उत्तर त्रिपुरा जिले में पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 7.5 करोड़ रुपये की याबा टैबलेट्स बरामद की हैं. इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई रविवार रात को नियमित जांच अभियान के दौरान की गई. बरामद नशीले पदार्थों की मात्रा और कीमत को देखते हुए इसे हाल के दिनों की बड़ी सफलताओं में से एक माना जा रहा है.
पुलिस अधीक्षक (SP) अविनाश कुमार राय ने सोमवार को बताया कि दमछेरा थाना क्षेत्र में रविवार रात नियमित चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था. इसी दौरान पुलिस को एक वाहन संदिग्ध नजर आया, जिसे रोककर उसकी तलाशी ली गई. वाहन की जांच के दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित याबा टैबलेट्स मिलीं.
एसपी के अनुसार, पुलिस ने वाहन से करीब 1.5 लाख याबा टैबलेट्स बरामद की हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन नशीली गोलियों की अनुमानित कीमत करीब 7.5 करोड़ रुपये आंकी गई है. बरामदगी के बाद वाहन चालक को गिरफ्तार कर लिया गया और उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.
पुलिस का कहना है कि इस मामले की गहन जांच की जा रही है ताकि इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा सके. जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान तक पहुंचाया जाना था.
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मिजोरम सीमा से सटा दमछेरा क्षेत्र लंबे समय से ड्रग तस्करों के लिए एक अहम कॉरिडोर के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है. याबा टैबलेट, जिसे थाईलैंड में 'क्रेजी मेडिसिन' के नाम से जाना जाता है, अत्यधिक नशे की लत लगाने वाली दवा है. इसमें मेथामफेटामाइन और कैफीन का मिश्रण होता है, जो इसे बेहद खतरनाक बनाता है.