हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) भारत की प्रमुख सरकारी एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र की कंपनी है, जिसका मुख्यालय बेंगलुरु में स्थित है. यह कंपनी लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर, ड्रोन, जेट और टर्बाइन इंजन, एवियोनिक्स सिस्टम तथा रक्षा से जुड़े कई हार्डवेयर के डिजाइन, निर्माण और रखरखाव (ओवरहॉल) का काम करती है. HAL देशभर में फैली कई उत्पादन इकाइयों के साथ-साथ रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) सेंटर और मैन्युफैक्चरिंग डिवीजन भी संचालित करती है. कंपनी में भारत सरकार की हिस्सेदारी सबसे अधिक है और इसका संचालन रक्षा मंत्रालय के माध्यम से नियुक्त बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के जरिए होता है.
HAL की नींव 23 दिसंबर 1940 को उद्योगपति वालचंद हीराचंद ने “हिंदुस्तान एयरक्राफ्ट लिमिटेड” के रूप में रखी थी. शुरुआती दौर में कंपनी ने भारतीय वायुसेना के लिए कुछ विमानों का लाइसेंस के तहत उत्पादन शुरू किया. बाद में 1950 के दशक में HAL ने जेट इंजन निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाया और 1957 में लाइसेंस प्राप्त तकनीक के जरिए जेट इंजन बनाना शुरू किया.
1 अक्टूबर 1964 को कंपनी को आधिकारिक तौर पर “हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड” नाम मिला. इसके बाद HAL ने भारत में निर्मित पहले स्वदेशी लड़ाकू विमान HF-24 “मारुत” को विकसित किया, जो देश के एयरोस्पेस इतिहास में एक अहम उपलब्धि मानी जाती है.
1980 के दशक से HAL ने कई विदेशी विमानों के लाइसेंस्ड प्रोडक्शन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इसमें MiG-21, MiG-27, SEPECAT Jaguar, HS 748, Dornier 228 और Sukhoi Su-30MKI जैसे विमान शामिल रहे हैं. इन परियोजनाओं के जरिए भारत में विमान निर्माण क्षमता को मजबूत करने में मदद मिली.
HAL ने समय के साथ कई स्वदेशी प्लेटफॉर्म विकसित किए हैं. इसमें HAL तेजस फाइटर जेट और HJT-16 किरण ट्रेनर एयरक्राफ्ट जैसे विमान शामिल हैं. हेलीकॉप्टर सेक्टर में कंपनी ने चेतक, चीता, ध्रुव, रुद्र, प्रचंड और लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर जैसे कई मॉडलों का विकास किया है, जिनका उपयोग सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा किया जाता है.
HAL ने जेट और हेलीकॉप्टर इंजन के क्षेत्र में भी अलग पहचान बनाई है. कंपनी ने रोल्स रॉयस, GE Aviation, Klimov, NPO Saturn, Honeywell और Turbomeca जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ मिलकर कई इंजन परियोजनाओं पर काम किया है. इसके अलावा HAL एयरबस, बोइंग और GE Aviation जैसी बड़ी वैश्विक कंपनियों के लिए स्पेयर पार्ट्स और एयरोस्पेस कंपोनेंट्स भी बनाती है.
2025 में HAL के लिए दो बड़ी खबरें सामने आईं. जून 2025 में ISRO ने Small Satellite Launch Vehicle (SSLV) की तकनीक HAL को ट्रांसफर की. यह पहली बार था जब ISRO ने किसी रॉकेट तकनीक को पूरी तरह एक ही कंपनी को हस्तांतरित किया. इसके लिए HAL ने ISRO को लगभग ₹511 करोड़ का भुगतान किया.
इसी महीने HAL ने फ्रांस की विमान इंजन निर्माता कंपनी Safran Aircraft Engines के साथ भी एक समझौता किया. इस करार के तहत HAL, Safran के LEAP इंजन के कुछ घूमने वाले महत्वपूर्ण पार्ट्स (Rotating Components) के निर्माण में भागीदारी करेगी.
