त्रिपुरा (Tripura) पूर्वोत्तर भारत का एक राज्य है (State of India). यह देश का तीसरा सबसे छोटा राज्य है. यह पूर्व में असम और मिजोरम से और उत्तर, दक्षिण और पश्चिम में बांग्लादेश से घिरा है. त्रिपुरा को 8 जिलों और 23 उप-प्रभागों में विभाजित किया गया है. त्रिपुरा की राजधानी अगरतला है, जो राज्य का सबसे बड़ा शहर भी है (Tripura Geographical Location). राज्य में कुल तीन संसदीय क्षेत्र हैं, जिनमें एक राज्यसभा और दो लोकसभा सीटें हैं (Tripura Constituencies).
राज्य का क्षेत्रफल10,491 लर्ग किमी हैं (Tripura Area). 2011 की जनगणना के अनुसार, त्रिपुरा की जनसंख्या 3,671,032 है (Tripura Population) और जनसंख्या घनत्व 350 व्यक्ति प्रति किमी है (Tripura Density). त्रिपुरा 87.75 फासदी साक्षरता दर के साथ भारत के सबसे साक्षर राज्यों में से एक है (Tripura Literacy). राज्य का लिंगानुपात 961 है. राज्य की में सबसे अधिक बंगाली भाषा बोली जाती है, इसके बाद अंग्रेजी और कोकबोरोक (त्रिपुरी) भाषा बोली जाती है (Tripura Languages).
त्रिपुरा का अधिकांश क्षेत्र वन से ढ़का हुआ है, जिसमें बांस और बेंत के इलाके हैं. त्रिपुरा में किसी भी भारतीय राज्य में पाई जाने वाली प्राइमेट प्रजातियों की संख्या सबसे अधिक है. राज्य में सिपाहीजोला, गुमटी, रोवा और तृष्णा वन्यजीव अभयारण्य हैं. राज्य के राष्ट्रीय उद्यान क्लाउडेड लेपर्ड नेशनल पार्क और राजबाड़ी नेशनल पार्क हैं. ये संरक्षित क्षेत्र का कुल 566.93 वर्ग किमी को कवर करते हैं. यहां स्थित गुमटी भी एक महत्वपूर्ण पक्षी क्षेत्र है.सर्दियों में, हजारों प्रवासी जलपक्षी गुमटी और रुद्रसागर झीलों में आते हैं (Tripura Flora and Fauna).
अपने छोटे भौगोलिक क्षेत्र के भीतर, त्रिपुरा पर्यटकों के लिए शानदार महलों, शानदार रॉक-कट नक्काशी और पत्थर की छवियों के रूप में पर्यटकों के लिए बहुत सारे आकर्षण प्रदान करता है. अमरपुर के पास देबतमुरा और बेलोनिया, उदयपुर में प्रसिद्ध माता त्रिपुरेश्वरी मंदिर, जो 51 पीठास्थानों में से एक है, साथ ही, हिंदुओं और बौद्धों के महत्वपूर्ण मंदिर, विशाल प्राकृतिक और साथ ही कृत्रिम झीलें जैसे डंबूर झील मुख्य पर्यटन स्थल हैं (Tripura Tourism).
त्रिपुरा में फुटबॉल और क्रिकेट सबसे लोकप्रिय खेल हैं. राज्य की राजधानी अगरतला में हर साल अपनी खुद की क्लब फुटबॉल चैंपियनशिप होती है जिसमें कई स्थानीय क्लब लीग और नॉकआउट प्रारूप में प्रतिस्पर्धा करते हैं. त्रिपुरा क्रिकेट टीम भारतीय घरेलू क्रिकेट प्रतियोगिता रणजी ट्रॉफी में भाग लेती है (Tripura Games).
त्रिपुरा से कई उल्लेखनीय लोग खेलों में मौजूद हैं जैसे टेनिस खिलाड़ी सोमदेव देववर्मन, दीपा कर्माकर- भारत की पहली महिला जिमनास्ट (Tripura Famous People).
