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सोशल मीडिया पर सोना दिखाना पड़ा भारी, रील्स देखकर चोरों ने तलाश किया घर... फिर उड़ा लिया माल, ऐसे हुआ खुलासा

नागरकोइल में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के घर चोरी का खुलासा हुआ है. पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर 98 सॉवरेन सोना बरामद किया. आरोपियों ने इंस्टाग्राम रील्स और स्कूल आईडी कार्ड से घर की पहचान की थी. पढ़ें पूरी कहानी.

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इस मामले में पुलिस ने कुछ सोना बरामद कर लिया है (सांकेतिक फोटो-ITG)
इस मामले में पुलिस ने कुछ सोना बरामद कर लिया है (सांकेतिक फोटो-ITG)

तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले के नागरकोइल में सोशल मीडिया पर सोने के गहने और पैसे दिखाना एक दंपति को भारी पड़ गया. थम्माथुकोनम वीआईपी गार्डन में रहने वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर विनोद कुमार और उनकी पत्नी मधुमिता के घर चोरी हो गई. पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. उनके कब्जे और आरोपियों से जुड़े लोगों के जरिए अब तक 98 सॉवरेन सोने के आभूषण बरामद किए गए हैं.

दरअसल, 24 सितंबर 2026 को विनोद कुमार और उनकी पत्नी मधुमिता शाम करीब 6 बजे अपने घर से तिरुनेलवेली के लिए निकले थे. दोनों रात करीब 12 बजे वापस लौटे तो घर का पिछला दरवाजा टूटा हुआ मिला. इसके बाद उन्होंने पहली मंजिल पर बने कमरे की जांच की तो वहां रखे सोने के गहने गायब थे. विनोद कुमार ने तुरंत राजाक्कमंगलम पुलिस को इसकी सूचना दी.

पुलिस के मुताबिक, विनोद कुमार और मधुमिता सोशल मीडिया पर रील्स बनाते हैं. इन रील्स में कथित तौर पर वे सोने के गहने और पैसे भी दिखाते थे. चोरी की शिकायत मिलने के बाद राजाक्कमंगलम थाने में भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 331(3), 331(4) और 305(a) के तहत केस दर्ज किया गया. मामले की जांच के लिए कन्याकुमारी के सब-डिविजनल पुलिस अधिकारी प्रकाश के नेतृत्व और राजाक्कमंगलम इंस्पेक्टर की निगरानी में सात विशेष पुलिस टीम बनाई गईं.

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जांच शुरू होते ही पुलिस ने घटनास्थल और उसके आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की. पुलिस टीमों ने अपराध स्थल से लेकर श्रीवैकुंटम तक करीब 160 CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग का विश्लेषण किया. इसके अलावा 32 कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड यानी CDR भी खंगाले गए. इस तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस को श्रीवैकुंटम के इसाक्की पांडी और मुक्कूडल के मुरुगन पर शक हुआ.

कन्याकुमारी के पुलिस अधीक्षक (SP) अंशुल नागर ने बताया कि घटना वाले दिन इलाके में तीन मोटरसाइकिलों की आवाजाही CCTV में दिखाई दी थी. जांच के दौरान पुलिस ने दो मोटरसाइकिलों को संदिग्ध सूची से बाहर कर दिया और तीसरी बाइक की गतिविधियों को पीछे तक ट्रैक किया. नागरकोइल से कन्याकुमारी बॉर्डर तक 160 CCTV कैमरों के जरिए बाइक की आवाजाही का पीछा किया गया. इसी दौरान एक CCTV कैमरे में संदिग्ध का चेहरा और बाइक का नंबर साफ दिखाई दिया.

इसके बाद पुलिस ने स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाकर संदिग्ध की लोकेशन श्रीवैकुंटम तक ट्रैक की. एक चेकपोस्ट पर पुलिस ने बाइक सवार दो लोगों को पकड़ा. पुलिस के मुताबिक, दोनों की पहचान इसाक्की पांडियन और मुरुगन के रूप में हुई और उनके पास से पांच सॉवरेन सोना बरामद हुआ. पूछताछ में दोनों ने कथित तौर पर चोरी में शामिल होने की बात स्वीकार की. पुलिस के अनुसार, इसाक्की पांडियन को मुख्य आरोपी बताया गया है.

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पुलिस अधीक्षक अंशुल नागर के मुताबिक, इसके बाद मुरुगन, मुरुगेसन और थंगापांडियन के भी इस मामले से जुड़े होने की जानकारी सामने आई. पुलिस का कहना है कि इन आरोपियों ने चोरी किए गए गहनों को बेचने का काम किया था. मामले में कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है. जांच के दौरान अब तक 98 सॉवरेन सोने के आभूषण बरामद किए जा चुके हैं और पुलिस चोरी के बाकी सामान तथा पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है.

पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी इसाक्की पांडियन पिछले करीब पांच महीने से विनोद कुमार और मधुमिता के इंस्टाग्राम चैनल को लगातार फॉलो कर रहा था. पुलिस का दावा है कि आरोपी ने सोशल मीडिया पर मौजूद रील्स के जरिए दंपति के घर और उनके पास मौजूद गहनों के बारे में जानकारी जुटाई. उसने घर का नक्शा भी देखा और यह समझने की कोशिश की कि घर में कौन-सी चीज कहां रखी जाती है. इसके बाद उसने चोरी की योजना बनाई.

एसपी अंशुल नागर ने बताया कि आरोपी 1 सितंबर से ही इस घर के आसपास जाकर यह देख रहा था कि दंपति की कार वहां मौजूद है या नहीं. जिस दिन उसे कार घर के बाहर नहीं मिली, उसी दिन चोरी को अंजाम दिया गया. पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने घर की पहचान सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई रील्स के जरिए की थी. इनमें से एक रील में मधुमिता की बेटी का स्कूल आईडी कार्ड भी दिखाई दे रहा था, जिससे घर की पहचान करने में आरोपियों को मदद मिली.

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पुलिस ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और गिरफ्तार आरोपियों से चोरी की पूरी योजना, रेकी और चोरी के बाद गहनों को बेचने के संबंध में पूछताछ की जा रही है. इस केस में CCTV फुटेज और CDR ने जांच को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई. पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद 98 सॉवरेन सोने के अलावा चोरी किया गया कोई अन्य सामान कहां है. मामले में पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है.

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