मेघालय के चर्चित हनीमून मर्डर केस यानी राजा रघुवंशी हत्याकांड ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा था. यह मामला मई 2025 से लेकर अब तक चर्चाओं में है. इंदौर की नवविवाहित दंपति राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी की हनीमून यात्रा एक सनसनीखेज हत्याकांड में तब्दील हो गई थी. जिसमें साजिश, गिरफ्तारी, चार्जशीट और जमानत शामिल थी. लेकिन अब ये मामला सुप्रीम कोर्ट तक जा पहुंचा है. पुलिस के अनुसार, यह मामला एक सुनियोजित हत्या की साजिश का था, जबकि आरोपी पक्ष लगातार जांच पर सवाल उठाता रहा है. एक बार फिर से जान लेते हैं, इस पूरे मामले की टाइम लाइन.
11 मई 2025: राजा और सोनम की शादी
इंदौर निवासी राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी की शादी परिवार की सहमति से हुई थी. शादी के बाद दोनों ने हनीमून के लिए पूर्वोत्तर भारत जाने का फैसला किया.
20 मई 2025: हनीमून के लिए रवानगी
शादी के नौ दिन बाद राजा और सोनम इंदौर से मेघालय के लिए रवाना हुए. उन्होंने शिलांग और सोहरा (चेरापूंजी) क्षेत्र में घूमने की योजना बनाई थी.
22 मई 2025: नोंग्रियाट पहुंचे
दंपति सोहरा के प्रसिद्ध नोंग्रियाट गांव पहुंचे. वे डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज देखने गए और वहीं एक होमस्टे में रुके. सीसीटीवी फुटेज में दोनों सामान्य हालत में दिखाई दिए.
23 मई 2025: आखिरी बार जिंदा देखे गए राजा
सुबह दोनों ने होमस्टे छोड़ा. पुलिस के अनुसार, इसी दिन राजा की हत्या की साजिश को अंजाम दिया गया. सोनम ने इसी दिन दोपहर करीब 1:43 बजे अपनी मां से आखिरी बार फोन पर बात की थी. इसके बाद दोनों के मोबाइल बंद हो गए थे.
24 मई 2025: किराए की स्कूटी बरामद
अगले दिन दंपति की किराए पर ली गई स्कूटी शिलांग-सोहरा मार्ग पर लावारिस हालत में मिली. इसके बाद पुलिस और परिजनों ने उनकी तलाश शुरू कर दी.
25 मई से 1 जून 2025: सर्च ऑपरेशन
स्थानीय पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियों ने मिलकर लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया. इस दौरान खून के निशान वाला रेनकोट और अन्य संदिग्ध सुराग मिले थे.
2 जून 2025: राजा रघुवंशी की लाश बरामद
एनडीआरएफ के ड्रोन ने वेई सावडोंग फॉल्स के नीचे एक गहरी खाई में राजा रघुवंशी का शव बरामद किया. शव की पहचान हाथ पर बने टैटू से हुई. पोस्टमार्टम और शुरुआती जांच में हत्या की आशंका जताई गई. इसके बाद मेघालय पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की.
3 से 8 जून 2025: सोनम की तलाश
इसके बाद पुलिस ने सोनम की तलाश तेज की. इस दौरान स्थानीय गाइडों, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल डेटा से जांच आगे बढ़ी. पुलिस को शक हुआ कि घटना में बाहरी लोगों की भूमिका हो सकती है.
9 जून 2025: सोनम रघुवंशी गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से सोनम रघुवंशी को हिरासत में लिया गया. उसी दिन मध्य प्रदेश से राज कुशवाहा समेत अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया. मेघालय पुलिस ने दावा किया कि सोनम ने अपने कथित प्रेमी राज कुशवाहा के साथ मिलकर राजा की हत्या की साजिश रची थी.
जून 2025: हत्या की साजिश का खुलासा
पुलिस जांच में दावा किया गया कि सोनम ने सुपारी देकर हमलावरों को बुलाया था. जांच एजेंसियों ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, गाइड के बयान और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूत जुटाए. हालांकि सोनम के परिवार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए सीबीआई जांच की मांग की.
