हमास (Hamas) एक फिलिस्तीनी सुन्नी इस्लामवादी राजनीतिक और सैन्य आंदोलन है जो 2007 से इजरायली कब्जे वाले गाजा पट्टी के कुछ हिस्सों पर शासन कर रहा है. हमास की स्थापना फिलिस्तीनी इमाम और कार्यकर्ता अहमद यासीन ने 1987 में की थी.
नाजा अचानक कुछ महीनों में तैयार हुई डॉक्यूमेंट्री नहीं है. इसके पीछे करीब तीन साल की खोजी पत्रकारिता बताई जा रही है. इस डॉक्यूमेंट्री के फिल्ममेकर अब्राहम और रेचल ने इजरायली सेना और खुफिया तंत्र से जुड़े 24 लोगों के इंटरव्यू किए. इनमें खुफिया अधिकारी और सैनिक शामिल थे. उनकी पहचान छिपाने के लिए फिल्म में उनकी आवाज और चेहरे को डिजिटल तरीके से बदला गया,
हूती विद्रोहियों को मुख्य हथियार ईरान से मिलते हैं. हिज्बुल्लाह ट्रेनिंग और तकनीकी मदद देता है. हमास से सीधा बड़ा हथियार ट्रांसफर नहीं होता. ये हथियार समुद्री और जमीनी रास्तों से तस्करी होकर आते हैं.
इजरायल ने 9 सितंबर को गाजा सिटी में हमास के बड़े कमांडर फराह हमेद को मार गिराया है. हमैद पर कई घातक आतंकी हमलों में शामिल होने का आरोप था. वह वेस्ट बैंक में आतंकियों की भर्ती और हमलों की योजना बनाने का काम करता था
Fauda Season 5 सिर्फ गोली और धमाके दिखाने वाली सीरीज नहीं है. इसके पीछे 7 अक्टूबर का दर्द लगातार मौजूद है. हमास के हमले में मारे गए आम लोगों की याद किरदारों के गुस्से और दुख को समझने में मदद करती है. उनके लिए यह मिशन सिर्फ एक और आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन नहीं. इस बार मामला निजी है.
हमास के अक्टूबर 2023 के हमले को लेकर एक नई रिपोर्ट में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं. हारेत्ज की रिपोर्ट के मुताबिक, हमले से करीब 10 दिन पहले UAE के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद ने फोन पर नेतन्याहू को हमास के बड़े हमले की चेतावनी दी थी.
FBI ने हमास के लिए जुटाए गए 5.60 लाख डॉलर से ज्यादा की क्रिप्टोकरेंसी जब्त की है. अमेरिकी न्याय विभाग ने हमास के ऑनलाइन फंडिंग और भर्ती नेटवर्क को भी बाधित किया और फंडिंग के लिए इस्तेमाल वेबसाइट डोमेन व कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म पर नियंत्रण हासिल किया.
युद्धविराम के बावजूद गाजा में हमले जारी हैं. पानी के प्लांट और मस्जिद पर ताजा हमलों ने एक बार फिर इलाके में सुरक्षा और मानवीय संकट को लेकर चिंता बढ़ा दी है.
शांति दबाव के बीच इजरायल ने बुधवार को गाजा में टारगेटेड ड्रोन अटैक किया. सेना का कहना है कि उसने हमास से जुड़े एक व्यक्ति को निशाना बनाने के उद्देश्य से ये कार्रवाई की है.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू में मनमुटाव के बीच इजरायल ने साफ कर दिया है कि वे हमासे आतंकियों पर हमले करते रहेंगे. प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने ट्रंप के गाजा फेज-2 प्लान के बाद अपनी नई शर्तें रख दी हैं.
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप के गाजा प्लान को खारिज कर दिया है. नेतन्याहू ने साफ कहा कि इजरायल को यह 15-सूत्रीय दस्तावेज बिल्कुल मंजूर नहीं है.
गाजा युद्ध खत्म करने की कोशिशों के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फिलिस्तीनी राष्ट्र के गठन की संभावना को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि उनके प्रधानमंत्री रहते ऐसा नहीं होगा. नेतन्याहू ने हमास के हथियार डालने तक गाजा से सेना हटाने से भी इनकार किया है. उनका रुख डोनाल्ड ट्रंप की शांति योजना के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है और क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका है.
