scorecardresearch
 

हिसार कोर्ट के बाहर गैंगस्टर विनोद पानू की हत्या, लॉरेंस गैंग की वायरल पोस्ट ने बढ़ाया सस्पेंस!

हिसार कोर्ट परिसर के बाहर गैंगस्टर विनोद पानू उर्फ काणा की गोली मारकर हत्या कर दी गई. वहां 14 राउंड फायरिंग से पूरा कोर्ट परिसर दहल गया. अब इस मामले में लॉरेंस गैंग के नाम से वायरल पोस्ट ने केस को नया मोड़ दिया है. पढ़ें पूरी कहानी.

Advertisement
X
इस मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है (फोटो-ITG)
इस मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है (फोटो-ITG)

हरियाणा के हिसार में गुरुवार दोपहर कोर्ट परिसर के बाहर गैंगस्टर विनोद पानू उर्फ काणा की गोली मारकर हत्या कर दी गई. पार्किंग एरिया में हुई इस वारदात के दौरान ताबड़तोड़ फायरिंग से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. अब लॉरेंस गैंग के नाम से वायरल पोस्ट ने इस मामले में सस्पेंस बढ़ा दिया है. बताया जा रहा है कि हमलावरों ने करीब 14 राउंड गोलियां चलाईं. इस गोलीबारी में विनोद पानू के दो साथी रविंद्र और योगेश भी घायल हुए हैं.

लॉरेंस गैंग के नाम से वायरल पोस्ट

विनोद पानू हत्याकांड में अब सोशल मीडिया पर सामने आई एक पोस्ट और ऑडियो ने नया मोड़ ला दिया है. इसमें लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया है. पोस्ट में हिमांशु सोनीपत नाम के व्यक्ति की ओर से कथित तौर पर कहा गया है कि हिसार में विनोद पानू की हत्या उसी ने की. हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस सोशल मीडिया दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. इसलिए वायरल पोस्ट और ऑडियो में किए गए दावों को फिलहाल केवल दावे के तौर पर ही देखा जा रहा है.

वायरल ऑडियो में कथित तौर पर दावा किया गया है कि वारदात रोहित सोनीपत, अनिल पंडित और हरमन संधु के कहने पर की गई. इसमें विनोद पानू पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं और दावा किया गया है कि वह खुद को बड़ा बदमाश समझता था. पोस्ट में यह भी कहा गया है कि विनोद कुछ लोगों के साथ मिलकर गैंग से जुड़े लोगों को नुकसान पहुंचा रहा था. इन आरोपों और दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस अब यह जांच करेगी कि वायरल सामग्री वास्तविक है या किसी ने भ्रामक तरीके से इसे प्रसारित किया है.

Advertisement

'लॉरेंस के खिलाफ जाने वालों का यही अंजाम...'

कथित वायरल ऑडियो में हिमांशु सोनीपत नाम से बोल रहा शख्स धमकी भरे अंदाज में यह दावा करता सुनाई देता है कि जो भी लॉरेंस के खिलाफ जाएगा, उसका यही अंजाम होगा. ऑडियो में यह भी दावा किया गया है कि कार्रवाई इस बात से प्रभावित नहीं होगी कि संबंधित व्यक्ति देश में है या विदेश में. इस कथित बयान के सामने आने के बाद पुलिस के सामने अब दो अहम सवाल हैं- ऑडियो किसने जारी किया और क्या इसका हिसार हत्याकांड से कोई वास्तविक संबंध है?

फिलहाल पुलिस की आधिकारिक जांच ही इस पूरे मामले की तस्वीर साफ करेगी. पुलिस पहले से गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है और दूसरे संभावित आरोपियों की तलाश जारी है. CCTV, फॉरेंसिक रिपोर्ट, बैलिस्टिक जांच और तकनीकी साक्ष्यों के साथ सोशल मीडिया पोस्ट और ऑडियो की भी जांच की जा सकती है. इसलिए जब तक पुलिस की ओर से पुष्टि नहीं होती, वायरल पोस्ट में किए गए किसी भी दावे को तथ्य मानना सही नहीं होगा.

