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NLSIU दे रहा ₹50 हजार से ₹2 लाख महीने तक की फेलोशिप, आवेदन शुरू, जानें पूरी ड‍िटेल

रिसर्च की दुनिया में अपना नाम बनाने और महीने के लाखों रुपये कमाने का बेहतरीन अवसर! NLSIU बेंगलुरु ने जनवरी 2027 इंटेक के लिए 3 अलग-अलग श्रेणियों में रिसर्च फेलोशिप निकाली हैं. ग्रेजुएट्स से लेकर PhD होल्डर्स तक के लिए कौन-कौन से पद हैं और इसके लिए क्या योग्यता मांगी गई है, पढ़िए हमारी इस एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में...

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छात्रों को हर महीने मिलेगी 2 लाख तक की मदद.
छात्रों को हर महीने मिलेगी 2 लाख तक की मदद.

रिसर्च के क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रहे हैं या पढ़ाई के बाद शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं? ऐसे उम्मीदवारों के लिए अच्छी खबर है. बेंगलुरु की नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) ने जनवरी 2027 इंटेक के लिए अलग-अलग रिसर्च फेलोशिप के आवेदन शुरू किए हैं.

खास बात यह है कि इन फेलोशिप में फ्रेश ग्रेजुएट्स से लेकर अनुभवी शोधकर्ताओं तक के लिए मौके मिले हैं. यूनिवर्सिटी ने फिलहाल तीन तरह की फेलोशिप के लिए आवेदन मांगे हैं. इनमें ग्रेजुएट रिसर्च फेलोशिप, यूनिवर्सिटी ने फिलहाल तीन तरह की फेलोशिप के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं.

इनमें ग्रेजुएट रिसर्च फेलोशिप, एनएलएसआईयू पोस्टडॉक्टोरल फेलोशिप और यूनिवर्सिटी रिसर्च फेलोशिप शामिल हैं. हर फेलोशिप के लिए योग्यता और अनुभव की शर्तें अलग-अलग हैं. ऐसे में अगर आप रिसर्च के क्षेत्र में अपनी पढ़ाई और अनुभव को आगे बढ़ाना चाहते हैं, तो आपके लिए कौन सी फेलोशिप बेहतर अवसर हो सकती है, इसकी पूरी जानकारी जानना जरूरी है. इसके लिए आवेदन जारी हैं. 

कब तक कर सकते हैं आवेदन?

इस फेलोशिप के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इच्छुक उम्मीदवार 30 अक्टूबर को शाम 5 बजे तक आवेदन कर सकते हैं. इसपर आवेदन ऑनलाइन के जरिए किया जाएगा. इसके लिए उम्मीदवारों को अपनी संबंधित कैटेगरी के लिए NLSIU की ऑफिशियल वेबसाइट पर दिए गए  फॉर्म के जरिए आवेदन करना होगा.

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कितने पद हैं शामिल? 

NLSIU ने जनवरी 2027 इंटेक के लिए तीन अलग-अलग रिसर्च फेलोशिप शुरू की हैं और हर फेलोशिप के लिए पदों की संख्या अलग है. ग्रेजुएट रिसर्च फेलोशिप के तहत कुल 10 पद को शामिल किया गया है. वहीं, NLSIU पोस्टडॉक्टोरल फेलोशिप और यूनिवर्सिटी रिसर्च फेलोशिप के लिए 5-5 पोस्ट शामिल किए गए हैं. यूनिवर्सिटी के अनुसार इन फेलोशिप का उद्देश्य लॉ, सोशल साइंसेज, पब्लिक पॉलिसी और इनसे जुड़े दूसरे विषयों में रिसर्च को बढ़ावा देना और अलग-अलग स्तर पर शोधकर्ताओं को रिसर्च का अवसर देना है.

ग्रेजुएट फेलोशिप के लिए कौन-कौन कर सकता है आवेदन?

इसके तहत ग्रेजुएट रिसर्च फेलोशिप के लिए ऐसे उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं, जिनके पास लॉ में ग्रेजुएट की डिग्री है. इसके साथ ही सोशल साइंसेज, पब्लिक पॉलिसी या इससे जुड़े विषयों में पोस्टग्रेजुएट डिग्री रखने वाले उम्मीदवार भी इस फेलोशिप के लिए पात्र हैं. इस फेलोशिप के कुल 10 पद मौजूद हैं. 

पोस्टडॉक्टोरल के लिए क्या है योग्यता? 

NLSIU की पोस्टडॉक्टोरल फेलोशिप उन शोधकर्ताओं के लिए है, जो लॉ, सोशल साइंसेज, पब्लिक पॉलिसी या संबंधित विषयों में पीएचडी पूरी कर चुके हैं. आवेदन के लिए जरूरी है कि उम्मीदवार ने अपनी पीएचडी आवेदन की तारीख से पिछले तीन साल के भीतर पूरी की हो. इसके अलावा उम्मीदवार ने इससे पहले किसी अन्य यूनिवर्सिटी में पोस्टडॉक्टोरल पद पर काम नहीं किया होना चाहिएय यानी यह मौका उन शोधकर्ताओं के लिए है जो पीएचडी के बाद अपने रिसर्च करियर को आगे बढ़ाना चाहते हैं और अभी तक किसी दूसरी यूनिवर्सिटी में पोस्टडॉक्टोरल पद पर काम नहीं कर चुके हैं. 

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अनुभवी शोधकर्ताओं के लिए यूनिवर्सिटी रिसर्च फेलोशिप

अगर किसी उम्मीदवार के पास पीएचडी के साथ लंबा शिक्षण या प्रोफेशनल अनुभव है, तो वह यूनिवर्सिटी रिसर्च फेलोशिप के लिए आवेदन कर सकता है. इस फेलोशिप के लिए मान्यता प्राप्त संस्थान से पीएचडी होना जरूरी है. उम्मीदवार के पास कम से कम 10 साल का शिक्षण या संबंधित प्रोफेशनल अनुभव भी होना चाहिए. इसके साथ मजबूत रिसर्च और पब्लिकेशन रिकॉर्ड की भी जरूरत है. इस फेलोशिप के तहत कुल 5 पद उपलब्ध हैं. 

हर फेलोशिप में कितनी मिलेगी रकम?

NLSIU ने तीनों फेलोशिप के लिए शुरुआती मासिक रिम्यूनरेशन अलग-अलग निर्धारित की गई है. इसके अनुसार-

ग्रेजुएट रिसर्च फेलोशिप: 50,000 रुपये प्रति माह
NLSIU पोस्टडॉक्टोरल फेलोशिप: 1,20,000 रुपये प्रति माह
यूनिवर्सिटी रिसर्च फेलोशिप: 2,00,000 रुपये प्रति माह

हालांकि, ये शुरुआती रिम्यूनरेशन है. यूनिवर्सिटी के अनुसार हर उम्मीदवार को मिलने वाली अंतिम रकम एक जैसी होना जरूरी नहीं है. इन फेलोशिप के लिए चयनित उम्मीदवारों को फेलोशिप की अवधि के दौरान NLSIU के बेंगलुरु कैंपस में मौजूद रहना होगा. हालांकि, यूनिवर्सिटी ने कैंपस में मौजूदगी को लेकर कुछ लचीलापन भी रखा है. कुछ विशेष परिस्थितियों में उम्मीदवार को यह सुविधा दी जा सकती है. इसका फैसला यूनिवर्सिटी हर मामले की परिस्थितियों को देखते हुए अलग-अलग करेगी. 

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