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हैदराबाद में 160 डेटोनेटर की बरामदगी से मचा हड़कंप, पुलिस ने आर्मरी चोरी के कनेक्शन से किया इनकार

हैदराबाद में आर्मी आर्मरी से 12 हथियार चोरी की जांच के बीच बोलारम के एक प्राइवेट वेंचर से 160 डेटोनेटर बरामद हुए हैं. पुलिस ने कहा कि इनका सेना से कोई संबंध नहीं है. पढ़ें इस मामले की पूरी कहानी.

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हैदराबाद के बोलारम इलाके में तलाशी के दौरान 160 डेटोनेटर बरामद किए गए.(सांकेतिक चित्र)
हैदराबाद के बोलारम इलाके में तलाशी के दौरान 160 डेटोनेटर बरामद किए गए.(सांकेतिक चित्र)

हैदराबाद में आर्मी आर्मरी से हथियार चोरी के मामले की जांच के बीच पुलिस को एक बड़ी खेप बरामद हुई है. बोलारम इलाके और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस तलाशी अभियान चला रही थी. इसी दौरान एक प्राइवेट वेंचर से 160 डेटोनेटर बरामद किए गए। इतनी बड़ी संख्या में डेटोनेटर मिलने के बाद इलाके में हलचल तेज हो गई और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी.

हालांकि पुलिस ने साफ कर दिया है कि बरामद किए गए इन डेटोनेटर्स का आर्मी से कोई संबंध नहीं है. मलकाजगिरी के DCP और IPS अधिकारी सीएच श्रीधर ने बताया कि ये डेटोनेटर आर्मी परिसर से बरामद नहीं हुए हैं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ये सेना की संपत्ति नहीं हैं. ऐसे में फिलहाल दोनों घटनाओं को अलग-अलग मामलों के तौर पर देखा जा रहा है.

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि जिस प्लॉट से डेटोनेटर्स बरामद हुए हैं, वहां करीब एक साल या उससे पहले काम करने वाले डेवलपर्स ने इनका इस्तेमाल किया होगा. हालांकि ये उपकरण वहां किसने छोड़े और बाद में इन्हें हटाया क्यों नहीं गया, इसका जवाब अभी नहीं मिला है. पुलिस ने डेटोनेटर्स की बरामदगी के बाद मामला दर्ज कर लिया है और जांच आगे बढ़ा दी है.

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अब पुलिस का फोकस इस बात पर है कि 160 डेटोनेटर्स उस प्राइवेट वेंचर तक कैसे पहुंचे. इनके असली मालिक कौन हैं और इतनी बड़ी संख्या में इन उपकरणों को वहां रखने की वजह क्या थी, इसकी भी जांच की जा रही है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इन्हें किसी निर्माण या दूसरे काम के दौरान इस्तेमाल किया गया था. फिलहाल किसी आपराधिक साजिश की पुष्टि नहीं हुई है.

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दरअसल, डेटोनेटर एक छोटा लेकिन बेहद महत्वपूर्ण उपकरण होता है. इसका इस्तेमाल किसी बड़े विस्फोटक को सक्रिय करने के लिए किया जाता है. आसान भाषा में समझें तो यह विस्फोटक को एक्टिवेट करने वाला ट्रिगर होता है. आमतौर पर डेटोनेटर के जरिए विस्फोटक को निर्धारित तरीके से विस्फोट करने की शुरुआत की जाती है.

यह पूरा मामला उस वक्त सामने आया है, जब मद्रास रेजिमेंट की आर्मरी से 12 हथियार चोरी होने की बात सामने आई थी. हथियार चोरी की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने बोलारम और उसके आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान शुरू किया. पुलिस और संबंधित एजेंसियां चोरी हुए हथियारों की तलाश कर रही हैं. साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हथियार चोरी की इस घटना को किसने अंजाम दिया.

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इसी तलाशी अभियान के दौरान पास के एक इलाके से 160 डेटोनेटर्स की बरामदगी ने जरूर पुलिस का ध्यान खींचा. लेकिन अधिकारियों ने अभी तक दोनों घटनाओं के बीच किसी भी तरह का कनेक्शन होने से इनकार किया है. पुलिस का कहना है कि डेटोनेटर्स की बरामदगी एक अलग मामला है और इसकी जांच अलग तरीके से की जा रही है.

DCP सीएच श्रीधर ने कहा है कि आर्मी आर्मरी से जुड़े हथियार चोरी के मामले में जांच जारी है. जांच के दौरान अगर कोई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आती है तो उसे आधिकारिक तौर पर साझा किया जाएगा. फिलहाल पुलिस एक तरफ चोरी हुए 12 हथियारों की तलाश में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ 160 डेटोनेटर्स के स्रोत और उनके इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है. दोनों मामलों की जांच अलग-अलग एंगल से आगे बढ़ रही है.

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