हमास (Hamas) एक फिलिस्तीनी सुन्नी इस्लामवादी राजनीतिक और सैन्य आंदोलन है जो 2007 से इजरायली कब्जे वाले गाजा पट्टी के कुछ हिस्सों पर शासन कर रहा है. हमास की स्थापना फिलिस्तीनी इमाम और कार्यकर्ता अहमद यासीन ने 1987 में की थी.
बंधकों की खोज में इजरायली सेना ने उत्तरी गाजा के एक कब्रिस्तान में बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चलाया था. इसी दौरान रैन ग्विली का शव खोजा गया और उनकी पहचान की गई.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर हमास को धमकाया. स्विट्जरलैंड के दावोस में गाजा के लिए बनाए जा रहे बोर्ड ऑफ पीस में उन्होंने कहा कि हमास हथियार न डाले तो उसे खत्म कर दिया जाएगा. पिछले साल ट्रंप प्रशासन की कोशिश पर इजरायल और हमास के बीच जंग रुकी थी, लेकिन हमास अब भी गाजा पट्टी में सक्रिय है.
'हमास ने हथियार नहीं डाले तो खत्म कर दूंगा...', गाजा पीस बोर्ड की शुरुआत कर बोले ट्रंप
इजराइल के लोकप्रिय व्यंग्यात्मक कॉमेडी शो 'एरेत्ज नेहेदेरत' में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के बीच स्किट दिखाया गया. इसमें ट्रंप खामेनेई पर नाराज नजर आते हैं जिसके बाद खामेनेई बंकर में चले जाते हैं.
इजरायल की सेना बुलडोजर लेकर मंगलवार सुबह पूर्वी यरूशलम स्थित UN ऑफिस में घुस गई और पूरी बिल्डिंग पर ही बुलडोजर चलवा दिया. यहां कई फिलीस्तीनी रह रहे थे. इजरायल UN की इस बिल्डिंग को मान्यता नहीं देता है और इसे टेरर का अड्डा बताता है. इजरायल ने इस बिल्डिंग के खिलाफ अपनी संसद में कानून बनाया है.
पिछले साल के आखिरी महीनों में डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में चल रही हमास और इजरायल की जंग को खत्म करने के लिए प्लान दिया. बीस-सूत्रीय योजना में बोर्ड ऑफ पीस बनाने का भी प्रस्ताव था. ये बोर्ड गाजा पट्टी को दोबारा बसाने और वहां सरकार बनाने पर काम करेगा. इसकी स्थायी सदस्यता के लिए मोटी रकम चुकानी होगी, वो भी नकद में.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अध्यक्षता वाली बोर्ड ऑफ पीस में तुर्की और कतर के शामिल होने से इजरायल ने कड़ा विरोध जताया है. इजरायली सुरक्षा कैबिनेट ने इसके लिए ट्रंप के दामाद जेयर्ड कुशनर को जिम्मेदार ठहराया है. इजरायल का कहना है कि तुर्की के हमास के साथ संबंध हैं.
यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब वाशिंगटन ने गाजा युद्ध को समाप्त करने और भविष्य की राजनीतिक व सुरक्षा व्यवस्था को आकार देने के लिए अपनी योजना के दूसरे चरण (Phase 2) की शुरुआत कर दी है.
गाजा में इजरायल और हमास के बीच 10 अक्टूबर को सीजफायर हुआ था. ट्रंप की मध्यस्थता में पीस प्लान बना था. अभी तक इसका पहला चरण ही चल रहा है.
हमास और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के बीच बढ़ती सांठगांठ चिंता का विषय है. हमास नेता नाजी जहीर ने LeT से जुड़ी PMML की बैठक में हिस्सा लिया है. भारतीय एजेंसियां नजर रख रही हैं. पाकिस्तान ISI बांग्लादेश में भारत-विरोधी नेटवर्क सक्रिय कर रहा है. ऑनलाइन रेडिकलाइजेशन से युवाओं को उकसाया जा रहा है. भारत की सुरक्षा पर खतरा बढ़ सकता है.
हमास के सीनियर लीडर मोहम्मद नज़ाल ने सिडनी हमले के लिए इजरायली PM नेतन्याहू को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने दावा किया कि गाजा नरसंहार के कारण दुनिया भर में हिंसक भावना भड़क रही है और ऐसे और हमलों की आशंका है.
