल वर्जन सुनाएंगे. तो, देखते हैं क्या होता है!'.

शुरुआती करियर को किया याद
अपने सबसे मुश्किल पलों के बारे में बात करते हुए, खान ने अपने करियर की शुरुआत के एक और कठिन दौर को याद किया. 1988 में अपनी पहली फिल्म 'कयामत से कयामत तक' के हिट होने के बाद, उन्होंने छह महीने के भीतर नौ फिल्में साइन कर लीं. उन्होंने सोचा कि अगर बड़े स्टार्स एक साथ कई प्रोजेक्ट्स संभाल सकते हैं, तो वह भी 10 फिल्में कर सकते हैं.

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शूटिंग शुरू होने पर उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ. वह घर आकर अपनी तत्कालीन पत्नी रीना के सामने रोते थे इसके बाद उनकी फिल्में एक के बाद एक फ्लॉप होती गईं और उन्हें 'वन-फिल्म वंडर' (सिर्फ एक फिल्म में सफल रहने वाला) का ठप्पा दे दिया गया. खान ने बताया, 'उस समय, मानसिक और भावनात्मक रूप से, मुझे ऐसा लगा जैसे मैं दलदल में फंस गया हूं.' मैं धीरे-धीरे नीचे धंस रहा था, और बाहर निकलने के लिए मैं जितना ज्यादा संघर्ष करता, उतना ही गहरा धंसता जाता.'

'स्क्रीन आइकन अवार्ड' स्वीकार करते हुए, खान ने फेस्टिवल को धन्यवाद दिया और कहा कि जैकी चैन के हाथों यह अवार्ड मिलना इस पल को और भी खास बनाता है. उन्होंने कहा, 'फिल्म बनाना एक सामूहिक कला है, जिसमें कई लोग एक-दूसरे के काम में योगदान देते हैं.'

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