नितिन नवीन ने जिन चार राज्यों में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की है, पंजाब में 76 साल के केवल सिंह ढिल्लों को कमान सौंपा जाना, और दिल्ली में सरकार बनने के बाद वीरेंद्र सचदेवा की विदाई महत्वपूर्ण है. पश्चिम बंगाल की जीत के बाद नितिन नवीन के लिए अगला चैलेंज तो पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 है.
BJP ने दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और त्रिपुरा में नए प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए हैं. दिल्ली बीजेपी की जिम्मेदारी अब केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा को सौंपी गई है. दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और त्रिपुरा में पार्टी ने नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं. पार्टी को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में राज्य में संगठन और मजबूत होगा.
अमित शाह अगले कुछ हफ्तों में देश के कई बॉर्डर इलाकों का दौरा करेंगे और सीमा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे. 25 मई की रात वे राजस्थान के बीकानेर पहुंचेंगे और अगले दिन BSF की सांचू चौकी का दौरा करेंगे. इसके बाद वे गुजरात के भुज, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों का भी दौरा करेंगे.
By Election Results 2026: उपचुनाव 2026 के सभी 7 सीटों के नतीजे घोषित हो चुके हैं, जिसमें बारामती में सुनेत्रा पवार ने रिकॉर्ड अंतर से जीत हासिल की है. कुल मिलाकर बीजेपी ने 4 सीटें जीतीं, जबकि कर्नाटक में कांग्रेस ने दोनों सीटों पर जीत दर्ज कर बढ़त बनाई.
भारत की राजनीति में कभी मजबूत माने जाने वाले वाम दल अब लगातार कमजोर होते जा रहे हैं. पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी जैसे राज्यों में उनकी मौजूदगी सीमित हो चुकी है. अब केरलम, जो वाम दलों का आखिरी मजबूत गढ़ माना जाता है, वहां भी बदलाव के संकेत मिल रहे हैं.
केरलम विधानसभा चुनाव को लेकर एग्जिट पोल में सत्ता परिवर्तन के संकेत सामने आए हैं. एग्जिट पोल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन UDF को सत्ता की तरफ बढ़ते देखा जा रहा है - केरलम में पी. विजयन लेफ्ट का किला बचाए हुए हैं, लेकिन अब हाथ से फिसलता लग रहा है.
भारतीय जनता पार्टी ने 2026 में कई राज्यों में होने वाले विधानसभा उपचुनावों के लिए अपने कैंडिडेट्स की लिस्ट जारी की है.
त्रिपुरा में मुख्यमंत्री माणिक साहा ने सरस मेले का विधिवत उद्घाटन किया. इस मेले में स्थानीय स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उत्पादों को विशेष रूप से बढ़ावा दिया गया है. यह मेला ग्रामीण क्षेत्र की आर्थिक मजबूती और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है.
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा का कहना है कि प्रधानमंत्री जी के प्रयासों से अब तक लगभग दो लाख लोगों को लाभ पहुंचाया गया है. यह योजना इस तरह से बनाई गई है कि लास्ट माइल तक हर बेनिफिशियरी को सीधे फायदा मिले. हम सभी जगह निरंतर विकास कार्य कर रहे हैं और हर दिन नई प्रगति देखने को मिल रही है. सरकार ने यह जिम्मेदारी अपने चुने हुए प्रतिनिधियों को सौंपी है ताकि सभी नागरिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा सके. यही हमारी प्राथमिकता है और हम इसे पूरी मेहनत और निष्ठा से पूरा कर रहे हैं.
देहरादून में त्रिपुरा के छात्र की हत्या के मामले में SIT का गठन किया गया है. पुलिस का दावा है कि अब तक की जांच में नस्लभेदी गाली-गलौज के कोई सबूत नहीं मिले हैं. वहीं, परिजन इसे नस्लीय हमले से जोड़ रहे हैं. फरार मुख्य आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है.
देहरादून के सेलाकुई इलाके में पढ़ाई कर रहे त्रिपुरा के 24 वर्षीय छात्र एंजेल की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी. 9 दिसंबर को हुए विवाद के बाद घायल एंजेल का इलाज चल रहा था. 26 दिसंबर को उसकी मौत हो गई. पुलिस ने एसआईटी गठित कर जांच शुरू कर दी है.