इजरायल ने दावा किया है कि उसने गाजा सिटी में किए गए हमले में हमास के टॉप कमांडर राद साद को मार गिराया है, जो संगठन में हथियार निर्माण का जिम्मा संभालता था और पहले ऑपरेशंस डिवीजन का प्रमुख रह चुका था. इजरायल के मुताबिक, राद साद 7 अक्टूबर 2023 के हमले का मास्टरमाइंड था और युद्धविराम के बावजूद हमास को दोबारा मजबूत करने में जुटा था.
पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने पुष्टि की है कि पाकिस्तान गाजा में अंतरराष्ट्रीय शांति मिशन के तहत सुरक्षाबलों को तैनात करने के लिए तैयार है. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि पाकिस्तानी सैनिक हमास को हथियार डालने पर मजबूर करने में शामिल नहीं होंगे. उन्होंने कहा कि गाजा में सेना भेजने का फैसला प्रधानमंत्री ने फील्ड मार्शल से सलाह के बाद लिया है.
दिल्ली ब्लास्ट के बाद देश आज एक ऐसे खतरे के सामने खड़ा है, जिसे नजरअंदाज करना सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा रिस्क है. जैश जैसे आतंकी संगठन अब फिदायीन नहीं, बल्कि डिजिटल रेडिकलाइजेशन, ड्रोन-रॉकेट अटैक और व्हाइट कॉलर मॉड्यूल बनाकर भारत पर नए तरीके से वार करने की तैयारी में जुटे हैं.
इज़रायली ड्रोन हमले ने दक्षिणी लेबनान के ऐन-अल-हिलवेह शरणार्थी शिविर में एक कार को निशाना बनाया, जिसमें 13 लोग मारे गए हैं. यह एक साल पहले हुए संघर्ष विराम के बाद लेबनान में सबसे घातक हमला है.
इजरायल ने अल-अक्सा मस्जिद के वरिष्ठ इमाम शेख एक्रीमा सबरी के खिलाफ मुकदमा शुरू किया है. सबरी फिलिस्तीनी मुद्दों के मुखर समर्थक रहे हैं और इजरायली कब्जे की आलोचना करते रहे हैं. उनके वकीलों का कहना है कि इजरायल इसी वजह से उन्हें लगातार निशाना बना रहा है.
Delhi Red Fort Blast probe में NIA को बड़ा खुलासा; Umar–Jaseer का Hamas-style triple attack प्लान, drone, rocket और car bomb का इस्तेमाल.
उत्तरी गाजा के शिजायिया इलाके में इजरायली सेना ने हजारों इमारतें ध्वस्त कर दीं ताकि हमास की सुरंगें और ठिकाने हमेशा के लिए खत्म हों. पूरा मोहल्ला अब मलबे का ढेर और रेगिस्तान जैसा दिखता है. सेना इसे आतंक-मुक्त क्षेत्र बनाने की रणनीति बता रही है. 7 अक्टूबर 2023 के हमले के बाद शुरू हुए युद्ध में अब तक 40,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं.
इजरायल ने अपने एक सैनिक की मौत पर दिनभर गाजा पर बमबारी की है. इस बमबारी में 100 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे गए. इसके बावजूद इजरायल ने दावा किया है कि वह गाजा में अमेरिका समर्थित युद्धविराम के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है. इजरायली सेना ने इस बात की पुष्टि की है कि वह अभी भी फिलिस्तीनी क्षेत्र में युद्धविराम को बनाए रखने का इरादा रखती है.
ब्राजील में ड्रग के खिलाफ अबतक का सबसे बड़ा अभियान चलाया गया है. अपराधियों पर कार्रवाई करते हुए सेना ने 60 लोगों को मार डाला है. वहीं, करीब 50 लोगों गिरफ्तार भी किया है. देखें दुनिया आजतक.
अमेरिका का गाजा शांति प्रस्ताव लागू होते ही खत्म होता दिख रहा है. हमास और इजरायल दोनों एक-दूसरे पर हमलावर हैं और दिलचस्प ये है कि दोनों ही आरोप लगा रहे हैं कि सीजफायर दूसरे पक्ष ने तोड़ा. लेकिन क्या वजह है जो इतना हाई-प्रोफाइल पीस प्लान अनौपचारिक तौर पर कुछ ही दिनों में तमाम होता दिखने लगा?