दीपावली के पावन अवसर पर 'आजतक पंचायत अयोध्या' के कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिरकत किया. इस दौरान सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के प्रस्तावित अयोध्या दौरे को लेकर बड़ा बयान दिया है.
अखिलेश के अयोध्या आने पर सीएम योगी का तंज
उन्होंने कहा कि अयोध्या में हर किसी को आने का अधिकार है, लेकिन सपा के मुखिया अगर अयोध्या आना चाहते हैं तो उन्हें पहले अपने कृत्यों और कारनामों के लिए रामभक्तों से माफी मांगनी चाहिए. उन्हें अयोध्या की उपेक्षा के लिए भी माफी मांगनी चाहिए.
सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या भगवान राम की नगरी है. यहां पवित्र भाव और श्रद्धा के साथ आने वाले हर व्यक्ति का सम्मान है। लेकिन कोई व्यक्ति दूषित भावना के साथ आएगा तो उसे दुर्गति प्राप्त होगी. उन्होंने सवाल उठाया कि जिन लोगों ने वर्षों तक अयोध्या की उपेक्षा की, रामभक्तों की भावनाओं का सम्मान नहीं किया, वे आज किस मुंह से अयोध्या आने की बात कर रहे हैं.
सीएम योगी ने कहा कि जो लोग कभी कहते थे कि अयोध्या में परिंदा भी पर नहीं मार सकता,जो जय श्रीराम बोलने पर रोक लगाते थे, वे आज राम मंदिर में दर्शन करने का सपना देख रहे हैं. जिन्होंने भगवान राम के भक्तों पर गोलियां चलाईं और जिन्होंने संतों को अपमानित किया व उन पर लाठीचार्ज किया. अगर वे कभी अयोध्या आएं, तो उन्हें पहले माफी मांगनी चाहिए. उन्हें भगवान राम के भक्तों से माफी मांगनी चाहिए. उन्हें संतों से माफी मांगनी चाहिए. उन्हें अपने पिछले कृत्यों के लिए पश्चाताप करना चाहिए.
राम मंदिर चढ़ावा मामले पर विपक्ष के दुष्प्रचार का आरोप
राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों की गलत हरकतों की सजा पूरी अयोध्या, संत समाज और रामभक्तों को नहीं दी जा सकती। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट एक स्वायत्त संस्था है, जिसका गठन सुप्रीम कोर्ट के आदेश से हुआ हैय राज्य सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं है। सरकार केवल सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए सहयोग करती है.
योगी ने बताया कि जैसे ही मामले की जानकारी मिली, सरकार ने ट्रस्ट से संपर्क कर कार्रवाई आगे बढ़ाने को कहा। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच और कार्रवाई हुई। एसआईटी गठित की गई और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा. जिन लोगों पर आरोप लगे थे, उन्हें ट्रस्ट से बाहर किया गया और गिरफ्तारियां भी हुईं। उन्होंने कहा कि अब वहां पारदर्शी व्यवस्था स्थापित है. कुछ गिने-चुने लोगों के गलत कार्यों के कारण पूरी अयोध्या को बदनाम करना दुर्भाग्यपूर्ण है.
पहले अयोध्या में तीन घंटे आती थी बिजली-सीएम योगी
मुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए अयोध्या के पुराने हालात और मौजूदा विकास की तुलना की., उन्होंने कहा कि एक समय अयोध्या में मुश्किल से तीन घंटे बिजली मिलती थी. शहर गंदगी से भरा रहता था और सरयू का जल एक स्थान पर इकट्ठा होकर सड़ता रहता था। उस समय अयोध्या की गलियां संकरी थीं, लेकिन आज यहां फोरलेन कनेक्टिविटी, धर्मपथ, श्रीराम पथ, भक्तिपथ और जन्मभूमि पथ जैसी सुविधाएं विकसित हुई हैं,
उन्होंने कहा कि आज अयोध्या में पंचकोसी और 14 कोसी परिक्रमा के लिए बेहतर व्यवस्थाएं हैं. अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बना है। राम जन्मभूमि परिसर में महर्षि वाल्मीकि, गोस्वामी तुलसीदास, महर्षि विश्वामित्र, माता शबरी, निषादराज और गिद्धराज जटायु को भी सम्मानजनक स्थान दिया गया हैय
योगी ने कहा कि आज अयोध्या आस्था और आधुनिकता का अद्भुत संगम बन चुकी है. लाखों लोग यहां आकर अपनी आस्था व्यक्त कर रहे हैं। यह बदलाव उन लोगों को स्वीकार नहीं हो रहा, जिन्होंने कभी अयोध्या की उपेक्षा की थी.
'अयोध्या चुनाव लड़ने का नहीं, आस्था का विषय'
अयोध्या से चुनाव लड़ने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह यहां चुनाव लड़ने नहीं आए थे. पिछली बार कुछ लोगों ने उन्हें चुनौती दी थी और उन्होंने उसका जवाब दिया, लेकिन चुनौती देने वाले पहले ही पीछे हट गए. उन्होंने कहा कि अयोध्या उनके लिए चुनावी राजनीति का विषय नहीं, बल्कि आस्था का विषय है.
योगी ने गोरक्षपीठ की राम जन्मभूमि आंदोलन में भूमिका का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उनके दादा गुरु और पूज्य गुरु भी इस आंदोलन से जुड़े रहे हैं। उनके लिए यह गौरव की बात है कि वह अपनी विरासत को आगे बढ़ाते हुए श्रीराम जन्मभूमि और अयोध्या के लिए योगदान दे पा रहे हैं.
एंटी इनकंबेंसी के सवाल पर बोले सीएम योगी
सरकार के दस साल पूरे होने और एंटी इनकंबेंसी के सवाल पर योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश का कोई भी व्यक्ति सरकार के खिलाफ नकारात्मक भाव नहीं रखता. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में सरकार विरासत और विकास की यात्रा को आगे बढ़ा रही है.
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य की श्रेणी से निकलकर देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है. अब लक्ष्य इसे देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना है. उन्होंने एक्सप्रेसवे, मेट्रो, एयर कनेक्टिविटी और धार्मिक स्थलों के विकास को सरकार की उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा कि प्रदेश में 4,500 से अधिक धार्मिक स्थलों के पुनरोद्धार का काम पूरा किया जा चुका है या जारी है.
9.5 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने का दावा
रोजगार के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से 2026 के बीच उनकी सरकार ने 9.5 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी है. उन्होंने समाजवादी पार्टी की पूर्ववर्ती सरकारों पर परिवारवाद, भाई-भतीजावाद और भर्ती में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए.
योगी ने कहा कि उनकी सरकार में पारदर्शी तरीके से नियुक्तियां की गई हैं. उन्होंने 32 हजार पुलिस कांस्टेबल और 42 हजार होमगार्ड जवानों की भर्ती प्रक्रिया का भी जिक्र किया. इसके अलावा अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्तियों में करीब 25 हजार नियुक्तियों की प्रक्रिया पूरी होने और सत्यापन की कार्रवाई जारी होने की जानकारी दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार देने के अपने संकल्प पर लगातार काम कर रही है.,