हरियाणा के फरीदाबाद की रहने वाली सारिका ने अपने अकाउंट से एक वीडियो शेयर किया है जिसमें उन्होंने बताया कि आखिर उन्होंने कैसे भारत से अमेरिका तक का सफर तय किया है. इस दौरान अपने वीडियो में उन्होंने यह भी बताया कि लाइफ में कभी-कभी ग्रोथ के लिए कंफर्ट जोन से बाहर निकलना बहुत जरूरी होता है. इसके लिए घर से बाहर निकलना और अपने सर्कल को बढ़ाना बहुत जरूरी होता है. वीडियो में उन्होंने उस सवाल का भी जवाब दिया है कि आखिर अपना घर, दोस्त, शहर को छोड़कर बाहर निकलना क्यों जरूरी है? ये एक ऐसा सवाल है हमेशा कई लोग जरूर सोचते होंगे. इसका जवाब उन्होंने अपनी जर्नी से दिया है. तो चलिए जानते हैं, क्या कहता है उनका सफर?
क्या करते थे पिता?
सारिका ने बताया कि वह फरीदाबाद में पली-बढ़ी हैं. उनके पिता क्लास 1 गजेटेड ऑफिसर (CPWD) थे, जो अब रिटायर हो चुके हैं. तो बचपन से ही उनके मन में आम युवा की तरह सपना था कि वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद से सरकारी नौकरी की तैयारी करेंगी और वह वहीं कर भी रही थी. पढ़ाई के दौरान उन्होंने दो बार आर्मी और एयरफोर्स की तैयारी के लिए भी गई. इसके लिए उन्होंने परीक्षा भी दी लेकिन वहां 5 दिन रुकने के बाद आखिरी राउंड के इंटरव्यू में वह बाहर हो गईं.
कॉलेज में बनें, दोस्त नौकरी के खुले ऑप्शन
सारिका ने वीडियो में बताया कि जब वह दिल्ली में अपनी पढ़ाई कर रही थीं, तो जब वह कॉलेज में गईं तो उनके नए दोस्त बनें, तब उन्हें पता चला कि सरकारी नौकरी के अलावा प्राइवेट नौकरी में भी कई ऑप्शन होते हैं जिसमें कर्मचारियों को अच्छी सैलरी, करियर ग्रोथ और फॉरेन ट्रिप जैसे कई मौके मिलती हैं. पहले मुझे केवल सरकारी नौकरी के बारे में ही पता था लेकिन जैसे ही मुझे नए लोग मिले मुझे नई चीजें पता चली और मेरी सोच भी बदल गई. लाइफ उन्हें उन मौकों के बारे में भी पता चला जिसके बारे में उन्हें पता नहीं था.
प्राइवेट सेक्टर को किया एक्सप्लोर
इसके बाद से सारिका ने प्राइवेट सेक्टर को एक्सप्लोर करना शुरू कर दिया. उन्हें उनकी पहली नौकरी कॉलेज से ही मिली, जिसके लिए वह रोज फरीदाबाद से गुरुग्राम जाया करती थीं. उनके लिए ये एक्सपीरियंस भी काफी अच्छा रहा. इस दौरान उन्होंने कॉर्पोरेट वर्ल्ड को करीब से जाना, नए दोस्त बनाएं और बहुत कुछ सीखा भी. लेकिन जब उनको दूसरी जॉब मिली तो उनका काम करने का तरीका, पैशन, एम्बिशन बदल गया. वहां पर भी उनके अच्छे दोस्त बनें. उन्होंने बताया कि हर नई जगह और सर्कल ने उन्हें सफलता की नई परिभाषा सिखाई.
शादी, ट्रिप और विदेश में शिफ्ट होना
सारिका ने बताया कि इसके बाद से उनकी शादी हो गई और काफी कुछ बदलना शुरू हुआ. उनके पति ने भी कॉलेज के बाद करीब दो साल तक नौकरी की लेकिन बाद में खुद का कुछ करने पर काम करा शुरू कर दिया. धीरे-धीरे उन्होंने गुरुग्राम में अपना अच्छा बिजनेस जमा लिया. सारिका की नौकरी भी अच्छी चल रही थी. लेकिन गुरुग्राम से बाहर जाने का तो कोई सवाल ही खड़ा नहीं होता था.
ट्रैवलिंग से आया आइडिया
लेकिन सारिका और उनके पति को ट्रैवलिंग का बहुत शौक था. इसके लिए वह दूसरे देशों में घूमने के लिए चले जाते थे. वहां उन्हें नए-नए लोगों से मिलना, उनकी लाइफस्टाइल के बारे में जानना और उनकी सोच को समझने में उन्हें अच्छा लगता था. इस दौरान ही उनकी मुलाकात एक पाकिस्तानी कपल से हुई, जो अमेरिका में रहते हुए पाकिस्तान में अपने बिजनेस को अच्छे से चला रहे थे. इससे उन्हें पता चला कि बिजनेस एक जगह रहने का मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि आपका करियर भी रुक जाएगा. आप नए मौकों की तलाश जारी रख सकते हैं.