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हैदराबाद में नौकरी से निकाले गए पूर्व सिक्योरिटी गार्ड ने किया 5 साल की बच्ची का मर्डर, मांगी थी 20 लाख की फिरौती

हैदराबाद में पांच साल की बच्ची की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई. इस वारदात को एक पूर्व सिक्योरिटी गार्ड ने अंजाम दिया. जिस पर 20 लाख रुपये की फिरौती मांगने का आरोप है. पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है. पढ़ें पूरी कहानी.

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इस मामले में पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है (फोटो-ITG)
इस मामले में पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है (फोटो-ITG)

तेलंगाना के हैदराबाद में पांच साल की बच्ची की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई. इस वारदात को सोसाइटी के पूर्व सिक्योरिटी गार्ड विक्रम ने अंजाम दिया. आरोपी बिहार का रहने वाला बताया जा रहा है. पुलिस के मुताबिक, विक्रम को खराब व्यवहार के कारण 9 अक्टूबर को नौकरी से निकाल दिया गया था. इसके ठीक एक दिन बाद शनिवार शाम को बच्ची के लापता होने की घटना सामने आई. बच्ची के पिता एक रिसर्च साइंटिस्ट हैं.

घटना शनिवार शाम को कोवूर, बोलारम मे मौजूद एक गेटेड सोसाइटी में उस वक्त अंजाम दी गई, जब बच्ची सोसाइटी के क्लब हाउस में बथुकम्मा उत्सव देखने गई थी. शाम करीब 7:30 बजे उसकी मां ने बेटे से बहन को घर बुलाने के लिए कहा. भाई ने लौटकर बताया कि वह पांच मिनट में वापस आ जाएगी, लेकिन बच्ची घर नहीं पहुंची. परिवार ने क्लब हाउस और आसपास उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला. 

इसी बीच, शाम करीब 7:45 बजे बच्ची के दादा के पास एक अनजान नंबर से फोन आया. फोन करने वाले ने 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी और पैसे लेकर सिकंदराबाद आने को कहा. बाद में उसने बच्ची के पिता को फोन किया और उनकी बेटी को अगवा करने की बात कहकर 20 लाख रुपये मांगे. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने परिवार से रकम बैंक खाते में ट्रांसफर करने को भी कहा. 

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जिस पर परिवार ने पैसे देने की सहमति जता दी, लेकिन बच्ची को सुरक्षित देखने के लिए घरवालों ने वीडियो कॉल करने की मांग की. आरोपी ने वीडियो कॉल करने से इनकार कर दिया. इसके बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस को सूचना दी. जांच के दौरान सोसाइटी के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिनमें बच्ची क्लब हाउस से बाहर जाती दिखाई दी और एक व्यक्ति कुछ दूरी से उसका पीछा करता नजर आया. 

पुलिस ने फिरौती के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर की जांच की तो पता चला कि वह सोसाइटी में काम करने वाले एक सिक्योरिटी गार्ड का था. पूछताछ में गार्ड ने पुलिस को बताया कि विक्रम सोसाइटी में आया था और उसने उसके फोन से कॉल की थी. पुलिस के मुताबिक, एक अन्य सीसीटीवी फुटेज में विक्रम गार्ड को इशारा करता और फिर जल्दबाजी में सोसाइटी से बाहर निकलता दिखाई दिया.

सोसाइटी के दूसरे गार्ड से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस और स्थानीय लोगों ने क्लब हाउस के बेसमेंट में बने पानी के टैंक की तलाशी ली. वहां बच्ची की लाश बरामद हो गई. बच्ची के हाथ-पैर बंधे हुए थे और उसके वजन को बढ़ाने के लिए कमर पर दो ईंटें बांधी गई थीं. पुलिस का आरोप है कि विक्रम ने बच्ची को पानी के टैंक में डुबोकर मार डाला.

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पुलिस ने पहले इस मामले में अपहरण या फिरौती की धाराओं में मामला दर्ज किया था. लेकिन बच्ची की लाश मिलने के बाद मामले में हत्या की धाराएं भी जोड़ दी गईं. सोसाइटी में तैनात सभी सात सिक्योरिटी गार्डों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. जबकि आरोपी की तलाश की जा रही है.

पुलिस के मुताबिक, विक्रम को सोसाइटी ने करीब चार महीने पहले नौकरी पर रखा था और खराब व्यवहार के कारण 9 अक्टूबर को उसे निकाल दिया गया था. वारदात के बाद से आरोपी फरार है और उसकी तलाश में पुलिस की विशेष टीमें बनाई गई हैं.

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