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IIM की डिग्री छोड़ी, 5 हजार से शुरू की बेकरी: शार्क टैंक में छा गईं मेघा सरायन, मिले 1 करोड़

देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIM कोझिकोड में MBA की सीट मिलना किसी भी छात्र का सपना होता है, लेकिन मेघा सरायन ने इस बड़े मौके को ठुकराकर अपने सपनों की बेकरी को चुना. महज 5,000 रुपये से घर के किचन से शुरू हुआ उनका यह सफर आज एक बड़ा ब्रांड बन चुका है, जिसने शार्क टैंक इंडिया सीजन 5 में अनुपम मित्तल से 1 करोड़ रुपये की फंडिंग हासिल की है.

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IIM का ऑफर ठुकराया, CAT की तैयारी करते हुए बनाती थीं 40 केक, आज है बड़ी ब्रांड  (Photos: Instagram/@modgebyloc | AI-enhanced)
IIM का ऑफर ठुकराया, CAT की तैयारी करते हुए बनाती थीं 40 केक, आज है बड़ी ब्रांड (Photos: Instagram/@modgebyloc | AI-enhanced)

ज्यादातर स्टूडेंट्स का सपना होता है कि वे देश के टॉप आईआईएम (IIM) में एडमिशन पाएं, डिग्री लें और किसी बड़ी कंपनी में शानदार पैकेज पर नौकरी करें. लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं जो लकीर के फकीर बनने के बजाय खुद अपनी किस्मत की लकीरें खींचते हैं. ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है मेघा सरायन की, जिन्होंने IIM कोकोझिकोड जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से एमबीए करने का मौका ठुकरा दिया और अपनी बेकरी को अपनी दुनिया बना लिया.

कोलकाता के प्रसिद्ध स्कॉटिश चर्च कॉलेज से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन करने वाली मेघा ने शुरुआत में कभी नहीं सोचा था कि वे बेकिंग की दुनिया में कदम रखेंगी. कॉलेज के दिनों में एक सीनियर द्वारा आयोजित वर्कशॉप से उन्हें बेकिंग का चस्का लगा और उन्होंने परिवार व दोस्तों के लिए केक बनाना शुरू कर दिया. जब एक दोस्त ने उन्हें इसे बेचने की सलाह दी, तो उन्होंने कोलकाता में जोमैटो के जरिए अपना होम किचन बेकरी बिजनेस लिस्ट कर दिया. शुरुआत सिर्फ एक प्रोडक्ट (चॉकलेट ट्रफेटा केक) से हुई और पहले महीने की कमाई 3,000 रुपये थी.

CAT की तैयारी और बेकिंग का डबल प्रेशर

अगस्त 2018 में मेघा ने अपनी बचत से महज 5,000 रुपये लगाकर एक छोटी सी जगह किराए पर ली और 'Land of Cakes' की नींव रखी. असली परीक्षा तब आई जब कोविड-19 महामारी का दौर शुरू हुआ. स्टाफ जा चुका था और ऑनलाइन ऑर्डर्स बढ़ रहे थे. ऐसे में उन्होंने हार नहीं मानी, बल्कि अपने पिता और भाई की मदद से दिन-रात काम किया.

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एक इंटरव्यू में मेघा ने बताया था कि वे कॉमन एडमिशन टेस्ट (CAT) की तैयारी के दौरान दिन में 6-7 घंटे बेकिंग करती थीं और उसके बाद अपनी पढ़ाई पर ध्यान देती थीं. उनकी मेहनत रंग लाई और उन्हें IIM कोकोझिकोड में सीट मिल गई. लेकिन सामने एक बड़ा असमंजस था कि एमबीए की डिग्री या खुद के खून-पसीने से सींचा गया बिजनेस? आखिरकार उन्होंने बिजनेस को चुनने का फैसला किया. उन्होंने कहा था, 'मैंने इसे खड़ा करने में इतनी मेहनत की थी कि इसे छोड़ नहीं सकती थी.' 

शार्क टैंक में मिला 1 करोड़ का बड़ा दांव

सिर्फ बेकिंग स्किल ही नहीं, बल्कि मार्केट की गहरी समझ के लिए मेघा ने 'सिटी एंड ग्लाइड्स' से पेस्ट्री शेफ की सर्टिफाइड ट्रेनिंग ली. उन्होंने कोलकाता के 500 से ज्यादा रेस्टोरेंट्स का दौरा करके वहां की प्राइसिंग, कस्टमर च्वाइस और मार्केट ट्रेंड्स को बारीकी से समझा.

क्लाउड किचन और फिजिकल कैफे के सफर को तय करते हुए उन्होंने अपने ब्रांड को 'Modge' के रूप में रीब्रैंड किया. आज उनके इस ब्रांड में केक, चीजकेक, ब्राउनी से लेकर कई स्वादिष्ट फूड प्रोडक्ट्स मिलते हैं. उनकी इसी मेहनत और विजन पर भरोसा जताते हुए शार्क टैंक इंडिया सीजन 5 में मशहूर निवेशक अनुपम मित्तल ने उनकी कंपनी में 9% इक्विटी के लिए 1 करोड़ रुपये का निवेश किया है.

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