उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव भले ही दूर हों, लेकिन लखनऊ का सियासी पारा अभी से चढ़ गया है. विधान परिषद के शिक्षक और स्नातक एमएलसी चुनावों को लेकर सपा और बीजेपी में शह-मात का खेल शुरू हो गया है. दोनों ही दलों ने इस चुनाव को लोकसभा और विधानसभा की तर्ज पर लड़ने का प्लान बनाया है.
लखनऊ क्षेत्र की स्नातक सीट इस सियासी जंग का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु बन गई है. एक तरफ जहां बीजेपी 'पन्ना प्रमुख' और माइक्रो मैनेजमेंट के सहारे जीत दर्ज करने की तैयारी में है, वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी ने 1,720 कार्यकर्ताओं की भारी-भरकम टीम बनाकर बाजी पलटने का प्लान तैयार किया है.
यूपी की 11 विधान परिषद सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान है. इसमें 5 स्नातक कोटे की और 6 शिक्षक क्षेत्र की एमएलसी सीटें शामिल हैं. एमएलसी चुनाव आम विधानसभा चुनाव की तरह विधायकों के वोट से नहीं, बल्कि सीधे शिक्षकों और स्नातक मतदाताओं के वोटों से तय होता है.
बीजेपी कैसे लड़ेगी एमएलसी चुनाव
बीजेपी ने लोकसभा और विधानसभा की तरह ही चुनाव लड़ने का प्लान बनाया है. बीजेपी ने शिक्षक और स्नातक कोटे की विधान परिषद चुनाव की तैयारियों को लेकर बैठक की. इस दौरान पार्टी के यूपी संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि शिक्षक और स्नातक एमएलसी चुनाव भी लोकसभा-विधानसभा की तरह पूरी तैयारी से लड़ा जाएगा. प्रत्येक मतदाता से संपर्क, संवाद और समन्वय के साथ मतदान सुनिश्चित करने के लिए पन्ना प्रमुखों के साथ सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता काम करेंगे.
उन्होंने कहा कि संगठन की शक्ति और कार्यकर्ताओं के परिश्रम से हर मतदाता तक पहुंचना और उसे बूथ तक लाना प्राथमिकता है. मतदाता सूची के हर पन्ने की समीक्षा, मतदाताओं से निरंतर संपर्क और बूथ स्तर तक सक्रियता सुनिश्चित की जाए. हालांकि, उन्होंने कहा कि एमएलसी चुनाव का क्षेत्रफल व्यापक है और समय कम है, इसलिए अधिक परिश्रम और गति से तैयारी में जुटना होगा.
एमएलसी चुनाव के लिए बनी टीम
धर्मपाल ने हर मतदान केंद्र तक मतदाता सूचियां जल्द पहुंचाने का काम पूरा करने का निर्देश दिया. बैठक का संचालन प्रदेश महामंत्री और एमएलसी चुनाव के संयोजक संजय राय ने किया. इस दौरान बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष मानवेन्द्र सिंह, शंकर गिरी, आलोक गुप्ता, प्रदेश मंत्री वसंत त्यागी, अवधेश श्रीवास्तव, प्रमेन्द्र जांगड़ सहित कई एमएलसी मौजूद रहे.
सपा ने लखनऊ खंड के लिए बनाया प्लान
लखनऊ क्षेत्र के एमएलसी स्नातक चुनाव को समाजवादी पार्टी विधानसभा और लोकसभा चुनाव की तर्ज पर लड़ेगी. जीत के लिए राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के पदाधिकारी व बड़े नेता अपने-अपने वार्डों में प्रभारी की जिम्मेदारी संभालेंगे. लखनऊ क्षेत्र में कुल 1,720 पोलिंग स्टेशन प्रभारी और बूथ लेवल एजेंटों की सूची तैयार की गई है. करीब 450 प्रभारी और एजेंटों का प्रशिक्षण 4 अक्टूबर को कराया जाएगा. प्रशिक्षण लेने वाले कार्यकर्ता आगे बाकी प्रभारियों और एजेंटों को प्रशिक्षित करेंगे.
सपा ने स्नातक चुनाव के लिए इस बार जमीनी स्तर पर व्यापक संगठनात्मक तैयारी की है. पिछले चुनाव में सपा ने राम सिंह राणा को प्रत्याशी बनाया था, लेकिन मुकाबला भाजपा के अवनीश कुमार सिंह और निर्दलीय कांति सिंह के बीच रहा था. भाजपा ने लखनऊ खंड स्नातक सीट पर जीत दर्ज की थी. इस बार सपा ने कांति सिंह को प्रत्याशी बनाया है.
अखिलेश ने दिया जीत का टारगेट
अखिलेश यादव ने लखनऊ महानगर के जिम्मेदार पदाधिकारियों की बैठक में चुनाव को गंभीरता और पूरी तैयारी के साथ लड़ने के निर्देश दिए थे. पिछले वर्ष सपा ने चुनाव के लिए विधानसभावार नए मतदाताओं के नाम जोड़ने का अभियान चलाया था. लखनऊ महानगर संगठन ने लखनऊ कैंट, पूर्वी, पश्चिम, मध्य और उत्तर विधानसभा क्षेत्र में प्रभारी मनोनीत किए हैं.
सपा ने विधायकों और चुनाव लड़ चुके प्रत्याशियों को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों का प्रभारी बनाया है. इसके अलावा हारे-जीते पार्षद, राष्ट्रीय सचिव चौधरी जगदीप यादव, पूर्व विधायक गोमती यादव समेत बड़े नेता भी वार्डों की जिम्मेदारी संभालेंगे. प्रदेश, महानगर और जिला संगठन के सक्रिय पदाधिकारियों को भी वार्ड प्रभारी बनाया गया है. वार्ड में 15 प्रभारी और 5 बूथ लेवल एजेंट तैनात किए जाएंगे. सपा की तैयारी का फोकस बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत कर स्नातक मतदाताओं तक सीधी पहुंच बनाने पर है.