गर्मी हो या ठंडी छत पर लगे प्लास्टिक के पानी के टैंक की जरूरत हर जगह पर होती है. ऐसे में अगर आप भी लंबे समय से पानी की टंकी का बिजनेस शुरू करने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो इसमें आपके कितने पैसे लगेंगे, कौन-कौन सी मशीनों की जरूरत होगी, नियम क्या कहते हैं कई सवाल आते होंगे. आइए समझते हैं कि पानी की टंकी बनाने का बिजनेस शुरू करने के लिए किन चीजों की जरूरत होगी और खर्च का हिसाब कैसे इसका बिजनेस खड़ा किया जा सकता है.
पानी की टंकी बनाने के लिए कितने पैसे चाहिए?
पहले समझते हैं कि पानी की टंकी लगाने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत होती है. प्लास्टिक की पानी की टंकी बनाने वाली यूनिट लगाने के लिए मशीन, मोल्ड, कच्चा माल, जगह, बिजली और कर्मचारियों पर खर्च करना पड़ता है. भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास संस्थान (MSME Development Institute), त्रिशूर की एक पुरानी रिपोर्ट में बताया गया है कि प्लास्टिक वाटर स्टोरेज टैंक यूनिट के लिए कुल पूंजी निवेश करीब 53.04 लाख रुपये हो सकता है.
इसमें करीब 24.16 लाख रुपये का स्थायी निवेश और करीब 28.87 लाख रुपये की तीन महीने की कार्यशील पूंजी शामिल थी. हालांकि, यह रिपोर्ट पुरानी है और हाल के दिनों में मशीनों, कच्चे माल, किराये, बिजली और कर्मचारियों की लागत के आधार पर नया प्रोजेक्ट बजट बनाना जरूरी होगा.
मशीन खरीदने में कितना खर्च होगा?
प्लास्टिक की पानी की टंकी बनाने के लिए रोटेशनल मोल्डिंग यानी रोटोमोल्डिंग मशीन का यूज किया जाता है. इसके अलावा टंकी के आकार के अनुसार मोल्ड, कच्चे माल को तैयार करने के उपकरण और गुणवत्ता जांचने की व्यवस्था की जरूरत पड़ सकती है. कई मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एक वाटर टैंक रोटोमोल्डिंग मशीन की कीमत करीब 7 लाख रुपये या उससे अधिक हो सकती है और दो-आर्म बाय-एक्सियल मशीन की कीमत करीब 18 लाख रुपये तक जा सकती है. वहीं, अधिक क्षमता वाली मशीनों की कीमत इससे ज्यादा हो सकती है.
कच्चे माल और जगह पर भी होगा खर्च
प्लास्टिक की टंकियां बनाने में आमतौर पर पॉलीएथिलीन जैसे प्लास्टिक रेजिन का इस्तेमाल किया जाता है. टंकी की क्षमता, वजन और डिजाइन के अनुसार कच्चे माल की जरूरत बदलती है. इसके अलावा रंग के लिए मास्टरबैच और उत्पादन से जुड़े दूसरे सामान की जरूरत भी होती है. यूनिट के लिए ऐसी जगह चाहिए जहां मशीन लगाई जा सके, कच्चा माल रखा जा सके और तैयार टंकियों को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त जगह हो. किराये की जगह चुनने पर मासिक किराया और बिजली का खर्च भी बजट में शामिल करना होगा.
टंकी बनाने के अलावा बेचने का बिजनेस भी है विकल्प
अगर आपके पास बड़ी फैक्ट्री लगाने के लिए पर्याप्त पूंजी नहीं है, तो पानी की टंकियों की डीलरशिप या रीसेलिंग का विकल्प भी देख सकते हैं. इसमें किसी स्थापित कंपनी से टंकियां खरीदकर ग्राहकों, हार्डवेयर दुकानों, प्लंबरों, बिल्डरों या निर्माण कार्य से जुड़े कारोबारियों को बेचा जा सकता है. इस मॉडल में मैन्युफैक्चरिंग मशीन लगाने की जरूरत नहीं होती, लेकिन शुरुआती स्टॉक, दुकान या गोदाम, परिवहन और डिस्ट्रीब्यूटर की शर्तों के लिए पैसा की जरूरत होती है. निवेश कंपनी, इलाके, स्टॉक और कारोबार के आकार के हिसाब से अलग होगा. इसलिए बिना सप्लायर की कीमत और डीलरशिप की शर्तें जाने कोई निश्चित रकम तय करना सही नहीं होगा.
कितनी होती है टंकी की कीमत?
500 लीटर
करीब 6,000 रुपये से लेकर 12,000 रुपये या उससे ज्यादा
1000 लीटर
लगभग 7,000 रुपये से लेकर 17,000 रुपये या उससे ज्यादा
2000 लीटर
करीब 14,000 रुपये से लेकर 25,000 रुपये या उससे अधिक तक