वायु सेना उप प्रमुख ने कहा कि LCA तेजस मार्क 1ए को लेकर इंजन की कमी दूर हो गई. परीक्षण जारी हैं. एक-दो महीने में बाकी मुद्दे सुलझने के बाद जेट के IAF में शामिल होने का रास्ता साफ होगा.
HAL बेंगलुरु में 18 सितंबर को भारतीय वायु सेना को LCA तेजस ट्रेनर और HTT-40 बेसिक ट्रेनर सौंपेगा. साथ ही पवन हंस को ध्रुव एनजी हेलिकॉप्टर दिए जाएंगे. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मौजूद रहेंगे.
रूस Su-57E स्टील्थ जेट भारत को बेचने पर जोर दे रहा है. चीन-पाकिस्तान की बढ़ती ताकत के बीच यह भारतीय वायुसेना के लिए जरूरी पुल साबित हो सकता है. तुरंत क्षमता बढ़ेगी लेकिन स्वदेशी AMCA पर असर भी देखना होगा.
भारत अपने Su-30MKI लड़ाकू विमानों में रूस के RVV-BD मिसाइल को शामिल करने की तैयारी कर रहा है. यह मिसाइल 7408 km/hr की रफ्तार से उड़ती है. 200-300 किमी रेंज है. AWACS जैसे जरूरी टारगेट को दूर से ही नष्ट कर सकती है.
जीई एयरोस्पेस ने HAL को तीन और F404-आईएन20 इंजन भेजे हैं. इससे तेजस एमके1ए उत्पादन को गति मिलेगी. अब तक 10 इंजन पहुंच चुके हैं. एचएएल दिसंबर तक 22 इंजन पा सकता है.
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड और साफरान हेलिकॉप्टर इंजन ने SAFHAL के साथ अरावली इंजन के डिजाइन, विकास और उत्पादन की डील की है. यह 3500-4000 shp क्षमता का इंजन IMRH और DBMRH हेलिकॉप्टरों को ताकत देगा.
शेयर मार्केट के कमजोर प्रदर्शन के बीच हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के शेयर ने सोमवार को नया 52-वीक हाई बनाया. NSE पर शेयर 2.38% चढ़कर ₹5,149.90 पर पहुंच गया. तेजी की बड़ी वजह प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर (LCH) के फ्यूजलेज स्ट्रक्चर निर्माण के लिए BEML और अडानी डिफेंस के साथ नई साझेदारी है.
DRDO नया कावेरी 2.0 इंजन लेकर आया है. 55-60kN ड्राई और 90-100kN आफ्टरबर्नर थ्रस्ट के साथ यह GE F404 इंजन की जगह लेगा. वजन घटाया गया है. तेजस और घातक यूसीएवी में इस्तेमाल होगा.
बेंगलुरु के HAL एयरपोर्ट पर भारत का पहला आरएनपी कैट एच हेलिकॉप्टर अप्रोच सिस्टम शुरू हो गया है. यह सैटेलाइट आधारित सटीक नेविगेशन प्रणाली हेलिकॉप्टरों को हर मौसम में सुरक्षित और तेज लैंडिंग की सुविधा देती है.
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड और सैफ्रान एयरक्राफ्ट इंजन्स ने CFM LEAP इंजन के लिए टरबाइन रिंग बनाने का लंबी डील की है. यह सौदा भारत की एयरोस्पेस क्षमता को वैश्विक स्तर पर मजबूत करेगा.
HAL को Tejas Mk1A के लिए GE का सातवां F404-IN20 इंजन मिल गया है. छठे इंजन में आई तकनीकी समस्या को GE ने ठीक कर दिया है. अब पहली खेप इस साल के अंत में डिलीवर हो सकती है.
