scorecardresearch
 

EXCLUSIVE: बिहार के लिए BJP के गेम प्लान का खुलासा

दिल्ली में करारी शिकस्त के बाद बिहार चुनाव बीजेपी के लिए सम्मान की लड़ाई बन गया है और इसे जीतने के लिए पार्टी पूरी ताकत झोंकने जा रही है. पार्टी ने बिहार के लिए भी अपने पुराने चुनावी अस्त्र 'रथ यात्रा' का इस्तेमाल करने की तैयारी कर ली है.

Advertisement
X
Amit Shah
Amit Shah

दिल्ली में करारी शिकस्त के बाद बिहार चुनाव बीजेपी के लिए सम्मान की लड़ाई बन गया है और इसे जीतने के लिए पार्टी पूरी ताकत झोंकने जा रही है. पार्टी ने बिहार के लिए भी अपने पुराने चुनावी अस्त्र 'रथ यात्रा' का इस्तेमाल करने की तैयारी कर ली है.

अक्टूबर 1990 में लाल कृष्ण आडवाणी की विवादित रथ यात्रा को भले ही लालू ने समस्तीपुर में रोक दिया हो, लेकिन इस बार पार्टी नेता जीपीएस निगरानी से लैस 160 हाई-टेक रथों पर सवार होकर चुनाव प्रचार करने निकलेंगे.

6.5 करोड़ वोटरों तक पहुंचने का लक्ष्य
बीजेपी ने अपने 'परिवर्तन रथों' के जरिये 100 दिन में एक लाख सभाएं करने और रखा है. पार्टी सूत्रों ने 'मेल टुडे' को बताया, 'पिछले बिहार चुनाव में 9300 बूथों पर 50 से कम वोटों ने हार-जीत तय की थी. पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने प्रदेश इकाई से कहा है कि 160 परिवर्तन रथों के जरिये रोजाना 1000 से 1200 मीटिंग की जाएं.'

अमित शाह 16 जुलाई को पटना से चुनाव प्रचार की शुरुआत कर रहे हैं. 25 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुजफ्फरपुर में रैली करेंगे. मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, इस रैली में शामिल होने के लिए बीजेपी 15 जिलों के 10 लाख लोगों को व्यक्तिगत न्योता भेजेगी.

Advertisement

100 दिनों में एक लाख रैलियों का लक्ष्य
सूत्र ने बताया, 'पार्टी ने 100 दिनों में एक लाख रैलियों का मुश्किल लक्ष्य रखा है. पार्टी करेगी या नहीं, इस पर भी बहुत जल्द आखिरी फैसला हो सकता है. दिल्ली में पार्टी ने ऐन मौके पर CM उम्मीदवार का नाम घोषित किया था, जो एक बड़ी हार की वजह बना.'

सूत्रों ने बताया कि इस बार अमित शाह ने हर बूथ पर 5-10 कार्यकर्ताओं के बजाय 20 कार्यकर्ता लगाने का निर्देश दिया है. बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, '100 वोटों का बदलाव भी बिहार में बीजेपी के पक्ष में जाएगा. हम 800 गांवों में अपने कार्यकर्ताओं तक पहुंच चुके हैं. अब ये कार्यकर्ता प्रदेश में बदलाव का संदेश आगे ले जाएंगे.'

'अबकी बार मोदी सरकार' का नारा बिहार में 'अबकी बार बीजेपी सरकार' के रूप में बदल चुका है.

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement