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सरकार के 25 बहाने, आंदोलन पर कैसे हो रहा टालमटोल... रांची के छात्रों ने जारी की लिस्ट!

झारखंड सरकार और JSSC-CGL अभ्यर्थियों के बीच भरोसे की जंग जारी है. मंत्री स्तर पर 90 दिन में जांच और IIT-IIM विशेषज्ञों की कमेटी का वादा किया गया, तो वहीं छात्रों ने टालमटोल के '25 रटे-रटाए बहानों' की लिस्ट जारी कर सरकार को बेनकाब कर दिया. 15 अगस्त के बाद मुख्यमंत्री आवास के सीधे घेराव के अल्टीमेटम से प्रशासन में हड़कंप है और पूरे इलाके को छावनी बना दिया गया है!

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झारखंड में छात्र परीक्षा के मुद्दे और JPSC में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं.
झारखंड में छात्र परीक्षा के मुद्दे और JPSC में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं.

रांची की सड़कों पर आंदोलन कर रहे प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों और झारखंड सरकार के बीच 'भरोसे की जंग' अब और तीखी हो गई है. एक तरफ जहां सरकार यह दावा कर रही है कि वह छात्रों की मांगों पर सकारात्मक कदम उठा रही है और बैठकों का दौर जारी है, वहीं दूसरी तरफ छात्रों ने सोशल मीडिया पर 'सरकार के 25 बहानों' की एक पूरी सूची जारी कर दी है. आंदोलनकारियों का सीधा आरोप है कि सरकार ठोस फैसला लेने के बजाय सिर्फ आश्वासन और तारीखें देकर टालमटोल कर रही है.

'25 जुमले' vs सरकारी पहल: छात्रों ने घेरा

हाल ही में कांग्रेस नेता और मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी कि सरकार छात्रों की जायज मांगों को लेकर बेहद गंभीर है. उन्होंने बताया कि JSSC CGL समेत अन्य परीक्षाओं में सुधार के लिए वार्ता के दो दौर पूरे हो चुके हैं और CID जांच के साथ-साथ न्यायिक निगरानी (Judicial Oversight) और IIT-IIM के एक्सपर्ट्स के साथ परीक्षा सुधार समिति बनाने पर काम चल रहा है.

लेकिन, सरकार के इस रुख के जवाब में JPSC JSSC REFORM MANCH ने एक के बाद एक सरकार के 25 बयानों और बहानों की लिस्ट जारी कर दी.

छात्रों द्वारा जारी '25 बहानों' की लिस्ट में शामिल मुख्य बिंदु:

मामले को गंभीरता से लिया गया है
संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है
आपकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार हो रहा है
समय आने पर उचित निर्णय लिया जाएगा
कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा

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छात्रों का कहना है कि साल-दर-साल यही रटे-रटाए जवाब सुनकर वे थक चुके हैं. अब उन्हें खोखले आश्वासन नहीं, बल्कि समयबद्ध सीमा में ठोस परिणाम और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता चाहिए.

CM हाउस 'अभेद्य किला', 15 अगस्त के बाद उग्र आंदोलन का अल्टीमेटम
रांची में जमीनी हकीकत की बात करें तो 10 अगस्त को हुए विधानसभा घेराव के बाद से छात्रों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है. हालांकि धरनास्थल पर छात्रों की संख्या में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, लेकिन अभ्यर्थियों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जल्द कोई ठोस रास्ता नहीं निकाला, तो 15 अगस्त के बाद मुख्यमंत्री आवास का सीधे घेराव किया जाएगा.

छात्रों के इस सख्त रुख और खुफिया इनपुट्स को देखते हुए रांची प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है:

'अब बहानों का दौर खत्म, रिजल्ट चाहिए!'
छात्र नेताओं का स्पष्ट कहना है कि JSSC CGL जैसी बड़ी परीक्षाओं में हुए फर्जीवाड़े और पेपर लीक के मामलों में लीपापोती बर्दाश्त नहीं की जाएगी. सरकार भले ही 90 दिनों के भीतर जांच पूरी करने और फास्ट ट्रैक कोर्ट का हवाला दे रही हो, लेकिन अभ्यर्थियों की मांग है कि जब तक विवादित परीक्षाएं रद्द कर पूरी प्रणाली को साफ-सुथरा नहीं किया जाता, उनका यह आंदोलन किसी न किसी रूप में जारी रहेगा. 

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