दुनिया का ध्यान ईरान पर हो रहे हवाई हमलों और मिसाइल दागने पर फोकस है, लेकिन पानी के नीचे एक ईरान में बेबी पनडुब्बियों का जाल बिछा रखा है. ईरान ने अपनी गादिर क्लास मिनी पनडुब्बियों (Ghadir-class midget submarines) की एक बड़ी संख्या को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के समुद्र तल पर तैनात कर दिया है. इनमें से 20 से ज्यादा पनडुब्बियां अब भी एक्टिव बताई जा रही हैं. ये छोटी और घातक पनडुब्बियां सतह से बहुत दूर, समुद्र की गहराई में छिपी हुई हैं. अमेरिकी नौसेना के लिए बड़ी चुनौती बन गई हैं.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्यों महत्वपूर्ण है?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण जल मार्ग है. यहां से दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है. यह समुद्री रास्ता बहुत संकरा और छिछला है. इसकी औसत गहराई सिर्फ 36 मीटर है. कई जगहें 20 मीटर से भी कम गहरी हैं. ईरान की तट रेखा के पास कुछ जगहें 50-110 मीटर गहरी हैं, लेकिन ज्यादातर क्षेत्र छिछला और शोर भरा है.
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यहां व्यावसायिक जहाजों, तेल ड्रिलिंग प्लेटफॉर्म, मछली पकड़ने वाली नावों और लहरों का शोर बहुत ज्यादा होता है. इससे सोनार सिस्टम काम नहीं कर पाते. बड़े पनडुब्बी-विरोधी जहाज और हवाई जहाज इन छोटी पनडुब्बियों को आसानी से ढूंढ नहीं पाते. इसलिए ईरान के लिए यह जगह एम्बुश का समुद्री मैदान बन गई है.
गादिर क्लास पनडुब्बी क्या है?
गादिर क्लास ईरान की खुद बनाई हुई छोटी डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बी है. पहली बार 2007 में इसका खुलासा हुआ था. यह पनडुब्बी सिर्फ 29 मीटर लंबी है. 9 मीटर चौड़ी और 8.2 मीटर गहरी ड्राफ्ट वाली है. इसका वजन सतह पर 117 टन और पानी के अंदर 125 टन है.

तुलना के लिए, अमेरिका की ओहायो क्लास न्यूक्लियर पनडुब्बी इससे 150 गुना बड़ा है. गादिर इतनी छोटी है कि 30 मीटर गहरे पानी में भी आसानी से चल सकती है. इसमें सिर्फ 7 लोगों का क्रू होता है. यह लंबी यात्राओं के लिए नहीं, बल्कि छोटे और तेज हमलों के लिए बनाई गई है.
सतह पर यह लगभग 19 किमी/घंटा और पानी के अंदर 14 किमी/घंटा की स्पीड से चल सकती है. बैटरी पर चलते समय यह बहुत कम आवाज करती है, जिससे दुश्मन इन्हें ट्रैक नहीं कर पाता.
समुद्र तल पर छिपने की खास तकनीक
गादिर पनडुब्बी की सबसे बड़ी ताकत यह है कि यह समुद्र के तल पर आराम से बैठ सकती है. इंजन बंद करके छिप सकती है. जब इंजन बंद होता है तो यह सोनार में एक साधारण चट्टान या समुद्री तल जैसी दिखती है.
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शोर भरे पानी और व्यावसायिक जहाजों के बीच यह लगभग गायब हो जाती है. यह क्षमता छिछले पानी में बहुत प्रभावी है. ईरानी तट पर बने भूमिगत ठिकानों और मैंग्रोव जंगलों की मदद से ये पनडुब्बियां बिना दिखे रसद ले सकती हैं. दोबारा हमला करने के लिए तैयार हो सकती हैं.
घातक टॉरपीडो और माइन्स
छोटे आकार के बावजूद गादिर बहुत खतरनाक हथियार ले जा सकती है. इसमें दो 533 मिलीमीटर टॉरपीडो ट्यूब हैं. सबसे खतरनाक हथियार हूट सुपरकैविटेटिंग टॉरपीडो (Hoot torpedo) है. यह टॉरपीडो पानी में 360 किमी/घंटा की स्पीड से चल सकता है. इतनी तेज स्पीड से कोई भी जहाज बचाव नहीं कर पाता. एक हूट टॉरपीडो एयरक्राफ्ट कैरियर जैसे बड़े जहाज को भी बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है.

इसके अलावा गादिर जास्क-2 क्रूज मिसाइल भी पानी के अंदर से दाग सकती है, जिसकी रेंज 300 किलोमीटर तक है. सबसे बड़ा खतरा माइन्स बिछाने की क्षमता है. एक गादिर रात में 4 से 8 माइन्स बिछा सकती है. ये माइन्स टैंकर, युद्धपोत या किसी भी जहाज को नुकसान पहुंचा सकती हैं. एक माइन मिलने पर पूरा स्ट्रेट कई हफ्तों तक बंद हो सकता है.
एक गादिर पनडुब्बी बनाने में करीब 20 मिलियन डॉलर यानी 185.77 करोड़ रुपये लगते हैं. यानी एक कैरियर की कीमत में ईरान 650 गादिर पनडुब्बियां बना सकता है. एक सस्ता हूट टॉरपीडो लाखों डॉलर का कैरियर को नुकसान पहुंचा सकता है. अमेरिका को इन छोटी पनडुब्बियों को ढूंढने के लिए करोड़ों डॉलर खर्च करने पड़ते हैं, लेकिन ढूंढना आसान नहीं है.
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अनुमानों के अनुसार ईरान के पास कुल 28-30 पनडुब्बियां हैं, जिनमें से ज्यादातर गादिर क्लास हैं. 2026 की शुरुआत में 20 से ज्यादा गादिर पनडुब्बियों को होर्मुज में तैनात किया गया था. अमेरिकी हमलों के बावजूद कई गादिर अब भी एक्टिव बताई जा रही हैं.
अमेरिकी नौसेना पर असर
इस खतरे के कारण अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर ईरानी पानी से काफी दूर रखे गए हैं. अमेरिकी नौसेना को एंटी-सबमरीन युद्ध (ASW) के लिए ज्यादा संसाधन लगाने पड़ रहे हैं. छिछले और शोर भरे पानी में गादिर पनडुब्बियां अमेरिकी तकनीक को चुनौती दे रही हैं.
ईरान की यह रणनीति दिखाती है कि छोटे लेकिन चतुर हथियार भी बड़े दुश्मन को रोक सकते हैं. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अब घुसपैठियों के लिए किल जोन बन चुका है, जहां भूगोल, तकनीक और संख्या का गणित ईरान के पक्ष में काम कर रहा है.