रूस के कलिनिनग्राद क्षेत्र के चेर्न्याखोव्स्क जिले में एक Su-30SM लड़ाकू विमान ट्रेनिंग फ्लाइट के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. विमान तिमोफीवका और जेल्योनोई बोर गांवों के बीच गिरा. दोनों पायलट समय रहते इजेक्ट हो गए. वे घायल अवस्था में सैन्य अस्पताल पहुंचाए गए.
रूसी रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि उड़ान बिना युद्ध सामग्री के थी और विमान निर्जन क्षेत्र में गिरा. दोनों की जान को खतरा नहीं है. कलिनिनग्राद रूस का एक अलग एन्क्लेव है, जो पोलैंड और लिथुआनिया जैसे नाटो देशों के बीच बाल्टिक सागर तट पर स्थित है. यहां रूसी बाल्टिक फ्लीट का मुख्यालय है.
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👀 A Russian Su-30SM multirole fighter jet has crashed in the Kaliningrad region. Russian media report both crew members managed to eject from the aircraft but sustained injuries. https://t.co/QGv6ihw7fQ
— UNITED24 Media (@United24media) October 21, 2026
चेर्न्याखोव्स्क जिले में सैन्य एयर बेस है, जहां नेवल एविएशन के Su-30SM सहित अन्य विमान तैनात हैं. ये विमान नियमित रूप से क्षेत्र और बाल्टिक सागर पर ट्रेनिंग सॉर्टी उड़ाते हैं. यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से संवेदनशील है, इसलिए किसी भी सैन्य हादसे पर नजर रहती है.
Su-30SM की विशेषताएं
Su-30SM इरकुट (यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन का हिस्सा) द्वारा बनाया गया दो सीट वाला मल्टीरोल फाइटर है. यह रूसी एयरोस्पेस फोर्सेज और नेवल एविएशन दोनों में एयर डिफेंस, स्ट्राइक और मैरीटाइम अटैक भूमिकाओं में सेवा देता है. कॉकपिट में पायलट और वेपन सिस्टम्स ऑफिसर होते हैं.

दोनों के पास इजेक्शन सीटें हैं, जिनकी वजह से क्रैश से पहले वे बच निकले. यह विमान अपनी लंबी रेंज, भारी हथियार क्षमता और मैन्यूवरेबिलिटी के लिए जाना जाता है. यह पिछले एक साल में सु-30 की कई गैर-लड़ाकू दुर्घटनाओं में से एक है. अप्रैल में क्रीमिया में ट्रेनिंग फ्लाइट के दौरान एक सु-30 गिरा था.
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नवंबर 2025 में करेलिया के प्रियोनेझ्स्की जिले में एक सु-30 क्रैश हुआ, जिसमें दोनों क्रू सदस्यों की मौत हो गई. 2022 में यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने के आक्रमण के बाद से रूसी सु-30 फ्लीट उच्च गति से उड़ानें भर रहा है. लड़ाकू मिशनों के साथ-साथ ट्रेनिंग और गश्त उड़ानें भी जारी हैं. नेवल एविएशन ने इस दौरान कई विमान खोए हैं.

जांच और संभावित कारण
रूसी अधिकारियों ने दुर्घटना की जांच के लिए कमीशन गठित किया है. तकनीकी खराबी या पायलट त्रुटि आमतौर पर ऐसी घटनाओं में पहले जांच के बिंदु होते हैं. उच्च ऑपरेशनल टेम्पो के कारण रखरखाव और थकान जैसे मुद्दे भी उठ सकते हैं. फिलहाल विस्तृत कारण स्पष्ट नहीं है. यह घटना रूसी सैन्य विमानन की सुरक्षा चुनौतियों को फिर दिखाती है. पायलटों के सुरक्षित इजेक्ट होने से जानें बचीं, लेकिन विमान की हानि और चोटें चिंता का विषय हैं.