जुलाई 2025 से मार्च 2026: चार्जशीट और ट्रायल की तैयारी
मेघालय पुलिस ने विस्तृत जांच के बाद चार्जशीट दाखिल की. इस मामले में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और कथित साजिश के पहलुओं को शामिल किया गया. इस दौरान आरोपी न्यायिक हिरासत में रहे.
अप्रैल 2026: सोनम रघुवंशी को जमानत
लगभग 10 महीने जेल में रहने के बाद शिलांग की अदालत ने सोनम रघुवंशी को जमानत दे दी. अदालत ने कहा कि गिरफ्तारी के दस्तावेजों में गंभीर प्रक्रिया संबंधी त्रुटियां थीं, जिनमें हत्या की धारा के बजाय गलत धारा का उल्लेख किया गया था.
मई-जून 2026: जमानत को चुनौती
मेघालय सरकार और राजा रघुवंशी के परिवार ने सोनम की जमानत का विरोध किया. राज्य सरकार ने दावा किया कि जमानत तकनीकी त्रुटि के कारण मिली है और अदालत को गलत धारा का हवाला दिया गया था.
29 जून 2026: मेघालय हाईकोर्ट का फैसला
मेघालय हाईकोर्ट ने निचली अदालत द्वारा दी गई जमानत को बरकरार रखा. अदालत ने कहा कि जमानत आदेश को तत्काल रद्द करने का पर्याप्त आधार नहीं है.
3 जुलाई 2026: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करने की मांग की है. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल सोनम की जमानत पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. हालांकि अदालत ने यह भी संकेत दिया कि हाईकोर्ट के फैसले के कुछ पहलुओं पर उसे प्रथम दृष्टया आपत्ति है और मामले की आगे सुनवाई जारी रहेगी. इस फैसले के बाद फिलहाल सोनम रघुवंशी को राहत मिली हुई है.
सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय सरकार की उस याचिका पर सोनम रघुवंशी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है, जिसमें उसे जमानत देने के हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है. जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की बेंच ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि सोनम पहले ही जमानत पर रिहा हो चुकी है और फिलहाल अदालत उसकी जमानत पर रोक लगाने की इच्छुक नहीं है. अदालत ने यह भी कहा कि वह पहले यह देखेगी कि मामले का ट्रायल किस तरह आगे बढ़ रहा है.
सुनवाई के दौरान मेघालय सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि यह एक बेहद शॉकिंग मामला है. उन्होंने कहा कि चार्जशीट के अनुसार सोनम रघुवंशी कथित तौर पर हत्या की साजिश और उसे अंजाम देने में शामिल थी तथा उसके साथ अन्य आरोपी भी थे. मेहता ने अदालत को बताया कि निचली अदालत ने पहले तीन बार सोनम की जमानत याचिका खारिज की थी. उन आदेशों में अदालत ने प्रथम दृष्टया उसके खिलाफ मजबूत सबूत होने और उसके फरार होने की आशंका जताई थी.
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में यह भी आशंका जताई कि जमानत पर बाहर रहने के दौरान सोनम रघुवंशी गवाहों को प्रभावित या धमका सकती है और मामले से जुड़े सबूतों के साथ छेड़छाड़ की कोशिश कर सकती है. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल उसकी जमानत रद्द करने या उस पर रोक लगाने से इनकार करते हुए मेघालय सरकार की याचिका पर नोटिस जारी कर आगे की सुनवाई का रास्ता खुला रखा है. अब इस बहुचर्चित हनीमून हत्याकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं.
इस मामले में अब तक की स्थिति-
- राजा रघुवंशी हत्याकांड का ट्रायल अभी पूरा नहीं हुआ है.
- सोनम रघुवंशी फिलहाल जमानत पर हैं.
- अन्य सह-आरोपियों के खिलाफ मुकदमा जारी है.
- मेघालय सरकार और राजा के परिजन अब भी जमानत रद्द कराने की कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं.
- सुप्रीम कोर्ट में मामले की आगे की सुनवाई पर पूरे केस की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी.