उत्तर प्रदेश में साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस पार्टी के भीतर संगठनात्मक पदों और टिकट वितरण को लेकर बड़े विवाद की खबर सामने आई है. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, यहां तक कि राहुल गांधी को भी ई-मेल भेजकर यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम के कथित सहयोगियों पर वसूली के आरोप लगाए गए हैं.
मामला सामने आने के बाद राजेंद्र पाल गौतम ने वीडियो जारी कर सफाई दी है. उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस में न तो संगठनात्मक पद देने के लिए पैसे लिए जाते हैं और न ही चुनाव का टिकट देने के नाम पर किसी से रकम मांगी जाती है. साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं और चुनाव लड़ने के इच्छुक नेताओं को फर्जी दावेदारों और ठगी करने वालों से सावधान रहने की अपील की है.
दरअसल, यूपी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में संगठन को मजबूत करने और टिकट वितरण की तैयारियों के बीच पैसे मांगने की शिकायत सामने आई है. आरोप है कि राजेंद्र पाल गौतम के कुछ कथित सहयोगी संगठन में पद दिलाने और विधानसभा चुनाव का टिकट पक्का कराने के नाम पर लोगों से रकम मांग रहे हैं.
इस संबंध में राहुल गांधी समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को ई-मेल भेजकर शिकायत की गई है. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और न ही शिकायत में लगाए गए आरोपों पर किसी कार्रवाई की जानकारी सामने आई है.
राजेंद्र पाल गौतम की सफाई
विवाद बढ़ने के बाद राजेंद्र पाल गौतम ने वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसी को भी टिकट देने या संगठन में पद देने के लिए पैसे नहीं लेती. उन्होंने कार्यकर्ताओं और चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों से अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं और किसी भी तरह के झांसे में आकर रकम जमा न करें.
गौतम ने कहा कि अभी तक किसी से टिकट देने को लेकर बात ही नहीं हुई है, क्योंकि सीटों के बंटवारे की प्रक्रिया शुरू होने वाली है. उन्होंने आशंका जताई कि जैसे-जैसे टिकट वितरण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, इस तरह के आरोप और भी सामने आ सकते हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के मजबूत होने के साथ ही विरोधी तरह-तरह के आरोप लगाएंगे, लेकिन कार्यकर्ताओं को सावधान रहना चाहिए.
₹76 हजार जमा कराने के नाम पर पहले भी आए थे फोन
राजेंद्र पाल गौतम ने अपने बयान में एक पुराने मामले का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि पहले भी कुछ लोगों के पास फोन गए थे. फोन करने वालों ने खुद को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) से जुड़ा बताकर दावा किया था कि चुनाव लड़ने के लिए उनका नाम लगभग तय हो रहा है. इसके बाद उनसे 76 हजार रुपये एक खाते में जमा कराने को कहा गया था और बारकोड भेजने की बात कही गई थी.
गौतम ने चेतावनी दी कि भविष्य में भी कोई उनके या उनके स्टाफ के नाम का इस्तेमाल करके इस तरह की ठगी की कोशिश कर सकता है. इसलिए किसी भी व्यक्ति को टिकट या पद के नाम पर पैसे नहीं देने चाहिए.
जनता की पसंद और सर्वे के आधार पर मिलेगा टिकट
गौतम ने यह भी बताया कि कांग्रेस टिकट वितरण में जमीनी कार्यकर्ताओं और जनता के बीच पकड़ रखने वाले नेताओं को प्राथमिकता देगी. उनके मुताबिक, पार्टी ऐसे उम्मीदवारों को टिकट देना पसंद करेगी जिन्हें जनता का समर्थन हासिल हो और जिनका नाम सर्वे में मजबूत दावेदार के तौर पर सामने आए. उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को दोबारा मजबूत करना है और इसके लिए जमीनी स्तर पर मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं की भूमिका अहम होगी.
उन्होंने अपने बयान में यह भी कहा कि आरोप-प्रत्यारोप के बावजूद कार्यकर्ताओं को अपने लक्ष्य पर ध्यान देना चाहिए. अब इस पूरे मामले में शिकायतों पर पार्टी की ओर से क्या कदम उठाया जाता है और कथित वसूली के आरोपों की जांच होती है या नहीं, इस पर नजर रहेगी.