हापुड़ के गढ़ रोड़ पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की लापरवाही की वजह से एक गर्भवती ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया. इलाज के दौरान जच्चा और बच्चा दोनों की मौत हो गई. इतना ही नहीं महिला के शव को सरकारी अस्पताल से एंबुलेंस की सुविधा तक नहीं मिली, जिसके बाद परिवार शव को ई-रिक्शा में लेकर गया.
अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिला घंटों दर्द से तड़पती रही, लेकिन किसी ने भी उसकी सुध नहीं ली और फिर उसकी वहीं पर मौत हो गई. शव को ई-रिक्शा में ले जाते परिजनों का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
बताया जा रहा है की पिलखुआ क्षेत्र के गांव अनवरपुर के रहने वाले रहीमुद्दीन की पत्नी शबनम को डिलीवरी के लिए गढ़ रोड़ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था. परिवार का आरोप है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों ने महिला की डिलीवरी का गंभीर मामला देखते हुए अपने हाथ खड़े कर दिए थे.
इसी दौरान महिला घंटों दर्द से तड़पती रही और इलाज की गुहार लगाती रही. लेकिन किसी भी डॉक्टर ने नहीं सुनी और कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई.
महिला ने तड़प-तड़पकर तोड़ा दम
महिला के पति रहीमुद्दीन का कहना है कि उसकी पत्नी को डिलीवरी के लिए गढ़ रोड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था. डॉक्टरों ने दर्द बढ़ाने की दवाई दी, फिर उसकी पत्नी घूमने फिरने लगी और थोड़ी देर बाद रहीमुद्दीन को पता चला कि उसकी पत्नी बेहोश हो गई. डॉक्टर उसे मेरठ के लिए रेफर करने को बोल रहे थे. जब परिजनों ने की मांग की तो अस्पताल की ओर से कहा गया कि एंबुलेंस को आने में टाइम लगेगा, लेकिन तब तक उसकी पत्नी की मौत हो गई.
शव को ई-रिक्शा पर लेकर जाना पड़ा
रहीमुद्दीन एक ई-रिक्शा में अपनी पत्नी और बच्चे के शव को लेकर अपने घर गया. रहीमुद्दीन ने स्वास्थ्य विभाग पर आरोप भी लगाए है कि उससे अस्पताल में जबरदस्ती कागजों पर साइन भी कराए गए.
वहीं सीएचसी के अधीक्षक डा.दिनेश खत्री ने बताया कि महिला काफी नाजुक हालत में अस्पताल पहुंची थी. बच्चा अटका हुआ था, उसे एंबुलेंस से ही रेफर किया गया था.