हैदराबाद के एक आईटी प्रोफेशनल को करियर में ऐसी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है जो दिखने में तो आसान लगता है लेकिन फैसला लेने के लिए बहुत मुश्किल. दरअसल, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर एक कर्मचारी लोगों से मदद मांगी है. उन्होंने बताया कि वह एक कंपनी में 11 लाख के पैकेज पर काम कर रहा है लेकिन उसे जर्मनी से भी अच्छा ऑफर आया है. लेकिन जर्मनी में जाने का मतलब है टैक्स, रोजमर्रा के खर्च. परिवार की जिम्मेदारियों और आगे मिलने वाले मौकों को देखें तो मामला थोड़ा मुश्किल हो जाता है.
32 साल के प्रोफेशनल ने अपना अनुभव को शेयर करते हुए बताया कि उनके पास 8.5 साल से ज्यादा का अनुभव है. हाल में वह एक सेवा-आधारित कंपनी में सहायक भूमिका में काम कर रहे थे और सालाना 11 लाख रुपये कमाते हैं. उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने करियर में केवल एक बार कंपनी बदली है. इतनी ही नहीं उन्होंने अपनी सैलरी को भी काम के मुकाबले कम बताया है.
पोस्ट में उन्होंने आगे कहा कि भारत की एक अन्य कंपनी से उन्हें ऑफर मिला है, जिसने उसके सालाना आय को दोगुना कर दिया है, जो बढ़कर 22 लाख यूरो हो गई है. वहीं, उनकी मौजूदा कंपनी ने उन्हें करीब दो साल के लिए जर्मनी में काम करने का मौका दिया है. इस दौरान उन्हें सालाना 48,000 यूरो की सैलरी मिलेगी.
यहीं से शुरू होती है असली दुविधा
बात यहीं पर खत्म नहीं होती है. बताए गए ऑफर के हिसाब से जर्मनी की 48,000 यूरो की सालाना करीब 52.41 लाख रुपये है. लेकिन केवल तस्वीर पैसे जानकर साफ नहीं होती है. बल्कि जर्मनी में टैक्स, किराया, खाना, आने-जाने और दूसरे खर्च काफी ज्यादा हो सकते हैं.
इससे बचत के लिए बचने वाली रकम कम हो सकती है. वहीं, भारत में उन्हें 11 लाख रुपये की जगह 22 लाख रुपये सालाना सैलरी का ऑफर मिला है. जर्मनी शिफ्ट होने में भी उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ेगा. उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी भारत में डेवलपर हैं. दोनों अपने घर में रहते हैं, इसलिए उन्हें फिलहाल किराया नहीं देना पड़ता. लेकिन अगर वह जर्मनी शिफ्ट होते हैं, तो उन्हें वहां पर किराया भी देना होगा. वहां रहने के खर्च ज्यादा होने पर कमाई का बड़ा हिस्सा खर्च हो सकता है.
यह भी एक वजह है कि उन्होंने दोनों विकल्पों को लेकर Reddit पर लोगों से सलाह मांगी है. उनकी पोस्ट का टॉपिक था भारत में 22 लाख रुपये सालाना या जर्मनी में 48,000 यूरो. इसके बाद कई यूजर्स ने दोनों विकल्पों के खर्च, टैक्स और करियर से जुड़े पहलुओं पर अपनी राय साझा की.
यूजर्स की प्रतिक्रिया
इस पोस्ट के वायरल होते ही यूजर्स ने कर्मचारी को अपनी-अपनी राय दी. कुछ यूजर्स ने उन्हें सलाह दी कि जर्मनी में 48,000 यूरो की सैलरी उनके लिए ज्यादा फायदेमंद होगी. खासकर तब जब उनकी पत्नी भी उनके साथ जर्मनी जाएंगी.
वहीं, दूसरे यूजर ने कहा कि जर्मनी की यह सैलरी कम है. उन्होंने बेहतर सैलरी के लिए कंपनी से बातचीत करने या भारत में मिले 22 लाख रुपये के ऑफर पर विचार करने की बात कही. एक अन्य यूजर ने बताया कि जर्मनी में रहने, घूमने और भारत आने-जाने का खर्च निकालने के बाद बचत के लिए ज्यादा पैसे नहीं बच सकते हैं.
11 लाख सैलरी भी चर्चा में
हालांकि, कर्मचारी के इस पोस्ट के बाद उनकी मौजूद सैलरी पर भी कई सवाल उठे. एक रेडिट यूजर ने बताया कि उन्होंने केवल ढाई साल के अनुभव के साथ सपोर्ट इंजीनियर के रूप में 11 लाख रुपये कमाए और हैदराबाद के उस पेशेवर को बहुत कम सैलरी वाला बताया. वहीं, कुछ लोगों ने कहा कि सिर्फ सैलरी देखकर दोनों ऑफर की तुलना नहीं करनी चाहिए. जर्मनी की सैलरी को रुपये में बदलने पर रकम काफी ज्यादा दिखाई देती है, लेकिन वहां टैक्स और रहने का खर्च भी ज्यादा हो सकता है. इसलिए दोनों पैकेज में से कितना पैसा वास्तव में बच पाएगा, यह देखना भी जरूरी है.