इजरायली पुलिस ने हाल ही में एक वीडियो जारी किया है. इसमें उस एयरस्ट्राइक दिखाया गया है जिसमें 7 अक्टूबर 2023 के हमले में शामिल एक प्रमुख आतंकवादी मारा गया. यह व्यक्ति नोआ अर्गामानी और अविनातन ओर के अपहरण में शामिल था. दोनों को नोवा म्यूजिक फेस्टिवल से हमास आतंकियों ने अगवा किया था. पुलिस के अनुसार, यह ऑपरेशन गाजा पट्टी के नुसेरात इलाके में 26 सितंबर 2026 को हुआ.
सात अक्टूबर 2023 को हमास और उसके सहयोगी संगठनों ने इजरायल पर बड़े पैमाने पर हमला किया. नोवा फेस्टिवल पर कई लोगों की हत्या हुई और दर्जनों को बंधक बना लिया गया. नोआ अर्गामानी और अविनातन ओर को भी बंधक बनाया गया.
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वायरल वीडियो में अर्गामानी को मोटरसाइकिल पर बैठाकर गाजा की ओर ले जाते हुए देखा जा सकता है. वे मदद की गुहार लगा रही थीं जबकि ओर को पैदल ले जाया गया था. इजरायली सुरक्षा एजेंसियों ने पुष्टि की है कि साहेर निदाल साकर उसी मोटरसाइकिल का ड्राइवर था. वह इजरायली सीमा में घुसकर हमले में शामिल था.
कौन था यह आतंकवादी
साहेर निदाल साकर जिहादी संगठनों से जुड़ा था. युद्ध के दौरान वह हमास को हथियार सप्लाई करता रहा. हाल के दिनों में वह हमास और इस्लामिक जिहाद के आतंकियों के साथ मिलकर इजरायली सैनिकों और नागरिकों पर हमले की योजना बना रहा था. यह काम युद्धविराम समझौते का उल्लंघन था.
इजरायली डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) और शिन बेट के साथ पुलिस की गिदोनियिम यूनिट 33 ने संयुक्त रूप से इस ऑपरेशन को अंजाम दिया. पुलिस ने ड्रोन से रिकॉर्ड किया गया फुटेज जारी किया जिसमें आतंकवादी को ट्रैक करते हुए और फिर सटीक हमले से मार गिराते हुए दिखाया गया है.
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नोआ अर्गामानी को 2024 में इजरायली सेना के विशेष ऑपरेशन में बचाया गया था. अविनातन ओर को 2025 में युद्धविराम समझौते के तहत रिहा किया गया. दोनों की अपहरण की घटना 7 अक्टूबर की सबसे चर्चित तस्वीरों में शामिल रही. अर्गामानी की मदद की गुहार और ओर का बंधक बनाया जाना दुनिया भर में चर्चा का विषय बना. इजरायल अब भी उन आतंकियों को निशाना बना रहा है जो उस दिन के हमलों में शामिल थे.
ऑपरेशन का महत्व
यह स्ट्राइक इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाता है कि इजरायल 7 अक्टूबर के अपराधियों को ढूंढने और खत्म करने की अपनी नीति पर कायम है. पुलिस की भागीदारी इस बात को रेखांकित करती है कि सुरक्षा एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं. आतंकवादी को इसलिए मारा गया क्योंकि वह अभी भी खतरा पैदा कर रहा था. आईडीएफ ने कहा कि इससे उस खतरे को खत्म किया गया.
गाजा में जारी स्थिति और युद्धविराम के उल्लंघन के आरोपों के बीच यह घटना इजरायल की सुरक्षा रणनीति को स्पष्ट करती है. यह घटना 7 अक्टूबर के हमले की याद दिलाती है और दिखाती है कि इजरायल उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखे हुए है जिन्होंने उस दिन नागरिकों पर हमला किया और उन्हें बंधक बनाया.