तमिलनाडु और पुडुचेरी विधानसभा चुनाव के नतीजों ने सबको चौंका दिया है. तमिलनाडु में सबसे बड़ा फेरबदल मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के साथ हुआ, जो अपनी कोलाथुर सीट से चुनाव हार गए हैं. दूसरी ओर, सुपरस्टार विजय की पार्टी TVK ने अपने पहले ही चुनाव में जीत हासिल की है. खुद विजय ने पेरम्बूर और ईस्ट त्रिची, दोनों ही सीटों से जीत हासिल कर ली है. उनकी इस जीत ने तमिलनाडु के मुकाबले को पूरी तरह पलट कर रख दिया है. जबकि पुडुचेरी में जनता ने एक बार फिर एनडीए पर भरोसा जताया है.
विजय की पार्टी TVK 107 सीटों के साथ राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. चुनावी नतीजों ने साफ कर दिया है कि तमिलनाडु की जनता ने दशकों पुराने द्रविड़ राजनीति के दो ध्रुवीय ढांचे को तोड़कर एक नए विकल्प को चुना है.
वहीं, केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की 30 सीटों के फाइनल नतीजे आ चुके हैं. यहां मुख्यमंत्री एन. रंगास्वामी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 18 सीटों पर जीत दर्ज की है और बहुमत के साथ अपनी सत्ता बरकरार रखी है. कांग्रेस गठबंधन (CONG+) के खाते में केवल 6 सीटें लगी हैं, जबकि अन्य के खाते में भी 6 सीटें गई हैं. 9 अप्रैल को हुई 89.97 फीसदी की रिकॉर्ड वोटिंग ने यहां एनडीए के पक्ष में प्रो-इंकम्बेंसी (सत्ता के समर्थन में लहर) का काम किया.

तमिलनाडु की 234 सीटों पर चुनावी तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है. सुपरस्टार विजय की पार्टी TVK 107 सीटों के साथ राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बन गई है. वहीं, सत्ता से बाहर हुआ डीएमके (DMK+) गठबंधन 60 सीटों पर सिमट गया है, जबकि एआईएडीएमके (AIADMK+) गठबंधन को 47 सीटों पर जीत मिली है. मुख्यमंत्री स्टालिन की हार के बाद डीएमके खेमे में मायूसी है, तो वहीं विजय के समर्थक जीत के जश्न में डूबे हैं.
23 अप्रैल को हुई 85 फीसदी से ज्यादा वोटिंग का असर अब नतीजों में साफ दिख रहा है. एग्जिट पोल में जो संकेत मिले थे, नतीजे उससे भी कहीं ज्यादा बड़े नजर आ रहे हैं. अब देखना होगा कि क्या विजय अकेले दम पर सरकार बनाएंगे या तमिलनाडु में कोई नया समीकरण बनेगा. फिलहाल, पुडुचेरी में एनडीए की वापसी पक्की हो गई है और तमिलनाडु में विजय का जादू जमकर चल रहा है.