हिसार एसपी सिद्धांत जैन के मुताबिक, पुलिस को दोपहर करीब 2.50 बजे गोलीबारी की सूचना मिली थी. विनोद पानू की उसी दिन कोर्ट में पेशी थी और वह अपने साथियों के साथ अदालत परिसर पहुंचा था. पुलिस के अनुसार, मौके पर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने तेजी दिखाते हुए एक आरोपी को पकड़ लिया और उसके कब्जे से हथियार बरामद किया. हालांकि, पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हमले में कितने लोग शामिल थे और आरोपी कोर्ट परिसर तक कैसे पहुंचा. मामले की जांच के लिए पांच से छह पुलिस टीमों को अलग-अलग एंगल पर लगाया गया है.

Advertisement

जांच में सामने आया है कि विनोद पानू और उसके करीब 11 साथी पांच साल पुराने एक हत्या के प्रयास के मामले में कोर्ट से बरी हुए थे. इसके बाद सभी लोग वाहनों के काफिले के साथ अदालत परिसर से बाहर निकल रहे थे. इससे पहले का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें विनोद पानू लग्जरी गाड़ियों के काफिले के साथ दिखाई दे रहा है. पुलिस अब इस वीडियो और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच कर रही है. आशंका जताई जा रही है कि सोशल मीडिया पर डाली गई किसी पोस्ट से हमलावरों को विनोद की लोकेशन का पता चला हो, हालांकि इस एंगल की अभी पुष्टि नहीं हुई है.

सूत्रों के मुताबिक, विनोद पानू को पहले से हमले का अंदेशा था. इसी वजह से वह अपनी लग्जरी गाड़ी को कोर्ट परिसर के अंदर ले जाना चाहता था, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने वाहन को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी. इसके बाद वह पैदल ही परिसर की तरफ बढ़ रहा था। इसी दौरान कथित तौर पर दो नकाबपोश हमलावरों ने उस पर फायरिंग शुरू कर दी. अचानक हुई गोलीबारी के बाद कोर्ट परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और लोग सुरक्षित जगहों की तरफ भागने लगे.

कौन था विनोद पानू उर्फ काणा?

Advertisement

विनोद पानू उर्फ काणा का नाम हिसार और आसपास के इलाकों में आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामलों में सामने आता रहा था. पुलिस के मुताबिक उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और लूट समेत कई गंभीर धाराओं में मामले दर्ज थे. उपलब्ध पुलिस जानकारी में उसके खिलाफ 31 आपराधिक मामलों का जिक्र है, जबकि एक पुलिस बयान में यह संख्या करीब 32 बताई गई है. उसके खिलाफ दर्ज मामलों में हत्या से जुड़े आरोप भी शामिल बताए गए हैं.

पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और गैंगवार से जुड़े विवादों को भी खंगाल रही है. विनोद पानू पर हिसार की विधायक सावित्री जिंदल के पीए की हत्या करवाने के आरोप भी लगाए गए थे। हालांकि, इन आरोपों से जुड़े कानूनी पहलुओं को संबंधित मामलों के रिकॉर्ड और पुलिस जांच के आधार पर ही देखा जाना है. फिलहाल कोर्ट परिसर में हुई हत्या की जांच में उसका आपराधिक इतिहास भी एक अहम कड़ी माना जा रहा है.

फिलहाल एक आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और दूसरे संभावित आरोपियों की तलाश चल रही है. घटनास्थल से मिले साक्ष्य और गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के बाद पुलिस को वारदात की कड़ियों को जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है. इस मामले में वायरल सोशल मीडिया पोस्ट और ऑडियो की भी सत्यता जांचना जरूरी है. हम वायरल पोस्ट और ऑडियो में किए गए दावों की पुष्टि नहीं करते हैं और मामले में पुलिस की आधिकारिक जांच और निष्कर्ष का इंतजार है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement