तबीयत बिगड़ी, गले की नालियां सूखीं और समर्थकों की मिन्नतों के बाद आखिरकार छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने पानी पिया... लेकिन लड़ाई खत्म नहीं हुई है! पानी का एक घूंट गले से नीचे उतारते ही देवेंद्र ने साफ कर दिया कि यह अनशन का अंत नहीं, बल्कि भ्रष्ट सिस्टम के खिलाफ आर-पार का नया आगाज है.
बता दें कि झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में हुई कथित धांधली को लेकर छात्रों का आक्रोश अब चरम पर है. छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के साथ अब 4 और अभ्यर्थियों राहुल क्रांति कुमार, हबीबा, रूपेश और सविता कुमारी ने अन्न-जल त्याग दिया है. स्टेडियम में बने इस अनशन मंच से युवाओं ने साफ कर दिया है कि जब तक लिखित में न्याय नहीं मिलेगा, वे पीछे नहीं हटने वाले. बता दें कि देवेंद्र नाथ महतो जहां आंदोलन कर रहे हैं, उससे थोड़ी दूरी पर राहुल क्रांति कुमार, हबीबा, रूपेश और सविता कुमारी प्रदर्शन कर रहे हैं.
कौन हैं अनशन पर बैठे ये 5 अभ्यर्थी?
देवेंद्र नाथ महतो (छात्र नेता): आंदोलन की अगुवाई कर रहे देवेंद्र ने 14वीं JPSC PT परीक्षा को रद्द करने और CBI जांच की मांग को लेकर सबसे पहले बेमियादी अनशन का ऐलान किया. फिलहाल सोनम वांगचुक से वीडियो कॉल पर बात करने के बाद देवेंद्र नाथ महतो ने पानी पी लिया है. उनकी हालत लगातार बिगड़ रही थी.
राहुल क्रांति कुमार (40 वर्ष): पिछले 20 सालों से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे राहुल 172 अंक लाने के बाद भी रिजेक्ट कर दिए गए. ट्यूशन पढ़ाकर परिवार पाल रहे राहुल कहते हैं कि इस सिस्टम ने हमें कहीं का नहीं छोड़ा, अब अनशन ही आखिरी रास्ता है.
हबीबा (JPSC अभ्यर्थी, रांची): रांची की रहने वाली हबीबा लंबे समय से JPSC की तैयारी कर रही हैं. उनका कहना है कि 10 दिनों तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद भी जब सरकार बात करने नहीं आई, तो उन्हें भूखे पेट बैठने का फैसला लेना पड़ा.
रूपेश (JPSC अभ्यर्थी): सालों की कड़ी मेहनत के बाद बार-बार पेपर लीक और धांधली के पैटर्न से तंग आकर रूपेश भी इस आर-पार की लड़ाई में अनशनकारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बैठे हैं.
सविता कुमारी (JPSC अभ्यर्थी): सामाजिक और पारिवारिक दबावों के बीच पढ़ाई कर रहीं सविता महिलाओं की उस पूरी ब्रिगेड का प्रतिनिधित्व कर रही हैं, जिनकी सालों की मेहनत पर सिस्टम के भ्रष्टाचार ने पानी फेर दिया है.
'लड़ाई मुख्यमंत्री से नहीं, इस 'सड़े हुए सिस्टम' से है'
अनशन स्थल से अभ्यर्थियों ने एक सुर में साफ किया कि उनका यह मंच किसी भी राजनीतिक दल का अखाड़ा नहीं है. अनशनकारियों का कहना है कि हमारी लड़ाई राज्य के मुख्यमंत्री या किसी पार्टी से नहीं है. हमारी लड़ाई उस 'सड़े हुए सिस्टम' से है जिसने लाखों युवाओं के सपनों को दीमक की तरह चाट लिया है. सरकार को सख्त फैसला लेना ही होगा.
JPSC चेयरमैन का इस्तीफा और 11 गिरफ्तारियां
छात्रों के इस उग्र होते आंदोलन का असर भी दिखने लगा है. बढ़ते जनआक्रोश के बीच JPSC अध्यक्ष एल. ख्यांगते (L Khiangte) अपना पद छोड़ चुके हैं. मामले की जांच कर रही सीआईडी (CID) अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है.
हालांकि, अनशन पर बैठे इन 5 अभ्यर्थियों का साफ कहना है कि 11 लोगों की गिरफ्तारी महज लीपापोती है. जब तक 14वीं JPSC PT परीक्षा रद्द नहीं होती और पूरे मामले की CBI जांच का आधिकारिक आदेश नहीं आता, तब तक यह भूख हड़ताल खत्म नहीं होगी.
सोनम वांगचुक से रांची आने की अपील
जेपीएससी-जेएसएससी भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती महाभियान के तहत छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो छात्रों के साथ आंदोलनरत हैं. आज (बुधवार) सत्याग्रह धरना का 12वां दिन तथा अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का चौथा दिन जारी है. इसी दौरान देश के प्रख्यात इनोवेटर सोनम वांगचुक से देवेंद्र नाथ महतो का लगभग आधे घंटे तक वीडियो कॉल के माध्यम से सीधा संवाद हुआ. बातचीत के दौरान सोनम वांगचुक ने आंदोलन व स्वास्थ्य की पूरी जानकारी ली, अपने बहुमूल्य विचार साझा किए तथा आंदोलन को शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करते हुए हौसला बढ़ाया.
संवाद के दौरान सोनम वांगचुक के आग्रह पर देवेंद्र नाथ महतो ने जल ग्रहण किया. साथ ही देवेंद्र नाथ महतो ने सोनम वांगचुक से रांची आकर आंदोलनरत छात्रों का मनोबल बढ़ाने का आग्रह भी किया. मीडिया से बातचीत में देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि जब तक जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती प्रक्रियाओं में हुई कथित अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच तथा अभ्यर्थियों की मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल एवं सत्याग्रह आंदोलन लगातार जारी रहेगा.