देहरादून में त्रिपुरा के एमबीए छात्र एंजेल चकमा की नस्लीय हमले में मौत का मामला सुप्रीम कोर्ट कोर्ट पहुंच गया है. एक जनहित याचिका दायर करके उत्तर-पूर्वी राज्यों के नागरिकों के खिलाफ नस्लीय अपमान और हिंसा को 'हेट क्राइम' की अलग श्रेणी में मान्यता देने की मांग की गई है.
देश में धर्म, जाति, भाषा और क्षेत्र के नाम पर अपराधों की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं. देहरादून में त्रिपुरा के छात्र की नस्लीय टिप्पणी के विरोध में हत्या की घटना घटी. काशीपुर में कश्मीर के युवक से जबरिया नारे लगवाए गए और बरेली में मुस्लिम युवकों पर हमला किया गया. वाराणसी में जापानी पर्यटक को अभद्रता के आरोप में वहाँ से भेज दिया गया.
देहरादून में त्रिपुरा के MBA छात्र एंजेल चकमा की हत्या ने पूरे देश में गहरा शोक और आक्रोश पैदा कर दिया है. 9 दिसंबर को नस्लीय टिप्पणी का विरोध करने के बाद उन पर अत्यंत हिंसक हमला किया गया था. 17 दिनों तक जिंदगी और मौत से लड़ने के बाद 26 दिसंबर को उनकी मृत्यु हो गई.
24 साल के त्रिपुरा के युवक पर देहरादून में जानलेवा हमला हुआ. अस्पताल में युवक की जान चली गई. इस हमले की वजह और भी अफसोसनाक है. आरोप है कि हमलावरों ने नस्लीय हमले में त्रिपुरा के एंजेल चकमा की जान ले ली. आखिर देश में नफरती हिंसा इतनी बढ़ क्यों रही है? क्या हिंदुत्व के नाम पर कट्टरपंथी और उपद्रवी असामाजिक तत्व कानूनी ढील पाकर मनमानी कर रहे हैं? देखें दंगल.
देहरादून में त्रिपुरा के 24 साल के MBA स्टूडेंट एंजेल चकमा पर चाकुओं से हमला किया गया. 17 दिन तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद अस्पताल में उसकी सांसें थम गईं. अब इस हत्या ने पूरे नॉर्थ ईस्ट में गुस्से की लहर पैदा कर दी है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है.
देहरादून में त्रिपुरा के एक छात्र की हत्या ने उत्तराखंड समेत पूरे नॉर्थ ईस्ट में आक्रोश पैदा कर दिया है. घटना के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है
देहरादून में त्रिपुरा के छात्र एंजल चकमा की हत्या के बाद विरोध प्रदर्शन लगातार बढ़ रहे हैं. पुलिस आरोपियों की खोज में लगी है, लेकिन खबर है कि मुख्य आरोपी नेपाल भाग चुका है. इस घटना ने राजधानी में माहौल तनावपूर्ण कर दिया है और लोग सड़कों पर गुस्सा प्रकट कर रहे हैं. पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा.
देहरादून में 24 वर्षीय त्रिपुरा छात्र एंजल चाकमा पर हुए हिंसक हमले में उसकी मौत हो गई. उसे 17 दिन तक ग्राफिक एरा अस्पताल में इलाज के बावजूद बचाया नहीं जा सका. हमले के दौरान जातीय अपमान और विवाद हुआ था. पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक फरार है और उसके पकड़ने पर 25,000 रुपये का इनाम रखा गया है.
देहरादून पुलिस ने बताया कि एंजल चकमा की मौत हो गई है. पुलिस ने बताया कि घटना के बाद उन्हें इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 17 दिनों तक उनका आईसीयू में इलाज चला, लेकिन शुक्रवार को उनकी मौत हो गई है. अब इस मामले में हत्या की धारा जोड़ दी गई और फरार आरोपी की तलाश तेज कर दी है.
देहरादून में नस्लीय हमले में मारे गए त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा के पिता एक बीएसएफ जवान हैं. उन्होंने आरोपियों के लिए मौत की सज़ा की मांग की है. घटना के बाद नॉर्थ-ईस्ट छात्रों में गुस्सा है, प्रोटेस्ट हो रहे हैं और पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगे हैं.