उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर बीजेपी ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. इस बार योगी सरकार के रडार पर जेन-जी (16 से 35 साल का युवा वर्ग) है. इसी लक्ष्य को साधने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की 'नई युवा नीति' को लेकर एक हाई लेवल रिव्यू मीटिंग की है.
सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि उत्तर प्रदेश की नई युवा नीति युवाओं की उम्मीदों और जरूरतों के हिसाब से तैयार किया जाए. इसके लिए 16 से 35 साल के युवाओं से सीधे राय ली जाएगी.
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ये नई युवा नीति प्रदेश के युवाओं के सुनहरे भविष्य की मजबूत नींव रखेगी और उनके सपनों को नई पहचान देगी.
शिक्षा, कौशल और रोजगार को तरजीह
नई युवा नीति में शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार को सबसे ज्यादा तरजीह दी जाएगी. रोजगार के नए अवसरों को रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री ने 'सरदार वल्लभभाई पटेल इंडस्ट्रियल एंड एम्प्लॉयमेंट जोन' की स्थापना शुरू करने के निर्देश दिए हैं.
इसके अलावा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों की मदद के लिए प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों तक 'मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग योजना' का विस्तार किया जाएगा.
स्वतंत्र विशेषज्ञ आयोग का होगा गठन
युवाओं के विकास के लिए एक स्वतंत्र विशेषज्ञ आयोग बनाया जाएगा. ये आयोग युवाओं के कल्याण से जुड़ी योजनाओं की रूपरेखा तय करेगा. रिव्यू मीटिंग के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने और युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखने पर खास जोर दिया.
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सीएम योगी ने बताया कि इस नई नीति का लक्ष्य राज्य की युवा शक्ति को आत्मनिर्भर, सक्षम और भविष्य की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार बनाना है. ये कदम यूपी के युवाओं को नए अवसर देकर आत्मनिर्भरता की ओर ले जाएगा.