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'जान देने को तैयार रहें', सऊदी के ग्रैंड मुफ्ती की अपील, हूती का मुकाबला करेंगे MBS?

हूती हमलों के बीच सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के चीफ ऑफ स्टाफ की जल्द अहम बैठक होने वाली है. वहीं सऊदी के ग्रैंड मुफ्ती ने सैनिकों से हूतियों के खिलाफ लड़ाई में जान देने तक के लिए तैयार रहने की अपील की है.

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सऊदी अरब और हूती में बड़े जंग जैसे हालात बन रहे हैं. (Photo- ITG)
सऊदी अरब और हूती में बड़े जंग जैसे हालात बन रहे हैं. (Photo- ITG)

सऊदी अरब पर हूती हमलों के बीच जंग अब और बढ़ती दिख रही है. सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच जल्द ही एक हाई लेवल बैठक होने वाली है. यह बैठक तीनों देशों के बीच हुए मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट के तहत होगी, जिसमें सऊदी अरब को हूती हमलों से बचाने के तरीकों पर चर्चा की जाएगी. इस बीच सऊदी के ग्रैंड मुफ्ती शेख सालेह बिन फौजान अल-फौजान ने सैनिकों से हूतियों के खिलाफ लड़ाई में जान देने तक के लिए तैयार रहने की अपील की है.

सऊदी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, सऊदी, पाकिस्तान और तुर्की के विदेश मंत्रियों ने मक्का डिफेंस एग्रीमेंट के तहत मुलाकात की है. तीनों ने मक्का समेत दूसरे नागरिक ठिकानों पर हुए हमलों की निंदा की. सऊदी अरब के खुद की रक्षा करने के अधिकार की पुष्टि की. अब तीनों देशों के चीफ ऑफ स्टाफ की तत्काल बैठक की तैयारी की जा रही है. इस समझौते के तहत किसी एक देश पर हमला तीनों पर हमला माना जाएगा.

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'हूती सत्ता से हटने तक लड़ो'

सऊदी के ग्रैंड मुफ्ती ने सैनिकों से हूतियों के खिलाफ लड़ाई में अपनी जान देने के लिए भी तैयार रहने को कहा है. यह अपील ऐसे वक्त आई है, जब हूतियों ने सऊदी अरब पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं. गुरुवार को हूतियों ने सऊदी ठिकानों पर दर्जनों मिसाइल और ड्रोन दागने का दावा किया, जबकि सऊदी अधिकारियों ने छह बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने की बात कही. इससे पहले मक्का, जेद्दा और यनबू समेत कई इलाकों में इमरजेंसी अलर्ट जारी किया गया था.

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क्या जंग में उतरेगा पाकिस्तान-तुर्की?

मक्का डिफेंस एग्रीमेंट के बाद से ही यह सवाल उठ रहा है कि हूती हमलों की स्थिति में पाकिस्तान और तुर्की किस तरह सऊदी की मदद करेंगे. भारत टुडे के मुताबिक, तुर्की पहले ही सऊदी की सैन्य जरूरतों में तकनीकी मदद देने की तैयारी जता चुका है. वहीं पाकिस्तान ने भी समझौते के तहत अपनी जिम्मेदारी निभाने की बात कही है, लेकिन अब तक सीधे सैन्य कार्रवाई का ऐलान नहीं किया है.

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मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट पर अगस्त में सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की ने हस्ताक्षर किए थे. इसके तहत तीनों देशों में से किसी एक पर सशस्त्र हमला होने पर उसे सभी पर हमला माना जाएगा. अब ताजा हमलों के बीच चीफ ऑफ स्टाफ की प्रस्तावित बैठक को अहम माना जा रहा है. हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि पाकिस्तान और तुर्की सीधे हूतियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में उतरेंगे या सऊदी को दूसरी तरह की मदद दी जाएगी.

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