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पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले 13 लाख वोट कटे, SIR की फाइनल वोटर लिस्ट जारी

पंजाब की अंतिम मतदाता सूची जारी हो गई है. SIR से पहले के मुकाबले अंतिम सूची में 13.60 लाख से ज्यादा मतदाता कम हुए हैं, यानी 6.33 फीसदी की कमी आई है. हालांकि, 13 अगस्त को जारी ड्राफ्ट सूची के मुकाबले अंतिम मतदाता सूची में 3.64 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

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पंजाब में SIR के बाद फाइनल वोटर लिस्ट जारी.(File Photo)
पंजाब में SIR के बाद फाइनल वोटर लिस्ट जारी.(File Photo)

पंजाब की फाइनल वोटर लिस्ट सोमवार (12 अक्टूबर) को जारी कर दी गई. SIR शुरू होने से पहले राज्य में 2,14,61,043 मतदाता दर्ज थे, जो अब घटकर 2,01,00,727 रह गए हैं. यानी अंतिम सूची में 13.60 लाख से ज्यादा मतदाता कम हुए हैं, जो 6.33 फीसदी की कमी है. हालांकि, 13 अगस्त को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची के मुकाबले अंतिम सूची में 3.64 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. ड्राफ्ट सूची में कुल 1,93,94,435 मतदाता दर्ज थे.

अंतिम मतदाता सूची में 1,03,76,026 पुरुष, 97,24,195 महिला और 506 थर्ड जेंडर मतदाता हैं. SIR से पहले की संख्या में कमी का कारण मतदाताओं की मृत्यु, स्थायी रूप से दूसरी जगह चले जाना, अनुपस्थित होना या डबल वोट बताया गया है.

पंजाब की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा के मुताबिक, चुनाव आयोग के निर्देशों के तहत राज्य में 25 जून से मतदाता सूची का SIR शुरू किया गया था. पंजाब को SIR 2026 के तीसरे चरण में शामिल किया गया था. उन्होंने कहा कि ड्राफ्ट सूची में 1,93,94,435 मतदाताओं से बढ़कर अंतिम सूची में 2,01,00,727 मतदाता हो गए. यह 3.64 फीसदी की बढ़ोतरी है. उन्होंने बताया कि अंतिम मतदाता सूची में 7,97,263 नए मतदाताओं को जोड़ा गया है.

घर-घर जाकर किया गया सत्यापन

अनिंदिता मित्रा ने बताया कि बूथ लेवल अधिकारियों ने 25 जून से 3 अगस्त तक घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया. इस दौरान पंजीकृत मतदाताओं को एन्यूमरेशन फॉर्म दिए गए और उनसे वापस लिए गए. 13 अगस्त को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में 1,93,94,435 मतदाता थे. उस समय कुल मतदाताओं में से 20,66,608 यानी 9.63 फीसदी मतदाताओं को अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट के तौर पर बंटवारा किया गया था.

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दावों और आपत्तियों की अवधि के दौरान राज्यभर में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को ड्राफ्ट मतदाता सूची की प्रतियां दी गई थीं. 13 अगस्त से 12 सितंबर के बीच लोगों से अपनी जानकारी की जांच करने और जरूरत होने पर दावे या आपत्तियां दाखिल करने को कहा गया था. आवेदन ECINET मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाइन, बूथ लेवल अधिकारियों के माध्यम से ऑफलाइन या चुनाव पंजीकरण अधिकारियों के कार्यालय में जमा किए जा सकते थे. इस दौरान पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी, 19 रोल ऑब्जर्वर और जिला निर्वाचन अधिकारियों ने दावों और आपत्तियों की जांच के लिए फील्ड विजिट और सुपर-चेकिंग की.

86,038 मतदाताओं को किया गया अपात्र

13 अगस्त से 8 अक्टूबर तक दावों और आपत्तियों के निपटारे के चरण में ऐसे मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए, जिनका मैपिंग नहीं हुआ था या जिनकी जानकारी में गड़बड़ी थी. अनिंदिता मित्रा ने बताया कि नोटिस पाने वाले 35,49,036 मतदाताओं में से 86,038 को विस्तृत सत्यापन और स्पीकिंग ऑर्डर के जरिए अपात्र पाया गया.

 बढ़ाए गए मतदान केंद्र

मतदाताओं की सुविधा बढ़ाने के लिए सभी जिलों में मतदान केंद्रों का पुनर्गठन किया गया. इसके तहत मतदान केंद्रों की संख्या 24,453 से बढ़ाकर 25,332 कर दी गई. मतदाताओं तक पहुंच बनाने के लिए एक महीने की SVEEP योजना के तहत कई माध्यमों से जागरूकता अभियान चलाया गया. मतदाताओं को अपनी जानकारी जांचने और जमा करने में मदद के लिए 7 जून, 11-12 जुलाई, 19 जुलाई और 16 अगस्त को मतदान केंद्रों पर स्पेशल शिविर लगाए गए. युवा मतदाताओं के पंजीकरण के लिए कॉलेजों और स्कूलों में भी विशेष शिविर आयोजित किए गए. राज्य और जिला स्तर पर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ नियमित बैठकें भी की गईं.

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