उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अब पढ़ाई का अंदाज पूरी तरह बदलने जा रहा है. राज्य के बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के छात्रों (कक्षा 1 से 12 तक) को कठिन विषय और टॉपिक्स आसानी से समझाने के लिए डिजिटल माध्यमों का सहारा लिया जाएगा. इसके तहत 'जेन जी' (Gen Z) और 'जेन अल्फा' की पसंद को ध्यान में रखते हुए छोटे-छोटे शॉर्ट्स, रील्स और एनिमेटेड वीडियो तैयार किए जाएंगे.
बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की पहल पर यह डिजिटल लर्निंग प्रोजेक्ट शुरू किया गया है. इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों के डाउट दूर करना और पढ़ाई को उनके लिए इंटरेक्टिव बनाना है. इससे पहले बोर्ड परीक्षाओं और 'निपुण भारत मिशन' के तहत आयोजित ऑनलाइन यूट्यूब सत्रों को शिक्षकों व छात्रों द्वारा काफी पसंद किया जा चुका है.
SIET तैयार करेगा एनिमेटेड वीडियो और रील्स
अब इस पहल की जिम्मेदारी 'राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान' (SIET) को सौंपी गई है. संस्थान शिक्षकों के माध्यम से कठिन विषयों पर रील्स और शॉर्ट्स तैयार करवा रहा है. हाल ही में 'बैगलेस डे' (Bagless Day) पर तैयार किया गया एक वीडियो काफी लोकप्रिय रहा है. इन वीडियो को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए एनीमेशन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाएगा.
यूट्यूब और फेसबुक पर मिलेगी स्टडी सामग्री
छात्रों तक आसानी से सामग्री पहुंचाने के लिए SIET अपना नया यूट्यूब चैनल और फेसबुक पेज भी शुरू करने जा रहा है. शुरुआती चरण में ये वीडियो 'निपुण यूपी' (Nipun UP) के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए जाएंगे. इसके बाद छात्रों से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर कंटेंट में और सुधार किया जाएगा.