दिल्ली के में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक युवक ने अपनी पत्नी की हत्या करने के बाद शव को ठिकाने लगाने की साजिश रची, लेकिन उसकी साजिश को उसी के एक दोस्त ने नाकाम कर दिया और मौके पर पुलिस बुला ली. असल में आरोपी ने अपने उस दोस्त को घर बुलाकर शव ठिकाने लगाने में मदद मांगी थी, लेकिन दोस्त की समझदारी और सतर्कता की वजह से पूरा मामला पुलिस के सामने आ गया.
यह घटना मुनिरका के किशनगढ़ थाना इलाके की है. पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान 24 साल के असम निवासी अंशुमन उरांव के रूप में हुई है. जबकि उसकी पत्नी की पहचान अरुणाचल प्रदेश निवासी संगीता भगत के रूप में की गई. वो 20 साल की थी. शुरुआती जांच में सामने आया है कि पति अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता था. इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था. पुलिस का मानना है कि इसी विवाद ने आखिरकार हत्या जैसी सनसनीखेज वारदात का रूप ले लिया.
जिला पुलिस उपायुक्त के मुताबिक, 2 अगस्त को किशनगढ़ थाना पुलिस को पीसीआर के जरिए इस घटना की सूचना मिली. कॉल करने वाले युवक ने बताया कि उसका दोस्त अपनी पत्नी की हत्या कर चुका है और अब शव को ठिकाने लगाने के लिए उससे मदद मांग रहा है. सूचना मिलते ही पुलिस की टीम तुरंत मौके पर जा पहुंची. इसके बाद कॉल करने वाले युवक की निशानदेही पर पुलिस ने आरोपी को उसके घर के बाहर से दबोच लिया.
पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी अंशुमन उरांव ने अपनी पत्नी की हत्या करने की बात कबूल कर ली. जांच में सामने आया कि 1 अगस्त की रात उसने अपने दोस्त को घर बुलाया था. जब दोस्त कमरे में पहुंचा तो उसने देखा कि बिस्तर पर एक चादर में लिपटा हुआ शव रखा था, जिसके चारों तरफ गांठें बांधी गई थीं. आरोपी ने दोस्त के सामने पत्नी की हत्या करने की बात कबूल की और उससे शव को कहीं दूर ले जाकर ठिकाने लगाने में मदद करने का दबाव बनाने लगा.
हालांकि आरोपी का दोस्त इस वारदात में शामिल होने के बजाय समझदारी से काम लिया. उसने पहले किसी तरह अपना मोबाइल फोन वापस मांगा, जिसे आरोपी ने उससे पहले अपने पास रखवा लिया था. मोबाइल हाथ में मिलते ही उसने बहाना बनाकर वहां से बाहर निकलने में सफलता हासिल की. बाहर आते ही उसने तुरंत 112 नंबर पर फोन किया और पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दे दी.
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने खुद को बचाने और पुलिस को गुमराह करने की भी कोशिश की थी. पुलिस के अनुसार, सूचना सामने आने से पहले उसने 112 नंबर पर खुद फोन कर यह झूठी जानकारी दी थी कि मुनिरका की एक सुनसान गली में किसी महिला का शव पड़ा हुआ है. उसका मकसद पुलिस का ध्यान दूसरी जगह भटकाना था, ताकि वह शव को ठिकाने लगाने के लिए समय हासिल कर सके. लेकिन दोस्त की सूचना ने उसकी पूरी योजना पर पानी फेर दिया.
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने महिला का शव बरामद कर लिया है. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. पुलिस सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है. शुरुआती जांच में हत्या की वजह पति का पत्नी के चरित्र पर शक बताया गया है, हालांकि पुलिस अन्य संभावित कारणों की भी पड़ताल कर रही है.