करोड़ों की आबादी में अपनी अलग पहचान बनाना आसान नहीं है. वहीं अगर आप कोई काम एक अलग अंदाज में दुनिया के सामने पेश करें उसमें भी कई आलोचनाएं झेलनी पड़ती हैं. आज हम आपको ऐसी लड़की की कहानी बताने जा रहे हैं, जो दुनिया की बातों को नजरअंदाज कर एक बेहतरीन डांसर बनींं.
मुस्लिम परिवार में जन्मीं स्टेफनी कुर्लो ने डांसर बनने का सोचा था. आज ये बैले डांसर हैं और उनके डांस में खास बात ये है कि वह हिजाब पहन कर बैले डांस करती हैं. स्टेफनी की उम्र महज 14 साल हैं और अभी स्कूल में पढ़ाई करती है.
उन्हें दुनिया की पहली ऐसी लड़की कहा जा रहा है जो बैले डांस हिजाब पहनकर करती है. एक इंटरव्यू में स्टेफनी ने कहा था, 'डांस की वजह से मैं खुद को भगवान के और करीब महसूस करती हूं.
स्टेफनी सिडनी में पली-बढ़ी है और अपने परिवार के साथ ऑस्ट्रेलिया में रहती हैं. उनका सपना प्रोफेशनल बैलेरीना डांसर बनने का है. बता दें उनकी मां आस्ट्रेलिया की हैं और पिता रशियन हैं. वे जब 9 साल की थीं तो उनके माता-पिता ने इस्लाम धर्म अपनाया था.
वह लंबी स्कर्ट्स और हिजाब पहनकर लगातार डांस की प्रैक्टिस करती हैं. हफ्ते में 30 घंटे डांस करती हैं. वहीं हिजाब पहनकर बैले डांस करने पर उन्हें सोशल मीडिया पर हेट कमेंट्स आते हैं, पर इस पर उनका कहना है कि उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता. मेरा उद्देश्य बैलेरीना डांसर बनने का है, ताकि वह दुनिया भर की मुस्लिम बच्चियों के लिए मिसाल बन सकूं.