उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव की सियासी सरगर्मी के बीच शंकराचार्य के शरण में सपा प्रमुख अखिलेश यादव पहुंचे. अखिलेश यादव ने गुरुवार सुबह शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात की और आशीर्वाद लिया. चुनावी तपिश और राम मंदिर चंदा चोरी की चर्चा के बीच शंकाराचार्य से मुलाकात के बाद अखिलेश ने राम मंदिर में चढ़ावा चोरी, गौरक्षा और सनातन धर्म के मुद्दे पर बीजेपी को कठघरे में खड़े करते नजर आए.
ज्योतिर्मठ पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से अखिलेश यादव की करीब आधे घंटे की मुलाकात में हुई. शंकराचार्य के शरण में अखिलेश यादव बैठे हुए नजर आए और राम मंदिर में चंदा चोरी से लेकर गौरक्षा के मुद्दे पर बातचीत कर सूबे में सियासी हलचल मचा दी है.
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात के दौरान बातचीत का अखिलेश यादव ने मीडिया से जिक्र किया. 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए अखिलेश कोई भी मौका नहीं गंवा रहे हैं, अपने सियासी समीकरण को दुरुस्त रखने के साथ-साथ सॉफ्ट हिंदुत्व की राह पर भी चल रहे हैं. शंकराचार्य से मुलाकात को इसी कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है और सवाल उठ रहे हैं कि क्या आगामी चुनाव में बीजेपी को घेरने का नया दांव है?
शंकराचार्य से मुलाकात में बाद अखिलेश ने बीजेपी को घेरा
अखिलेश यादव ने शंकराचार्य से मुलाकात के बाद बीजेपी को घेरते हुए नजर आए. उन्होंने कहा कि राम मंदिर में चोरी की घटना से साबित हो गया है कि धर्म के नाम पर महापाप हुआ है. बीजेपीने महापाप किया है. बीजेपी में अभी से भगदड़ मची है.इनकी पार्टी के बहुत सारे लोग मुझसे संपर्क में हैं. जांच के नाम पर एसआईटी केवल पूरे मामले में लीपापोती कर रही है.'
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि अगर अयोध्या राम मंदिर जो लोग काम करते थे.उन सबकी सीडीआर निकाली जाए. 99 फीसदी लोग भाजपाई निकलेंगे. आरोप लगाया कि चंदा चोरी में ज्यादातर लोग शामिल हैं, जिन्हें बचाने का पूरा खेल चल रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेताओं के खिलाफ लगातार मुकदमे दर्ज किए जाते हैं, लेकिन विपक्ष की शिकायतों पर एफआईआर तक दर्ज नहीं होती.
शंकराचार्य से अखिलेश यादव की क्या-क्या बातचीत हुई
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से अखिलेश यादव की मुलाकात के दौरान हुई बातचीत का वीडियो भी सामने आ गया है. शंकराचार्य कह रहे हैं कि राम मंदिर में महाघोटाला हुआ है. इस पूरे मामले में कार्रवाई तो होगी, लेकिन जब नए मुख्यमंत्री आएंगे तभी सही तरीके से पूरे मामले में जांच और कार्रवाई होगी. अखिलेश ने कहा कि उन्हें पूज्य शंकराचार्य के दर्शन और आशीर्वाद का सौभाग्य प्राप्त हुआ.
अखिलेश यादव ने बताया कि शंकराचार्य से मुलाकात के दौरान सनातन पर आए संकट और धर्म को अधर्मियों के चंगुल से मुक्त कराने को लेकर विस्तृत बातचीत हुई है.उन्होंने कहा कि शंकराचार्य गौमाता की स्थिति को लेकर बेहद चिंतित हैं, गौरक्षा के लिए बेहतर तरीके से कदम उठाने की आवश्यकता है. राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर अखिलेश यादव ने एक बार फिर भाजपा सरकार को निशाने पर लिया.
सपा प्रमुख ने कहा कि राम मंदिर में चंदा चोरी से सनातनी बहुत दुखी है . गाय की सेवा करने वाले बहुत दुखी हैं. मैंने पूज्य शंकराचार्य जी से मुलाकात की है, हाल ही में वो सैफई और मैनपुरी गए थे. शंकराचार्य जी गऊ माता के लिए चिंतित हैं. बीजेपी अपने स्वार्थ के लिए चीजें और विचार बदलती रहती है, जो किसी से छिपा नहीं है. अयोध्या में प्रभु राम की मर्यादा को तोड़ मरोड़ कर अपने स्वार्थ के लिए बीजेपी ने क्या क्या किया है. गांव गांव में चर्चा है, इन्होंने महापाप किया है. इन्होंने
छोटों पर कार्यवाही कर रहे हैं. बड़ों पर क्या हुई?
अखिलेश सपा की हिंदू वाली छवि को बदलने में जुटे
बीजेपी शुरू से ही सपा को हिंदी विरोधी कठघरे में खड़ी कर रही है. यही नहीं अखिलेश यादव पर हिंदू विरोधी होने का आरोप लगाकर उन्हें मुस्लिम परस्त बताती रही है. यही वजह है कि अखिलेश यादव इन दिनों अपनी छवि को बदलने में जुटे हैं, जिसके लिए इटावा में मंदिर बनवा रहे हैं. राम मंदिर के चंदा चोरी का मामला भी अखिलेश ने ही उजागर किया था. अब सपा प्रमुख ने शंकराचार्य से मुलाकात कर सूबे की सियासत में हलचल मचा दी है, जिसे अपनी छवि बदलने की कोशिश कर रहे हैं.
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद 81 दिनों की यात्रा पर निकल रहे हैं, जिसमें गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने की मांग को उठाया जा रहे है. ऐसे में अखिलेश यादव शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के चरणों में बैठे हैं औरउनके बीच गौ रक्षा, गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने पर बात हो रही है. अखिलेश यादव इस बार के चुनाव में भावनात्मक मुद्दों को हवा दे रही है. राम मंदिर, आस्था, गौरक्षा जैसे मुद्दे उठाकर बीजेपी को घेरने के साथ मात देने का प्लान बनाया है.