खुफिया जानकारी के अनुसार पाकिस्तान की ISI हमास की रणनीति अपनाकर जम्मू-कश्मीर में आतंकी नेटवर्क फिर से एक्टिव करने की कोशिश कर रही है. युवाओं को उकसाने और छिपे हथियारों का इस्तेमाल बढ़ाने की आशंका जताई गई है.
गाजा को लेकर इजरायल-हमास में सहमति नहीं बनी है। इस बीच युगांडा और मोरक्को ‘इंटरनेशनल स्टेबलाइजेशन फोर्स’ में सैनिक भेजेंगे, जिसे डोनाल्ड ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ ने प्रस्तावित किया है। 20,000 सैनिकों की यह फोर्स युद्ध के बाद शांति और स्थिरता स्थापित करने के लिए तैनात की जाएगी।
गाजा युद्ध खत्म होने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है. इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि जब तक हमास पूरी तरह हथियार नहीं छोड़ता, तब तक इजरायली सेना गाजा से पीछे नहीं हटेगी. इस बयान ने अमेरिका समर्थित युद्धविराम प्रस्ताव पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं और शांति वार्ता फिर अनिश्चितता में घिर गई है.
कतर, मिस्र और तुर्की ने गाजा में इजरायली कार्रवाई, खासकर नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और स्वास्थ्य ढांचे पर हमलों की कड़ी निंदा की है. इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय कानून का खुला उल्लंघन बताया है. गाजा सिटी के दक्षिण-पश्चिम में ताजा हमले में कम से कम दो लोग मारे गए हैं.
ट्रंप के ईरान पर प्रहार से इजरायल दूरी क्यों बना रहा है? क्या वह चुपके से दक्षिण लेबनान में सीक्रेट री-डिप्लॉयमेंट प्लान पर काम कर रहा है? अगर यह हुआ तो ईरानी प्रॉक्सी की कमर तोड़ सकती है.
खलील अल हय्या 7 अक्टूबर को इजरायल पर हुए हमले को 'बड़ा काम' बताता है. उसका मानना है कि इसी अटैक की वजह से गाजा का मुद्दा एक बार फिर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आया.
पहले हमास, फिर हिज्बुल्लाह और अब हूतियों का खेल खत्म करने का समय आ गया है. सऊदी अरब और अमेरिका ने मिलकर हूतियों पर हमले तेज कर दिए हैं. लाल सागर और यमन में तनाव चरम पर है.
ईरान गम में डूबा हुआ है. कई वर्षों तक ईरान की ओर से अमेरिका से टक्कर लेने वाले अली खामेनेई को अंतिम विदाई देेने के लिए लाखों की भीड़ उमड़ी है. खास बात यह है कि दुनिया जिस हमास, हिज्बुल्लाह और हूती के खात्मे की चर्चा कर रही थी, ये तीनों ही संगठन एक बार फिर से तेहरान में मौजूद रहे.
इजरायली सेना ने हमास के 16 किलोमीटर लंबी सुरंग को हजारों टन कंक्रीट से सील कर दिया है. ये सुरंगें हमास का अंडरग्राउंड नेटवर्क थीं. और इसमें हमास का कंट्रोल और कमांड सेंटर मौजूद था. हमास की ये सुरंगें स्कूल, मस्जिद और अस्पताल से जुड़ी हुई थीं.
ईरान जंग को डोनाल्ड ट्रंप मझधार में छोड़ सकते हैं, लेकिन इजरायल के लिए सर्वाइवल का सवाल है. बेंजामिन नेतन्याहू और इजरायल की बड़ी आबादी मानती है कि यदि ईरान यह जंग मुकम्मल नहीं हारा, तो हमास और हिजबुल्लाह जैसी चुनौतियां फिर खड़ी हो जाएंगी. इसलिए ट्रंप जब भी ‘पीस’ की बात करते हैं, तो नेतन्याहू ‘अमन के दुश्मन’ नजर आते हैं.