भारत के रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया गया है. हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और फ्रांस की साफरान हेलिकॉप्टर इंजन ने SAFHAL हेलिकॉप्टर इंजन प्राइवेट लिमिटेड के साथ डील पर हस्ताक्षर किए हैं. इस डील के तहत 3500 से 4000 शाफ्ट हॉर्सपावर (shp) क्षमता वाले नए जेनरेशन के हाई-पावर हेलिकॉप्टर इंजन 'अरावली' का डिजाइन, विकास, निर्माण, आपूर्ति और सपोर्ट किया जाएगा.
यह इंजन HAL के आगामी 13-टन भारतीय मल्टी-रोल हेलिकॉप्टर (IMRH) और उसके नौसैनिक वर्जन डेक-बेस्ड मल्टी-रोल हेलिकॉप्टर (DBMRH) को ताकत प्रदान करेगा. डील पर HAL के इंजीनियरिंग, रिसर्च एंड डेवलपमेंट निदेशक अजय कुमार श्रीवास्तव और SAFHAL के निदेशक तथा साफरान हेलिकॉप्टर इंजन के सेल्स एंड मार्केटिंग कार्यकारी उपाध्यक्ष ओलिवियर सैविन ने हस्ताक्षर किए. समारोह में HAL के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक रवि के. और साफरान हेलिकॉप्टर इंजन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सेड्रिक भी थे.
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अरावली नाम भारत की सबसे प्राचीन पर्वतमालाओं में से एक के नाम पर रखा गया है. महत्वपूर्ण एयरोस्पेस प्रोपल्शन तकनीकों में स्वदेशी क्षमता बढ़ाने और भविष्य के रोटरक्राफ्ट कार्यक्रमों के लिए मजबूत आधार तैयार करने का प्रतीक है यह इंजन. डील भारत के एयरोस्पेस और रक्षा ईकोसिस्टम के विकास में एक बड़ा मील का पत्थर है.
समझौते का महत्व और स्वदेशी क्षमता का विस्तार
HAL के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक रवि के. ने कहा कि यह डील एयरो-इंजन तकनीकों में भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. SAFHAL और साफरान हेलिकॉप्टर इंजन के साथ इस सहयोगी कार्यक्रम के माध्यम से अगली पीढ़ी के भारतीय हेलिकॉप्टर प्लेटफॉर्म को ताकत देने की मजबूत नींव तैयार हो रही है.
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अरावली इंजन कार्यक्रम न केवल IMRH और DBMRH की जरूरतों को पूरा करेगा बल्कि घरेलू एयरोस्पेस औद्योगिक ईकोसिस्टम के विकास में भी सार्थक योगदान देगा. साफरान हेलिकॉप्टर इंजन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सेड्रिक गौबे ने कहा कि वे HAL के साथ अपनी लंबे समय की साझेदारी को और गहरा करने के लिए प्रसन्न हैं.

दशकों के सफल सहयोग पर आधारित यह पहल इनोवेशन, तकनीक विकास और औद्योगिक उत्कृष्टता के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है. अरावली इंजन कार्यक्रम फ्रांस और भारत के बीच रणनीतिक संबंधों का नया अध्याय है. पहली बार साफरान हेलिकॉप्टर इंजन ने इस वर्ग के इंजन का सह-विकास किया है.
SAFHAL, HAL और साफरान हेलिकॉप्टर इंजन SAS का ज्वाइंट वेचंर है. यह दोनों मूल कंपनियों की ताकत का उपयोग करके अत्याधुनिक प्रोपल्शन तकनीक विकसित करेगा. ये तकनीकें बेहतर प्रदर्शन, विश्वसनीयता, रखरखाव क्षमता और परिचालन प्रभावशीलता प्रदान करेंगी.
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सैन्य और नागरिक दोनों क्षेत्रों में संभावनाएं
यह इंजन मुख्य रूप से सैन्य उपयोग के लिए विकसित किया जा रहा है लेकिन नागरिक बाजार में भी इसकी अच्छी संभावनाएं हैं. समुद्री परिवहन, उपयोगिता मिशन और वीवीआईपी परिवहन जैसे क्षेत्रों में इसका उपयोग हो सकता है. कार्यक्रम से भारत में स्वदेशी मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल (MRO) क्षमताओं के विकास को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. यह डील साफरान ग्रुप की भारत के प्रति रणनीतिक प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है.
कंपनी निर्माण, इंजीनियरिंग, अनुसंधान एवं विकास और MRO क्षमताओं में निरंतर निवेश कर रही है. भारतीय साझेदारों के साथ मिलकर साफरान स्थानीय औद्योगिक क्षमता को मजबूत कर रहा है. भारत के आत्मनिर्भरता लक्ष्यों के अनुरूप उन्नत एयरोस्पेस तकनीक विकसित करने में योगदान दे रहा है.

साफरान हेलिकॉप्टर इंजन लंबे समय से HAL का विश्वसनीय साझेदार रहा है. शुरुआत आर्टौस्ट इंजन से हुई जो चीता और चेतक हेलिकॉप्टरों को ताकत देते थे. इसके बाद ताकत इंजन परिवार आया जो एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर (ALH), लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर (LCH) और लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर (LUH) को ताकत देता है.
अरावली इंजन कार्यक्रम इस स्थायी साझेदारी को और ऊंचाई पर ले जाता है. यह मध्यम-लिफ्ट रोटरक्राफ्ट प्लेटफॉर्म की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए संयुक्त डिजाइन और विकास के माध्यम से अत्याधुनिक टर्बोशाफ्ट इंजन तैयार करेगा. यह इंजन भारत और वैश्विक बाजारों दोनों के लिए उपयुक्त होगा.
कुल मिलाकर यह समझौता भारत के रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती देता है. उच्च क्षमता वाले हेलिकॉप्टर इंजन का स्वदेशी विकास न केवल सैन्य जरूरतों को पूरा करेगा बल्कि भारत को एयरोस्पेस प्रोपल्शन तकनीक में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगा. भविष्य में यह कार्यक्रम घरेलू उद्योग, रोजगार और तकनीक हस्तांतरण को भी बढ़ावा देगा.