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'जैसे-जैसे बढ़े दीप, वैसे-वैसे बढ़ी UP की समृद्धि,' योगी बोले- अयोध्या आस्था का विषय, राजनीति का नहीं

'आजतक पंचायत अयोध्या' के मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के बदलते स्वरूप और दीपोत्सव की दस वर्षों की विकास यात्रा का जिक्र करते हुए विपक्ष पर जमकर निशाना साधाय उन्होंने कहा कि अयोध्या आस्था की नगरी है, राजनीति की नहीं और रामभक्तों की भावनाओं से खिलवाड़ करने वाला कोई भी व्यक्ति यहां टिक नहीं सकता.

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आजतक पंचायत अयोध्या के मंच पर सीएम योगी (Photo-ITG)
आजतक पंचायत अयोध्या के मंच पर सीएम योगी (Photo-ITG)

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'आजतक पंचायत अयोध्या' के मंच से दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए अयोध्या के बदलते स्वरूप और दीपोत्सव की दस वर्षों की विकास यात्रा का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में अयोध्या के साथ-साथ उत्तर प्रदेश भी तेजी से बदला है. दीपोत्सव का हर संस्करण प्रदेश की बढ़ती समृद्धि और नई ऊर्जा का प्रतीक बना है. 

सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि अयोध्या उनके लिए और बीडेपी के लिए राजनीति का अखाड़ा नहीं, बल्कि पवित्र आस्था की नगरी है. अयोध्या के कायाकल्प, दीपोत्सव के सफर और प्रदेश की आर्थिक प्रगति को लेकर बेबाक विचार रखे.

मुख्यमंत्री ने दीपोत्सव के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए बताया कि पहले दीपोत्सव के दौरान अयोध्या जिले में महज 2.55 लाख दीप जलाने की व्यवस्था हो पाई थी.  इसके लिए प्रदेश के अलग-अलग जनपदों से भी दीप एकत्र करने पड़े थे. वहीं, दसवें दीपोत्सव तक पहुंचते-पहुंचते अकेले अयोध्या नगरी में 70 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित किए गए. 

उन्होंने कहा कि राम की पैड़ी और नए घाट से लेकर गुप्तार घाट तक घाटों की श्रृंखला में लगभग 36 लाख दीप जलाए गए. उन्होंने इसे उत्तर प्रदेश की बढ़ती आर्थिक समृद्धि और जनभागीदारी का प्रतीक बताया.

दसवां दीपोत्सव अंत नहीं, नई शुरुआत

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दीपोत्सव के दसवें संस्करण को आखिरी दीपोत्सव बताए जाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हर दिन अपने आप में आखिरी होता है और हर आखिरी दिन एक नई शुरुआत लेकर आता है. उन्होंने कहा कि जब पहला दीपोत्सव शुरू हुआ था, तब भी लोगों ने सवाल उठाए थे कि क्या यह आखिरी होगा। लेकिन सरकार ने इसे एक शुरुआत माना और आज यह आयोजन नई ऊंचाइयों तक पहुंच चुका है.

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या उनके लिए आस्था की नगरी है, राजनीति का विषय नहीं। यहां पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ प्रभु श्रीराम के चरणों में नमन करने आते हैं। रामभक्तों की भावनाओं का सम्मान और पूज्य संतों के सानिध्य में अयोध्या का विकास सरकार की प्राथमिकता है.

आजादी के साथ ही गुलामी खत्म कर देना चाहिए था-योगी

मुख्यमंत्री ने राम जन्मभूमि आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि अयोध्या का यह परिवर्तन एक दिन की यात्रा का परिणाम नहीं है, बल्कि इसके पीछे 500 वर्षों का संघर्ष और रामभक्तों का बलिदान जुड़ा है. उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत में ही गुलामी के प्रतीक को समाप्त हो जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

उन्होंने आरोप लगाया कि आजादी के बाद सत्ता में रहे लोगों की प्राथमिकताओं में भारत की सनातन परंपरा और भगवान श्रीराम नहीं थे। राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान कई बार बाधाएं खड़ी की गईं और रामभक्तों को संघर्ष करना पड़ा. 1949 की घटनाओं से लेकर 90 के दशक में रामभक्तों पर चली गोलियों तक का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आंदोलन को बार-बार दबाने का प्रयास हुआ.

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योगी ने कहा कि जिन संतों, रामभक्तों और कारसेवकों ने राम जन्मभूमि आंदोलन में बलिदान दिया, उनकी भावनाओं के अनुरूप आज अयोध्या को विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की भाजपा सरकार ने अयोध्या को वह स्वरूप देने का काम किया है, जिसकी चर्चा कभी रामायण में पढ़ने और सुनने को मिलती थी.

अयोध्या का विकास और गरीब कल्याण का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीराम उनके आदर्श हैं और उन्हीं को आदर्श मानकर सरकार ने विकास के साथ गरीब कल्याण को भी प्राथमिकता दी है. सरकार की योजनाओं का लाभ बिना भेदभाव गांव, गरीब, किसान, दलित, वंचित और महिलाओं तक पहुंचाने का काम किया गया है.

उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने कभी अयोध्या की उपेक्षा की, राम जन्मभूमि आंदोलन में बाधाएं खड़ी कीं और धार्मिक यात्राओं तथा परिक्रमाओं को रोकने का प्रयास किया, वे आज अयोध्या के बदलते स्वरूप को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं.

अब रामभक्तों की भावनाओं से खिलवाड़ नहीं-सीएम

विपक्ष पर निशाना साधते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो लोग कभी अयोध्या को अपमानित और उपेक्षित करते थे, वे आज अयोध्या के विकास को पचा नहीं पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि अब अयोध्या को बदनाम करने और रामभक्तों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने की राजनीति नहीं चल सकती.

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मुख्यमंत्री ने कहा कि अब अयोध्या में कर्फ्यू नहीं लग सकता/ दंगाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने वाली सरकार सत्ता में है। उन्होंने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि रामभक्तों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने वाला कोई भी व्यक्ति अयोध्या में टिक नहीं सकता.

आजतक पंचायत के मंच से मुख्यमंत्री का संदेश साफ था कि अयोध्या का विकास केवल भौतिक निर्माण की कहानी नहीं, बल्कि आस्था, विरासत, संघर्ष और सांस्कृतिक गौरव को पुनर्स्थापित करने का अभियान है.

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