
JPSC–JSSC भ्रष्टाचार-मुक्त एवं पारदर्शी भर्ती अभियान को लेकर आंदोलन की रफ्तार लगातार तेज होती जा रही है. मंगलवार को सत्याग्रह धरना के 11 दिन पूरे हो गए. वहीं अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को तीन दिन बीत चुके हैं. आंदोलन स्थल पर बड़ी संख्या में युवा, अभिभावक एवं समर्थक पहुंचकर आंदोलन को अपना समर्थन दे रहे हैं.
आंदोलनकारी छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो जो रांची के Gen-Z छात्र आंदोलन का चेहरा हैं, उन्होंने कहा कि झारखंड के युवाओं के भविष्य और उनके अधिकारों के लिए यह संघर्ष निर्णायक दौर में पहुंच चुका है. उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु (समाज का मार्गदर्शक और नेता) शिबू सोरेन के संघर्ष और आंदोलन की राह पर चलते हुए वे युवाओं के हक एवं न्याय की लड़ाई को मजबूती से जारी रखेंगे.
बता दें कि 4 अगस्त को ही पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की पुण्यतिथि थी. JPSC-JSSC परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर विरोध कर रहे उम्मीदवारों ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए एक श्रद्धांजलि मार्च भी निकाला था.

लगातार तीन दिनों से पानी और अन्न का त्याग कर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत अब काफी नाजुक बताई जा रही है. उनके ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर में काफी गिरावट आई है. शरीर में तेज दर्द, कमजोरी, थकान, डिहाइड्रेशन और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ रही हैं. डॉक्टरों की सलाह के मुताबिक, उनकी स्थिति को देखते हुए स्लाइन चढ़ाया गया है.
महतो ने साफ कहा कि जब तक झारखंड सरकार युवाओं की जायज मांगों पर गंभीरता से पहल नहीं करती और JPSC–JSSC में कथित अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित नहीं करती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.
उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति या दल विशेष की नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों बेरोजगार युवाओं और उनके अभिभावकों के भविष्य एवं सम्मान की लड़ाई है.
आंदोलन स्थल पर लगातार बढ़ती युवाओं एवं अभिभावकों की भीड़ यह दर्शा रही है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता एवं न्याय की मांग को लेकर राज्य के युवाओं में गहरी चिंता और आक्रोश है.
JPSC अनियमितताओं में अबतक 14 गिरफ्तार
इसी बीच झारखंड CID ने मंगलवार को JPSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की चल रही जांच के सिलसिले में तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है. अब गिरफ्तार लोगों की संख्या 14 हो गई है.