सरकार तेजस Mk1A फाइटर जेट्स की डिलीवरी में देरी पर HAL पर जुर्माना लगाने की तैयारी में है. विमान के इंजन आ चुके हैं. 18 एयरफ्रेम भी तैयार हैं, फिर भी वायुसेना को पहला विमान नहीं मिला है.
भारत सरकार ने फ्रांस से 114 राफेल फाइटर जेट्स खरीदने की डील के लिए शुरुआत कर दी है. 3.25 लाख करोड़ रुपये के सौदे में 22 जेट्स तैयार होकर आएंगे. 90 का निर्माण भारत में किया जाएगा.
टीवी पिक्चर ट्यूब बनाने वाली सैमटेल कंपनी अब भारत की रक्षा जरूरतों को पूरा कर रही है. कंपनी Su-30MKI फाइटर जेट और प्रचंड हेलीकॉप्टर के लिए एडवांस्ड डिस्प्ले सिस्टम बना रही है, जो ऑपरेशन सिंदूर में भी इस्तेमाल हुए.
रक्षा मंत्रालय ने भारत के स्वदेशी 5वीं पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर AMCA प्रोजेक्ट के लिए तीन कंपनियों को RFP जारी कर दिया है. L&T-BEL, Tata Advanced Systems और Bharat Forge-BEML को शामिल किया गया है.
HAL के चीफ टेस्ट पायलट ग्रुप कैप्टन केके वेणुगोपाल पहले भारतीय बने जिन्हें अमेरिका की प्रतिष्ठित संस्था सोसाइटी ऑफ एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट्स (SETP) का फेलो चुना गया है.
टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड ने भारत में पहली बार एयरबस C295 सैन्य ट्रांसपोर्ट विमान की पूरी असेंबली पूरी कर ली है, जो जल्द ही रोल-आउट के लिए तैयार होगा. C295 वही एयरक्राफ्ट मॉडल है, जिसे US एयर फोर्स ने ईरान से अपने पायलटों को निकालने के लिए इस्तेमाल हुआ था.
मई 2026 में IAF और HAL के बीच महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है. नए HAL CMD रवि कोटा इस बैठक की अगुवाई करेंगे. IAF पहले पांच विमानों की पूरी जांच करेगा. मिसाइल फायरिंग, रडार-EW इंटीग्रेशन और वेपन्स सिस्टम पर कोई समझौता नहीं होगा. प्रोजेक्ट दो साल से देरी से चल रहा है.
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने तेजस Mk1A के इंजन सप्लाई में देरी के लिए अमेरिकी कंपनी GE एयरोस्पेस पर पेनल्टी लगाने का फैसला किया है. GE ने 99 इंजनों में से सिर्फ 6 ही सप्लाई किए हैं. कॉन्ट्रैक्ट के अनुसार हर देरी वाले इंजन पर लिक्विडेटेड डैमेजेस वसूला जाएगा. इससे तेजस Mk1A प्रोजेक्ट दो साल से ज्यादा देरी से चल रहा है.
भारतीय वायुसेना के स्वदेशी फाइटर जेट तेजस का पूरा बेड़ा दो महीने से ग्राउंडेड था. अब अच्छी खबर आई है. HAL चेयरमैन डॉ. डीके सुनील ने कहा कि सुरक्षा समीक्षा पूरी हो गई है. अगले बुधवार तक लगभग 36 तेजस विमान फिर उड़ान भर सकेंगे. एक बार की सेफ्टी चेक के बाद सेवा बहाल होगी, ताकि पायलट ट्रेनिंग और वायुसेना की तैयारियां प्रभावित न हों.
भारतीय वायुसेना अप्रैल में तेजस Mk1A के ट्रायल्स शुरू करेगी. HAL ने 18 Mk1A विमान तैयार कर लिए हैं. IAF मिसाइल फायरिंग, रडार-EW इंटीग्रेशन और हथियार प्रणाली की पूरी जांच के बाद ही इन विमानों को शामिल करेगा.